झारखंड के साहिबगंज जिले में गंगा नदी के उफान और जलप्रवाह से किनारों पर तेज कटाव शुरू हो गया है, जिससे रेल पटरियों की सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल के तहत आने वाले साहिबगंज और बरहरवा रेलखंड के मध्य यह स्थिति अचानक काफी बिगड़ गई। महाराजपुर एवं सकरीगली स्टेशनों के बीच मौजूद झुंझरी पुल के समीप मंगलवार दोपहर नदी का कटाव अप्रत्याशित रूप से तेज हुआ, जिससे डाउन लाइन पर मौजूद बिजली के खंभे संख्या 219/32 के करीब की जमीन धंस गई। कटाव के चलते नदी का पानी रेल पटरियों से सिर्फ लगभग 15 मीटर की दूरी पर बह रहा है, जिसके कारण रेल प्रशासन को फौरन यातायात नियंत्रण और ट्रैक संरक्षण के कड़े कदम उठाने पड़े हैं।
बोल्डर और मलबे से कटावरोधी कार्य में जुटी रेलवे की टीम
जमीन धंसने और मिट्टी खिसकने की खबर सामने आते ही रेलवे के तकनीकी विभाग और कार्यदल ने तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल की ओर कूच किया। पटरी के समानांतर हो रहे भूकटाव को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर राहत कार्य शुरू किया गया है। ट्रैक के किनारे धंसे हुए गड्ढों और कमजोर स्थानों पर भारी मात्रा में पत्थर के बोल्डर, गिट्टी, गर्दी और अन्य सुरक्षात्मक सामग्री गिराई जा रही है। कर्मचारियों की टीम मौके पर लगातार कैंप कर रही है ताकि पानी के बहाव से मिट्टी का कटना आगे न बढ़ सके और मुख्य ट्रैक के नीचे का आधार पूरी तरह सुरक्षित रहे।
कई ट्रेनें हुईं प्रभावित, यात्रियों को झेलनी पड़ी मुश्किलें
पटरी के निकट कटाव की गंभीरता को भांपते हुए रेल परिचालन में कई तात्कालिक बदलाव किए गए हैं। साहिबगंज से रामपुरहाट जाने वाली डाउन पैसेंजर गाड़ी संख्या 63406 को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया। इसी प्रकार जमालपुर से रामपुरहाट जाने वाली डाउन पैसेंजर गाड़ी संख्या 53408 की यात्रा को गंतव्य से पहले ही समाप्त कर केवल साहिबगंज तक सीमित कर दिया गया। शाम के वक्त करीब पांच बजे साहिबगंज स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर मौजूद रामपुरहाट जाने वाली एक लोकल ट्रेन को भी सुरक्षा कारणों से आगे नहीं बढ़ने दिया गया। यह गाड़ी लगभग डेढ़ घंटे तक प्लेटफॉर्म पर ही खड़ी रही, जिससे दैनिक यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
भागलपुर मार्ग की गाड़ियों के रास्ते बदले, अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
नदी के पानी के नजदीकी दबाव को देखते हुए भागलपुर की दिशा से साहिबगंज की तरफ आने वाली कई प्रमुख ट्रेनों का रास्ता भी बदल दिया गया है। महाराजपुर स्टेशन के प्रबंधक अमरजीत कुमार के अनुसार, खंभा संख्या 219/32 के पास मिट्टी खिसकने की सूचना मिलते ही वरिष्ठ नियंत्रकों और तकनीकी अधिकारियों को तत्काल अलर्ट भेजा गया था। इसके तुरंत बाद विशेष टीमों को राहत उपकरणों के साथ रवाना किया गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मालदा के अपर मंडल रेल प्रबंधक सहित अन्य वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों के भी महाराजपुर पहुंचकर जमीनी निरीक्षण करने की संभावना बनी हुई है। प्रशासन का मुख्य जोर इस बात पर है कि किसी भी सूरत में रेल पटरी को संरचनात्मक नुकसान न पहुंचे और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





















