अमेरिका में केंद्र सरकार ने नाबालिगों के जेंडर ट्रांजिशन इलाज और सर्जरी के लिए दी जाने वाली मेडिकेयड फंडिंग को तुरंत प्रभाव से रोकने का फैसला लिया है। डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों का पालन करते हुए डॉ. मेहमेट ओज़ ने इस बड़े नीतिगत फैसले की घोषणा की। इस कदम से कम उम्र के युवाओं के लिए लिंग परिवर्तन से जुड़ी चिकित्सा सुविधाओं के सरकारी वित्तपोषण पर पूरी तरह विराम लग गया है।
मेडिकेयड फंडिंग पर नए प्रतिबंध और नीतियां
ट्रुथ सोशल पर जारी एक संदेश में डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि करदाताओं के पैसे का उपयोग नाबालिगों पर की जाने वाली जेंडर ट्रांजिशन सर्जरी या हार्मोनल थेरेपी के लिए नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस प्रकार की चिकित्सा प्रक्रियाओं को बच्चों के शरीर के लिए अपरिवर्तनीय और हानिकारक बताया। ट्रंप ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और इस फैसले के बाद अन्य चिकित्सा संस्थानों पर भी ऐसा कदम उठाने का नैतिक दबाव बढ़ेगा।
अस्पतालों पर असर और राजनीतिक खींचतान
विगत डेढ़ वर्षो के दौरान बने राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल के कारण अमेरिका के कई प्रमुख अस्पताल पहले ही नाबालिगों के लिए जेंडर केयर सेवाएं देना बंद कर चुके हैं। आगामी नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव से ठीक पहले आए इस फैसले ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। रिपब्लिकन पार्टी जहां इस नीति का पुरजोर समर्थन कर रही है, वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी की नीतियों के साथ इसका सीधा टकराव देखने को मिल रहा है।
राज्य स्तरीय प्रतिक्रिया और शेयर बाजार पर प्रभाव
संघीय स्तर पर फंडिंग रुकने के बाद अमेरिका के कुछ राज्यों ने अपने स्थानीय कानूनों के माध्यम से ट्रांस युवाओं की चिकित्सा सुविधाओं को सुरक्षा देने की दिशा में कदम उठाए हैं। वहीं वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि स्वास्थ्य नीति में आए इस अचानक बदलाव और नियामक जोखिमों के कारण अमेरिका के हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में अनिश्चितता तथा उतार चढ़ाव बढ़ गया है।

























