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मणिपुर के इंफाल वेस्ट में बीएसएफ के 75 जवान और 3 नागरिक बीमार, फूड प्वॉइजनिंग की आशंका के बाद अस्पताल में भर्तीमणिपुर
15 अक्तू॰ 2026, 6:30 pm (13 दिन पहले)· 2

मणिपुर के इंफाल वेस्ट में बीएसएफ के 75 जवान और 3 नागरिक बीमार, फूड प्वॉइजनिंग की आशंका के बाद अस्पताल में भर्ती

इंफाल वेस्ट में डी/58 बटालियन कैंप के 75 बीएसएफ जवान और 3 नागरिक नाश्ता करने के बाद उल्टी और जी मिचलाने की शिकायत पर रिम्स अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं।

मणिपुर के इंफाल वेस्ट जिले में गुरुवार को संदिग्ध फूड प्वॉइजनिंग का एक बड़ा मामला सामने आया, जहां सीमा सुरक्षा बल के कम से कम 75 जवानों और 3 आम नागरिकों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। नाश्ते के बाद इन सभी को उल्टी और जी मिचलाने जैसी समस्याएं होने लगीं, जिसके बाद दोपहर करीब 1 बजे आनन-फानन में सभी प्रभावित लोगों को अस्पताल ले जाया गया।

इंफाल वेस्ट के कैंप में नाश्ते के बाद बिगड़ी तबीयत

यह घटना लमसांग पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले डी/58 बटालियन कैंप की है। कैंप में सुबह का भोजन करने के बाद जवानों और वहां मौजूद तीन नागरिकों ने पेट संबंधी गंभीर तकलीफों की शिकायत की। हालत बिगड़ते देख कैंप प्रशासन ने तुरंत वाहनों की व्यवस्था की और सभी 78 प्रभावित व्यक्तियों को इलाज के लिए इंफाल स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) पहुंचाया।

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रिम्स के इमरजेंसी वार्ड में त्वरित इलाज, हालत स्थिर

रिम्स के आपातकालीन विभाग में पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने सभी मरीजों को तुरंत मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई। अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल के जवानों और तीनों नागरिकों को इमरजेंसी में तत्काल उपचार दिया गया और अब उनकी हालत स्थिर है। अधिकारी के अनुसार, शुरुआती तौर पर यह मामला संदिग्ध फूड प्वॉइजनिंग का ही नजर आ रहा है।

बीमारी की असली वजह जानने के लिए मेडिकल जांच शुरू

रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक प्रभारी प्रोफेसर एम रामेश्वर ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि फूड प्वॉइजनिंग के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विभिन्न आवश्यक जांचें की जा रही हैं। फिलहाल बीमारी का मूल स्रोत पूरी तरह साफ नहीं हो सका है। प्रभावित लोगों ने नाश्ते में क्या खाया था, क्या सभी ने एक जैसा भोजन साझा किया था और क्या खाद्य पदार्थों के नमूनों को फोरेंसिक या लैब परीक्षण के लिए भेजा गया है, इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। कैंप में हुई इस घटना के पूरे घटनाक्रम और आगे की आधिकारिक जांच को लेकर विस्तृत ब्यौरे की प्रतीक्षा की जा रही है।

सवाल-जवाब

मणिपुर में कितने लोग बीमार हुए हैं?
इस घटना में सीमा सुरक्षा बल के 75 जवान और 3 नागरिक सहित कुल 78 लोग बीमार पड़े हैं।
यह घटना किस जगह और किस कैंप में हुई?
यह घटना मणिपुर के इंफाल वेस्ट जिले में लमसांग पुलिस स्टेशन के अंतर्गत डी/58 बटालियन कैंप में हुई।
मरीजों को किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है?
सभी प्रभावितों को इलाज के लिए इंफाल स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल में भर्ती जवानों और नागरिकों की वर्तमान स्थिति क्या है?
रिम्स के अधिकारियों के अनुसार सभी मरीजों को आपातकालीन उपचार दिया गया है और अब उनकी हालत स्थिर है।
बीमारी के क्या लक्षण देखे गए थे?
नाश्ता करने के बाद प्रभावित व्यक्तियों को उल्टी और जी मिचलाने की शिकायत हुई थी।
फूड प्वॉइजनिंग की असली वजह क्या है?
बीमारी का सटीक कारण अभी तक स्थापित नहीं हुआ है और रिम्स प्रशासन इसकी पुष्टि के लिए आवश्यक परीक्षण करवा रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·12 दिन पहले

मुझे पिछले साल कैंप की मेस में ऐसा ही कुछ याद आ गया जब एक साथ कई जवान बीमार पड़ गए थे। गनीमत है कि इस बार सभी की हालत खतरे से बाहर है और सही समय पर इलाज मिल गया।

Ravikash Gupta@ravikash·12 दिन पहले

जवानों और नागरिकों की एक साथ इतनी बड़ी संख्या में तबीयत बिगड़ना गंभीर मामला है। कैंटीन या मेस के खाने की गुणवत्ता पर तुरंत सख्त जांच होनी चाहिए ताकि असली वजह सामने आ सके।

Rohan Gupta@rohan-gupta·12 दिन पहले

रविकेश जी, बिल्कुल सही कहा आपने। मेस के खाने की क्वालिटी की ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होनी चाहिए, जांच जल्द होनी चाहिए।

Rohan Verma@rohan-verma·12 दिन पहले

कैंप का खाना खाने से इतने सारे जवान एक साथ बीमार हो गए, यह बड़ी लापरवाही है। गनीमत है कि सबकी हालत अब खतरे से बाहर है, वरना बड़ी दिक्कत हो जाती।

Arjun Mehta@arjun-mehta·12 दिन पहले

रोहन, बात तो सही है आपकी। पर क्या नाश्ते के बाद कैंटीन के उस खाने के सैंपल जांच के लिए तुरंत भेज दिए गए थे?

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