महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 शुरू होने से ठीक पहले ठाणे और भिवंडी पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय पेपर लीक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई ने उस खतरनाक परीक्षा माफिया नेटवर्क की कलई खोल दी है, जो थोड़े से पैसों के लिए लाखों मेहनती और ईमानदार छात्रों के करियर के साथ खिलवाड़ करने से पीछे नहीं हटते। पुलिस की मुस्तैदी से इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बिहार से जुड़ा है गिरोह का मुख्य सूत्रधार
इस हाई-प्रोफाइल मामले के पीछे जो मुख्य मास्टरमाइंड है, उसकी पहचान बिहार के समस्तीपुर जिले के शेरपुर गांव के निवासी बिजेंद्र गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस फाइलों और जांच रिपोर्ट के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता ही वह शख्स है जो पर्दे के पीछे रहकर रिमोट कंट्रोल की तरह इस पूरे नेटवर्क को चला रहा था। उसी ने दिल्ली होते हुए महाराष्ट्र तक प्रश्नपत्र पहुंचाने की पूरी पटकथा लिखी थी और अपने गुर्गों को भिवंडी भेजा था ताकि परीक्षा को प्रभावित किया जा सके।
25 साल पुराना है आपराधिक इतिहास
जांच में यह भी सामने आया है कि बिजेंद्र गुप्ता इस तरह के अपराधों की दुनिया का कोई नया खिलाड़ी नहीं है। वह करीब 25 वर्षों से देशभर में सक्रिय बड़े पेपर लीक गिरोहों और परीक्षा माफियाओं के साथ गहराई से जुड़ा रहा है। उसे विभिन्न राज्यों में आयोजित होने वाली सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करने, सॉल्वर गैंग बनाने और बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने का बेहद शातिर और पुराना हिस्ट्रीशीटर माना जाता है।
कई राज्यों में फैला है जाल
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश से पता चला है कि इस गिरोह की पहुंच किसी एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े हुए हैं। गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से दो बिहार के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा साथी हरियाणा का निवासी है। इससे साफ है कि इस गिरोह ने महाराष्ट्र की परीक्षा को निशाना बनाने के लिए उत्तर भारत से लेकर पश्चिम भारत तक अपना गहरा जाल बिछा रखा था।













