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मेट्रो स्टेशन पर शौचालय इस्तेमाल के लिए 5 या 10 रुपये मांगना कितना सही, जानिए क्या कहते हैं नियमभारत
24 सित॰ 2026, 6:03 pm (1 घंटे पहले)· 0

मेट्रो स्टेशन पर शौचालय इस्तेमाल के लिए 5 या 10 रुपये मांगना कितना सही, जानिए क्या कहते हैं नियम

देश के कई बड़े शहरों में मेट्रो स्टेशनों पर शौचालय के उपयोग के लिए 5 से 10 रुपये वसूले जाने को लेकर यात्री अक्सर उलझन में रहते हैं, जानिए आधिकारिक व्यवस्था और यात्री अधिकार।

देशभर के बड़े शहरों में मेट्रो दैनिक आवागमन का एक अनिवार्य साधन बन चुकी है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ, आगरा, नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में लाखों यात्री हर दिन अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए इस आधुनिक परिवहन प्रणाली का उपयोग करते हैं। तेज रफ्तार और जाम से मुक्त इस सफर के बीच स्टेशनों पर मिलने वाली बुनियादी जनसुविधाओं, विशेष रूप से शौचालयों के इस्तेमाल को लेकर यात्रियों में अक्सर असमंजस देखा जाता है। कई स्टेशनों पर वॉशरूम में प्रवेश करने से पहले कर्मचारियों द्वारा 5 रुपये या 10 रुपये की मांग की जाती है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या नियम वाकई इस तरह के भुगतान की अनुमति देते हैं।

अनपेड और पेड एरिया में सुविधाओं का विभाजन

मेट्रो स्टेशनों की आंतरिक संरचना को दो प्रमुख हिस्सों में बांटा जाता है, अनपेड एरिया और पेड एरिया। टिकट काउंटर, प्रवेश द्वार और सुरक्षा जांच से पहले का हिस्सा अनपेड एरिया कहलाता है, जबकि स्मार्ट कार्ड या क्यूआर कोड स्कैन करके प्रवेश करने के बाद का क्षेत्र पेड एरिया माना जाता है। अधिकांश मेट्रो नेटवर्कों में अनपेड जोन में बने शौचालयों का संचालन बाहरी एजेंसियों या नगर निगमों के सहयोग से 'पे एंड यूज' मॉडल पर किया जाता है। इस हिस्से में साफ-सफाई और रखरखाव के खर्च की भरपाई के लिए निर्धारित शुल्क लिया जाता है।

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सफर के दौरान मिलने वाली सुविधाएं

जब कोई यात्री अपनी यात्रा शुरू करने के लिए सुरक्षा जांच पार कर प्लेटफॉर्म या कॉनकोर्स के पेड एरिया में प्रवेश करता है, तो स्थिति पूरी तरह बदल जाती है। नियमों के तहत टिकटधारक यात्रियों को स्टेशन परिसर के अंदर बुनियादी स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराना सेवा का हिस्सा होता है। कई स्टेशनों पर पेड एरिया के अंदर मौजूद शौचालय निशुल्क होते हैं। यदि किसी स्टेशन पर पेड एरिया में अलग से शौचालय की व्यवस्था नहीं है, तो आपात स्थिति में यात्री स्टेशन कंट्रोलर या ग्राउंड स्टाफ से संपर्क करके अनपेड एरिया के वॉशरूम तक जाने की अनुमति मांग सकते हैं।

स्वच्छता, सुरक्षा और नागरिक अनुशासन

स्टेशनों पर स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ सुरक्षा का पहलू भी बेहद संवेदनशील रहा है। पूर्व में दिल्ली के इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन के महिला शौचालय में एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने की घटना सामने आई थी, जहां कमरा अंदर से बंद था। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर खुले में पेशाब करने जैसी अशोभनीय हरकतों के वीडियो भी सामने आ चुके हैं, जिससे अन्य यात्रियों में भारी आक्रोश देखने को मिला था। मेट्रो प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि परिसर को स्वच्छ रखना यात्रियों की साझा जिम्मेदारी है और नियमों का उल्लंघन करने या गंदगी फैलाने पर जुर्माने का कड़ा प्रावधान लागू रहता है।

सवाल-जवाब

क्या मेट्रो स्टेशन पर शौचालय का उपयोग करने के लिए 5 या 10 रुपये देना जरूरी है?
यदि शौचालय स्टेशन के अनपेड एरिया में है तो वहां तय शुल्क देना पड़ सकता है। हालांकि पेड एरिया के अंदर मौजूद शौचालय आमतौर पर वैध टिकटधारकों के लिए निशुल्क होते हैं।
अगर प्लेटफॉर्म पर शौचालय न हो तो यात्री क्या करें?
यात्री स्टेशन कंट्रोलर या कस्टमर केयर स्टाफ से संपर्क करके अनपेड एरिया के शौचालय का उपयोग करने का अनुरोध कर सकते हैं।
मेट्रो परिसर या प्लेटफॉर्म पर खुले में पेशाब करने पर क्या कार्रवाई होती है?
मेट्रो परिसर में गंदगी फैलाना या खुले में पेशाब करना दंडनीय अपराध है, जिसके लिए मौके पर ही भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
क्या अवैध वसूली की शिकायत स्टेशन पर की जा सकती है?
हां, यदि कोई कर्मचारी अनधिकृत पैसे मांगता है तो स्टेशन के कस्टमर केयर काउंटर पर लिखित शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·24 मिनट पहले

मेट्रो स्टेशनों के बाहर बने शौचालयों में तो अक्सर पैसे देने ही पड़ते हैं, लेकिन क्या सच में हर स्टेशन पर टिकट लेने के बाद अंदर मुफ्त वॉशरूम की सुविधा मिलती है? कई बार ढूंढने पर भी अंदर वॉशरूम नहीं मिलता और फिर बाहर आकर पैसे देने पड़ते हैं, इस पर कोई सख्त नियम क्यों नहीं बनता?

Vikram Yadav@vikram-yadav·23 मिनट पहले

अर्जुन जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। पिछले महीने मुझे भी नोएडा के एक स्टेशन पर अंदर वॉशरूम न मिलने पर बाहर आकर पैसे देने पड़े थे, सच में बहुत परेशानी होती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·47 मिनट पहले

टिकट लेने के बाद भी कई बार वॉशरूम वाले पैसे मांगते हैं, जबकि पेड एरिया में यह सुविधा फ्री होनी चाहिए। इंद्रलोक वाली घटना के बाद सुरक्षा और नियमों पर सवाल उठना लाजिमी है, प्रशासन को इस पर स्पष्ट बोर्ड लगाने चाहिए।

Ravikash Gupta@ravikash·46 मिनट पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। कॉरपोरेट दफ्तरों की तरह मेट्रो स्टेशनों पर भी बुनियादी सुविधाओं के लिए शुल्क वसूलना या क्लेरिटी न होना गलत है, खासकर जब टिकटधारी यात्रियों के लिए ये सेवाएं फ्री होनी चाहिए।

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