घुटनों में दर्द और जकड़न की समस्या अब केवल ढलती उम्र तक सीमित नहीं रही है, बल्कि युवाओं में भी यह तेजी से आम होती जा रही है। खास तौर पर महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस का जोखिम काफी बढ़ जाता है। इस स्थिति के कारण सीढ़ियां चढ़ने, पैदल चलने और अपने दैनिक जीवन के सामान्य कामकाज को पूरा करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। पारंपरिक तौर पर इस बीमारी के उपचार के लिए डॉक्टरों द्वारा दर्द निवारक दवाइयां खाने और नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करने की सलाह दी जाती है।
लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक ऐसे विशेष फाइबर की खोज की है जो घुटनों के दर्द को कम करने के साथ-साथ व्यक्ति की चलने-फिरने की क्षमता में भी सुधार ला सकता है। इस लाभकारी फाइबर का नाम इनुलिन है, जो प्राकृतिक रूप से प्याज, लहसुन, केले और कुछ अन्य चुनिंदा खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। यही वजह है कि इसे अपनी दैनिक खानपान की शैली में शामिल करना बेहद आसान हो जाता है।
यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम के अध्ययन के नतीजे
यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि इनुलिन सप्लीमेंट का सेवन करने वाले मरीजों को घुटनों के दर्द से काफी राहत मिली है। इस शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस से जूझ रहे कुल 117 वयस्कों पर 6 हफ्ते तक बारीकी से अध्ययन किया। परीक्षण में शामिल इन सभी प्रतिभागियों को कुल चार अलग-अलग समूहों में बांटा गया था। इनमें से एक समूह को इनुलिन सप्लीमेंट दिया गया, जबकि दूसरे समूह को डिजिटल फिजियोथेरेपी के माध्यम से विशेष एक्सरसाइज कराई गई। इसके अलावा, तीसरे समूह के लोगों ने इन दोनों ही तरीकों को एक साथ अपनाया, और चौथे नियंत्रण समूह को केवल प्लेसिबो दिया गया।
अध्ययन के परिणामों से पता चला कि इनुलिन का सेवन करने वाले समूह और कसरत करने वाले समूह, दोनों में ही घुटनों के दर्द में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। हालांकि, जिन लोगों ने इनुलिन सप्लीमेंट का सेवन किया था, उनमें पकड़ की ताकत यानी ग्रिप स्ट्रेंथ में सुधार के साथ-साथ दर्द के प्रति संवेदनशीलता में भी कमी देखने को मिली, जो एक सकारात्मक संकेत है।
इनुलिन क्या है और यह शरीर में कैसे काम करता है?
इनुलिन असल में एक खास तरह का प्रीबायोटिक फाइबर होता है जो हमारी आंतों के भीतर मौजूद स्वास्थ्यवर्धक और अच्छे बैक्टीरिया के लिए भोजन के रूप में कार्य करता है। जब ये आंतों के बैक्टीरिया इस इनुलिन को पचाते हैं, तो इसके परिणामस्वरुप शॉर्ट-चेन फैटी एसिड का निर्माण होता है। इन फैटी एसिड्स में ब्यूटिरेट भी शामिल होता है, जो हमारे पूरे शरीर में होने वाली सूजन और दर्द से जुड़ी प्रक्रियाओं को सीधे तौर पर प्रभावित करने की क्षमता रखता है। प्राकृतिक रूप से इनुलिन प्याज, लहसुन, केला, चिकोरी की जड़ और जेरूसलम आर्टिचोक जैसे खाद्य स्रोतों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
आंतों के स्वास्थ्य और घुटनों के दर्द का आपसी संबंध
वैज्ञानिकों ने अपने इस शोध के दौरान यह भी पाया कि जिन लोगों ने नियमित रूप से इनुलिन का सेवन किया था, उनके शरीर में जीएलपी-वन नामक हार्मोन का स्तर भी काफी अधिक मात्रा में मौजूद था। यह विशिष्ट हार्मोन हमारे पाचन तंत्र को नियंत्रित करने के साथ-साथ शरीर की कई अन्य महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रियाओं में भी अपनी एक अहम भूमिका निभाता है। शोधकर्ताओं ने इस हार्मोन के बढ़े हुए स्तर और मरीजों की पकड़ की ताकत में हुए सुधार के बीच एक सीधा संबंध भी देखा है।
क्या हर किसी को इनुलिन सप्लीमेंट का सेवन करना चाहिए?
भले ही कुछ खास लोगों के लिए किसी सप्लीमेंट का सेवन करना नियमित रूप से शारीरिक एक्सरसाइज करने की तुलना में थोड़ा आसान लग सकता है, लेकिन इसका यह बिल्कुल भी मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए कि इनुलिन किसी भी तरह से एक्सरसाइज का कोई विकल्प बन सकता है। इसके अलावा, यह बात भी गांठ बांध लेनी चाहिए कि इनुलिन घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस का कोई पक्का इलाज नहीं है। किसी भी विशेषज्ञ डॉक्टर की बिना सलाह के अपनी दर्द की दवाइयों का सेवन अचानक बंद न करें और न ही अपनी मर्जी से किसी नए सप्लीमेंट को अपनी डाइट में शामिल करें।



















