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मिर्जापुर में पहली बारिश झेल न सका 64 करोड़ का आमघाट ओवरब्रिज, धंसी एप्रोच रोड पर बैठी 3 सदस्यीय जांच टीमभारत
8 अग॰ 2026, 8:23 am (2 घंटे पहले)· 1

मिर्जापुर में पहली बारिश झेल न सका 64 करोड़ का आमघाट ओवरब्रिज, धंसी एप्रोच रोड पर बैठी 3 सदस्यीय जांच टीम

मिर्जापुर में 64 करोड़ रुपये की लागत से बने आमघाट ओवरब्रिज की एप्रोच रोड महज 7 महीने बाद पहली ही बारिश में धंस गई। घटना के बाद सेतु निगम ने यातायात रोक दिया है और डीएम ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है।

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बने नए आमघाट ओवरब्रिज की एप्रोच रोड पहली ही बारिश में धंसने से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। करीब 64 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ यह ओवरब्रिज महज 7 महीने पहले ही जनता के आवागमन के लिए खोला गया था। सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक धंस जाने के बाद उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने एहतियात के तौर पर ओवरब्रिज से वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है। फिलहाल प्रभावित हिस्से पर मरम्मत का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है।

ठेकेदार और निर्माण की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

आमघाट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य वाराणसी की ठेकेदारी फर्म मनोज केसरी सिंह द्वारा किया गया था। केवल 7 महीने के भीतर ही सड़क की इस बदहाली ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस मामले पर अखिलेश यादव से लेकर कांग्रेस पार्टी ने शासन और सेतु निगम की कार्यप्रणाली पर जमकर हमला बोला है। राजनीतिक सरगर्मी और स्थानीय विरोध के बीच केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी इस मामले पर कड़ा ऐतराज जताया, जिसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया।

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डीएम ने दिए जांच के आदेश, ठेकेदार से ही कराई जा रही मरम्मत

केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की नाराजगी के बाद मिर्जापुर के जिलाधिकारी (डीएम) ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है। यह विशेष टीम एप्रोच रोड धंसने के तकनीकी कारणों की पड़ताल करेगी और अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल ओवरब्रिज बनाने वाली मूल निर्माण एजेंसी को ही अपने स्तर पर सड़क को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

सेतु निगम का दावा, पानी के सिपेज से धंसी सड़क

मामले की जानकारी देते हुए सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक इंजीनियर रोहित मिश्रा ने बताया कि बारिश के बाद एप्रोच रोड के कटने और धंसने का मामला संज्ञान में आया था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सड़क के नीचे किसी हिस्से में पानी का सिपेज (रिसाव) हुआ था, जिसकी वजह से मिट्टी खिसकी और एप्रोच रोड धंस गई। उन्होंने कहा कि सिपेज के अलावा अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर अभी ओवरब्रिज पर आवागमन पूरी तरह बंद है और मरम्मत का काम पूरा होने के बाद कुछ ही दिनों में सड़क को दोबारा चालू कर दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सवाल-जवाब

मिर्जापुर में किस ओवरब्रिज की सड़क धंस गई है?
मिर्जापुर में करीब 64 करोड़ रुपये की लागत से बने आमघाट ओवरब्रिज की एप्रोच रोड पहली ही बारिश में धंस गई है।
आमघाट ओवरब्रिज का निर्माण किस कंपनी या ठेकेदार ने किया था?
इस ओवरब्रिज के निर्माण का टेंडर वाराणसी की फर्म मनोज केसरी सिंह के पास था।
यह ओवरब्रिज जनता के लिए कब खोला गया था?
आमघाट ओवरब्रिज को इस घटना से लगभग 7 महीने पहले ही आवागमन के लिए खोला गया था।
मामले में प्रशासन ने क्या कदम उठाया है?
जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है और ओवरब्रिज पर वाहनों की आवाजाही बंद करके निर्माण करने वाली फर्म से मरम्मत का काम शुरू कराया है।
सेतु निगम के अनुसार सड़क धंसने का क्या कारण है?
परियोजना प्रबंधक ई. रोहित मिश्रा के मुताबिक शुरुआती पड़ताल में सड़क के नीचे पानी के सिपेज (रिसाव) को प्राथमिक वजह माना गया है।
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