गूगल क्रोम के 353 सुरक्षा दोष दूर, डेस्कटॉप यूज़र्स को तुरंत नया वर्ज़न इंस्टॉल करने की सलाहलाइकिन रिव्यू (2026): एक मशरूम गार्डन जो किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा दिखता हैकिया努 रीव्स बने नेटफ्लिक्स की एक्शन थ्रिलर 'मेलस्ट्रॉम' का हिस्सा, एलन रिचसन की जगह संभालेंगे कमानअलीबाबा के नए ओपन एआई मॉडल ने बीजिंग के सर्वर पर डेटा भेजने की कोशिश की, सुरक्षा जांच में हुआ खुलासाजालंधर की गलियों से मायानगरी तक का सफर, चाय बेचने और थप्पड़ खाने से लेकर टीवी के कॉमेडी सम्राट बनने की कहानीनाहन में चार दिन के लिए धारा-163 लागू, पंजाब से निहंगों के जुटने की आशंका पर प्रशासन सख्तरणजी ट्रॉफी 2026-27: दूसरे दिन का खेल शुरू, दिल्ली और मुंबई की नजरें बड़े स्कोर परहैरी केन ने जीता बैलोन डी'ओर, इंग्लैंड के लिए 25 साल का लंबा सूखा हुआ समाप्तपाकिस्तान को हर हाल में दुश्मन माने देशवासी, फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भड़के दानिश आजाद अंसारीटाटा कंज्यूमर के शेयरों में शानदार उछाल, दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद 5.5 प्रतिशत की तेजी
मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, प्रतिबंधित संगठनों के तीन उग्रवादी गिरफ्तारमणिपुर
1 अक्तू॰ 2026, 2:58 pm (26 दिन पहले)· 2

मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, प्रतिबंधित संगठनों के तीन उग्रवादी गिरफ्तार

मणिपुर के विभिन्न इलाकों में चलाए गए तलाशी अभियानों के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों ने तीन उग्रवादियों को पकड़ा, जिनमें केसीपी (पीडब्ल्यूजी), प्रेपाक (प्रो) और आरपीएफ/पीएलए के सदस्य शामिल हैं।

मणिपुर के विभिन्न इलाकों में सुरक्षा बलों और पुलिस की संयुक्त टीमों ने 30 सितंबर को अलग-अलग अभियानों के तहत तीन प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए व्यक्तियों के पास से जबरन वसूली से जुड़े मांग पत्र बरामद हुए हैं, जबकि कुछ पर युवाओं की भर्ती और सीमा पार भेजने से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।

इंफाल पश्चिम में तलाशी अभियान और मांग पत्रों की बरामदगी

अपराध जांच विभाग यानी सीडीओ इंफाल पश्चिम की एक टीम ने पटसोई पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले लेइतोंग मानिंग लेइकाई इलाके में सघन तलाशी अभियान संचालित किया। इस कार्रवाई के दौरान कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीपुल्स वॉर ग्रुप) अथवा केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के एक सक्रिय सदस्य को हिरासत में लिया गया। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान 35 वर्षीय खुंद्रकपम बीरेन मेइतेई उर्फ केथाबी उर्फ नानाओ के रूप में हुई है, जो इंफाल पश्चिम जिले के सैरेमखुल मयाई लेइकाई का निवासी है।

तलाशी की इस प्रक्रिया के दौरान पुलिस टीम ने संगठन से जुड़े 19 मांग पत्र भी अपने कब्जे में लिए। इन दस्तावेजों के आधार पर पुलिस संगठन के वित्तीय नेटवर्क और क्षेत्र में अवैध वसूली के प्रयासों की पड़ताल कर रही है।

म्यांमार से घुसपैठ और युवाओं की भर्ती का मामला

एक अन्य अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने चंद्रखोंग सामान्य क्षेत्र में वाहनों की जांच के लिए नाकाबंदी की थी। यह कदम खुफिया जानकारी मिलने के बाद उठाया गया था, जिसमें संकेत मिला था कि म्यांमार से कामजोंग के रास्ते एक वरिष्ठ कैडर की घुसपैठ हुई है। जांच के दौरान पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक (प्रोग्रेसिव) यानी प्रेपाक (प्रो) के एक संदिग्ध वरिष्ठ कैडर को हिरासत में ले लिया गया।

पकड़े गए व्यक्ति की पहचान ककमाई मयाई लेइकाई निवासी 56 वर्षीय मोइरांगथेम बोबोय सिंह उर्फ लैंगम के रूप में हुई है, जिसे संगठन का कथित स्वयंभू कैप्टन बताया गया है। पूछताछ के दौरान सिंह ने बिष्णुपुर जिले के चार किशोरों को संगठन में शामिल करने और उन्हें म्यांमार भेजने की व्यवस्था करने की बात स्वीकार की।

इंफाल पूर्व में भर्ती और परिवहन की तैयारी नाकाम

उसी दिन यानी 30 सितंबर को सीडीओ इंफाल पूर्व की टीम ने खुरई पुथिबा लेइकाई में भी एक विशेष अभियान चलाया। इस कार्रवाई में रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट/पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी आरपीएफ/पीएलए के 46 वर्षीय सदस्य नेप्राम सिंघाजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया।

सिंह नए कैडरों को जोड़ने के काम में लगा हुआ था। वह नवभर्ती किए गए कैडरों को उखरुल की ओर भेजने के मकसद से बस टिकटों का बंदोबस्त करने के लिए इलाके में आया था, जिसे सुरक्षा बलों ने समय रहते दबोच लिया।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने कितने उग्रवादियों को गिरफ्तार किया?
सुरक्षा बलों और पुलिस ने 30 सितंबर को अलग-अलग अभियानों में कुल तीन सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया।
केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के किस सदस्य को पकड़ा गया और क्या बरामद हुआ?
35 वर्षीय खुंद्रकपम बीरेन मेइतेई उर्फ केथाबी को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से 19 मांग पत्र बरामद किए गए।
प्रेपाक (प्रो) से जुड़े आरोपी पर क्या आरोप हैं?
मोइरांगथेम बोबोय सिंह पर म्यांमार से घुसपैठ करने और बिष्णुपुर जिले के चार किशोरों को भर्ती कर म्यांमार भेजने का आरोप है।
आरपीएफ/पीएलए कैडर को कहां और क्यों पकड़ा गया?
नेप्राम सिंघाजीत सिंह को खुरई पुथिबा लेइकाई से पकड़ा गया, जो नए कैडरों को उखरुल भेजने के लिए बस टिकटों का बंदोबस्त कर रहा था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Kavya Nair@kavya-nair·25 दिन पहले

पूर्वोत्तर की खूबसूरती और वहां के इन तनावपूर्ण हालातों के बीच हमेशा एक अजीब सा विरोधाभास सा महसूस होता है। सुरक्षा बलों की ये कार्रवाई जरूरी तो है, पर आखिर कब तक वहां के युवाओं को इन रास्तों पर भटकाया जाता रहेगा?

Ravikash Gupta@ravikash·25 दिन पहले

19 मांग पत्र मिलना साफ बताता है कि ये लोग किस तरह वसूली चला रहे थे।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·25 दिन पहले

@Ravikash Gupta बिल्कुल सही पकड़े, वो 19 मांग पत्र मिलना साफ दिखाता है कि पैसों के लिए कैसे डराया-धमकाया जा रहा था।

Rohan Verma@rohan-verma·25 दिन पहले

इन उग्रवादियों से पूछताछ के बाद क्या सुरक्षा एजेंसियों को म्यांमार सीमा पर चल रहे उस पूरे नेटवर्क का सुराग मिल पाया है जिसके जरिए ये युवाओं को पार भेज रहे थे?

Arjun Mehta@arjun-mehta·25 दिन पहले

रोहन भाई, लगता तो यही है कि जब कप्तानों और रंगदारी वाले पकड़े गए हैं, तो एजेंसियां इस सीमा पार वाले खेल की जड़ तक जरूर पहुंच रही होंगी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp