असम राज्य निर्वाचन आयोग ने सोनोवाल कचारी स्वायत्त परिषद (SKAC) के तहत आने वाले 32 निर्वाचन क्षेत्रों में आम चुनाव कराने की पूरी रूपरेखा घोषित कर दी है। चुनावी बिगुल बजने के साथ ही पूरे परिषद क्षेत्र में प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार मतदाता 30 नवंबर को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जबकि मतों की गिनती 3 दिसंबर को पूरी की जाएगी। आयोग ने पूरी चुनावी प्रक्रिया को 5 दिसंबर तक शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
नामांकन, जांच और नाम वापसी की महत्वपूर्ण तिथियां
निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना 3 नवंबर को जारी कर दी गई है। नामांकन दाखिल करने के इच्छुक उम्मीदवार 10 नवंबर तक अपने पर्चे भर सकते हैं। इस दौरान सार्वजनिक छुट्टियों को छोड़कर सभी कार्य दिवसों में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नामांकन पत्र स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद 12 नवंबर को सभी प्राप्त नामांकन पत्रों की विस्तृत जांच की जाएगी और उसी दिन वैध उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी होगी। जो उम्मीदवार चुनाव मैदान से हटना चाहते हैं, वे 16 नवंबर तक अपना नाम वापस ले सकते हैं, जिसके तत्काल बाद अंतिम चुनाव मैदान में डटे प्रत्याशियों की फाइनल सूची सार्वजनिक की जाएगी।
मतदान का समय और पुनर्मतदान की व्यवस्था
मतदान 30 नवंबर को सुबह 7:30 बजे से शुरू होकर शाम 4:00 बजे तक चलेगा। यदि किसी मतदान केंद्र पर तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से पुनर्मतदान की आवश्यकता पड़ती है, तो उसके लिए 1 दिसंबर की तारीख आरक्षित रखी गई है। पुनर्मतदान की स्थिति में भी मतदान का समय सुबह 7:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक ही मान्य रहेगा। इसके बाद 3 दिसंबर को सुबह 8:00 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी और उसी दिन रुझानों व परिणामों की घोषणा कर दी जाएगी।
मतदाताओं की संख्या, मतदान केंद्र और खर्च की सीमा
सोनोवाल कचारी स्वायत्त परिषद के इन चुनावों में कुल 1,63,966 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र हैं। मतदाताओं के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। कुल निर्वाचकों में 84,667 महिला मतदाता, 79,295 पुरुष मतदाता और चार मतदाता अन्य श्रेणी से पंजीकृत हैं। सभी 32 निर्वाचन क्षेत्रों में सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने कुल 337 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं। इसके साथ ही नए मतदाताओं के नाम शामिल करने की प्रक्रिया भी चलाई गई। आयोग ने चुनाव में धनबल पर नजर रखने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार के लिए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा 2 लाख रुपये निर्धारित की है।



















