राजस्थान के खैरथल-तिजारा में साइबर ठगी की जांच के दौरान बड़ा हादसा, पुलिस की मौजूदगी में युवक ने लगाया फंदाउत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव 2026: भाजपा ने बनाई बढ़त, सपा ने दी कड़ी टक्कर; सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी बधाईपारे की सतह पर सोना बनाने का दावा, राजस्थान के वैज्ञानिक लाल बहादुर के प्रयोग की शुरू हुई वैज्ञानिक जांचफरीदाबाद में फर्जी जॉब ऑफर के ज़रिए 89750 रुपये की साइबर ठगी, गाजियाबाद के 3 आरोपी गिरफ्तारराजस्थान के डीग में पंचायत चुनाव के दौरान भड़की हिंसा, सरपंच प्रत्याशियों के गुटों में पथराव से कई घायलयूडीपी से पाला बदलकर एनपीपी में शामिल हुए दो विधायक, मेघालय में बदला राजनीतिक गणित500 करोड़ के ऑडियो क्लिप मामले पर बोले मनोज जरांगे, जांच न होने पर 29 तारीख को दी सीधे टकराव की चेतावनीइलाहाबाद हाई कोर्ट दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम पर आदेश सुरक्षित करने के बाद निर्णय देगा29 अक्टूबर को चंद्रमा का मिथुन राशि में प्रवेश, इन 7 राशियों के खुलेंगे उन्नति के द्वारमैनपुरी विधानसभा सीट का तीन दशक का इतिहास और 2027 के भावी सियासी समीकरण
मेरठ के एक्सिस बैंक करेंसी चेस्ट में पहुंचे 4.63 लाख रुपये के नकली नोट, 186 शाखाओं की जमा राशि की जांच शुरूउत्तर प्रदेश
24 सित॰ 2026, 9:04 am (35 दिन पहले)· 3

मेरठ के एक्सिस बैंक करेंसी चेस्ट में पहुंचे 4.63 लाख रुपये के नकली नोट, 186 शाखाओं की जमा राशि की जांच शुरू

मेरठ स्थित एक्सिस बैंक के मुख्य करेंसी चेस्ट में 13 महीने के ऑडिट के बाद 4 लाख 63 हजार 650 रुपये के जाली नोट पकड़े गए हैं। इस केंद्र से जुड़ी 186 शाखाओं से आए कैश और बैंक कर्मियों की भूमिका की पुलिस पड़ताल कर रही है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बैंकिंग नेटवर्क में जाली नोटों की आवाजाही को लेकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े मामले के बाद अब मेरठ के मंगलपांडे नगर में स्थित एक्सिस बैंक के मुख्य करेंसी चेस्ट में बड़ी तादाद में नकली मुद्रा मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। बैंक के आंतरिक मिलान और ऑडिट के दौरान 4 लाख 63 हजार 650 रुपये मूल्य के जाली नोट पाए गए हैं। इस करेंसी चेस्ट से एक्सिस बैंक की लगभग 186 शाखाएं सीधे जुड़ी हुई हैं, जहां दैनिक कामकाज में एकत्र होने वाली नकदी को अंतिम मिलान और सुरक्षा जांच के लिए भेजा जाता है। इतनी बड़ी तादाद में नकली नोटों का सीधे करेंसी चेस्ट तक पहुंच जाना बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़े कर रहा है।

13 महीने की जमा राशि के ऑडिट में सामने आई गड़बड़ी

इस पूरे मामले का खुलासा बैंक के आंतरिक ऑडिट और जांच प्रक्रिया के दौरान हुआ। हरियाणा के हिसार निवासी और एक्सिस बैंक करेंसी चेस्ट के प्रबंधक सरताज सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बीबीजीटीएस मूर्ति को इस संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पत्र के अनुसार, बैंक प्रबंधन ने 1 दिसंबर 2024 से लेकर 31 दिसंबर 2025 तक, यानी कुल 13 महीनों के दौरान विभिन्न बैंक शाखाओं से चेस्ट में जमा कराई गई पूरी नकदी का सिलसिलेवार परीक्षण किया। इस लंबी अवधि के दौरान जमा हुई भारी नकदी की गहन छंटनी के बाद अलग-अलग मूल्य वर्ग के जाली नोट पकड़े गए।

ये भी पढ़ें

500 से लेकर 10 रुपये तक के कुल 1323 जाली नोट बरामद

आधिकारिक जांच रिकॉर्ड के मुताबिक चेस्ट से कुल 1,323 जाली नोट बरामद किए गए हैं, जिनका कुल मूल्य 4,63,650 रुपये बैठता है। बरामद नकदी में सबसे बड़ा हिस्सा 500 रुपये के नोटों का है, जिनकी संख्या 805 है। इसके अलावा 200 रुपये मूल्य वर्ग के 142 नोट, 100 रुपये के 279 नोट और 50 रुपये के 97 नोट पकड़े गए हैं। जांच में 10 रुपये समेत अन्य छोटे मूल्य वर्ग की जाली मुद्रा मिलने की बात भी सामने आई है। नोटों के भौतिक निरीक्षण में पाया गया कि इनमें से कई नोट काफी पुराने और घिसे हुए थे, जबकि कुछ नोट दो हिस्सों में फटे हुए थे जिन्हें सेलोटेप या गोंद की मदद से दोबारा चिपकाकर जमा कराया गया था।

शाखा स्तर की जांच प्रणाली और कर्मियों की भूमिका पर सवाल

नियमों के तहत किसी भी वाणिज्यिक बैंक की शाखा में जब कोई ग्राहक नकद जमा करता है, तो काउंटर पर ही कैश सॉर्टिंग मशीन और पराबैंगनी किरणों वाली प्रणाली से उसकी प्रामाणिकता जांची जाती है। इसके बाद शाखा स्तर से करेंसी चेस्ट भेजे जाने से पहले भी मिलान किया जाता है। ऐसे में कई स्तरों की अनिवार्य जांच को पार कर इतनी बड़ी संख्या में नकली नोटों का करेंसी चेस्ट तक पहुंच जाना गंभीर लापरवाही या साठगांठ की ओर इशारा करता है। पुलिस अब 186 संबंधित शाखाओं के नकदी जमा रजिस्टर, दैनिक वाउचर और सीसीटीवी रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह नकली खेप किस विशेष शाखा से और किस खातेदार के जरिए बैंक तक पहुंची।

संगठित गिरोह और बैंकिंग मिलीभगत की पड़ताल में जुटी पुलिस

मामले की तफ्तीश कर रहे अधिकारियों का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय कोई संगठित जाली नोट गिरोह सीधे बैंकों के तंत्र में सेंध लगाने में सफल हो गया है। आम नागरिकों के लिए जाली और असली नोट के बारीक अंतर को पहचानना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन यदि अत्याधुनिक मशीनों से लैस बैंक कर्मी भी इन्हें नहीं पकड़ पा रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर सुरक्षा खामी है। पुलिस इस बिंदु पर भी पड़ताल कर रही है कि क्या बैंक के किसी कर्मचारी ने जानबूझकर इन नोटों को स्वीकार किया या फिर यह केवल शाखा कर्मियों की लापरवाही का नतीजा था। जमा रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रेल खंगालने के बाद ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकेगा।

सवाल-जवाब

मेरठ के एक्सिस बैंक करेंसी चेस्ट से कुल कितने रुपये के जाली नोट बरामद हुए हैं?
जांच के दौरान चेस्ट से 4 लाख 63 हजार 650 रुपये मूल्य के कुल 1,323 जाली नोट बरामद किए गए हैं।
इस करेंसी चेस्ट से कितनी बैंक शाखाएं जुड़ी हुई हैं?
मंगलपांडे नगर स्थित इस करेंसी चेस्ट से एक्सिस बैंक की लगभग 186 शाखाएं सीधे जुड़ी हुई हैं।
बरामद नोटों में 500 रुपये के कितने नोट शामिल हैं?
बरामद जाली मुद्रा में 500 रुपये मूल्य वर्ग के 805 नोट शामिल पाए गए हैं।
यह गड़बड़ी कितने समय की नकदी जांच में सामने आई?
यह खुलासा 1 दिसंबर 2024 से 31 दिसंबर 2025 तक, यानी 13 महीने के दौरान जमा हुई नकदी की जांच में हुआ।
मामले में पुलिस से आधिकारिक शिकायत किसने दर्ज कराई है?
एक्सिस बैंक करेंसी चेस्ट के प्रबंधक सरताज सिंह ने एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति को इस संबंध में औपचारिक शिकायत दी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·34 दिन पहले

बैंक काउंटर पर इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट पकड़े न जाना और सीधे करेंसी चेस्ट तक पहुँच जाना गंभीर बात है। लगता है अंदरूनी मिलीभगत की गहराई से जाँच जरूरी है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·34 दिन पहले

मेरठ के इस बैंक में जो हुआ, उसे देखकर मुझे अपने उस पुराने एटीएम की याद आ गई जिससे निकले 500 के नोट पर गांधी जी की आंखें ही गायब थीं! बैंक वाले भी कैसी चेकिंग करते हैं भगवान जाने।

Ravikash Gupta@ravikash·34 दिन पहले

हाहा अर्जुन भाई, गांधी जी की आंखें गायब होना तो फिर भी मज़ेदार था, पर सोचिए 186 शाखाओं से होकर इतना सारा नकली कैश चेस्ट तक पहुंच कैसे गया?

Rohan Verma@rohan-verma·34 दिन पहले

13 महीने तक बैंक को पता ही नहीं चला? इतनी बड़ी लापरवाही पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·34 दिन पहले

रोहन, बिल्कुल सही कहा। पर सवाल यह है कि क्या ये नोट कैश मशीनों से पकड़े गए थे या बैंक कर्मियों ने इन्हें जानबूझकर अंदर जाने दिया?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp