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मुंबई एयरपोर्ट के पास अवैध मस्जिद हटाने के विरोध में किरीट सोमैया हिरासत मेंमहाराष्ट्र
24 अक्तू॰ 2026, 5:47 pm (2 दिन पहले)· 2

मुंबई एयरपोर्ट के पास अवैध मस्जिद हटाने के विरोध में किरीट सोमैया हिरासत में

मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल दो के नजदीक बनी एक धार्मिक संरचना को अवैध बताते हुए किरीट सोमैया ने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टी2 टर्मिनल के पास स्थित एक मस्जिद को लेकर उपजा विवाद शनिवार को सड़क पर आ गया। इस धार्मिक ढांचे को पूरी तरह से अवैध करार देते हुए विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे किरीट सोमैया और उनके समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। प्रदर्शन के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं के हाथों में हथौड़े भी नजर आए, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करते हुए पुलिस ने यह कदम उठाया।

इस पूरे मामले पर मुखर रुख अपनाते हुए किरीट सोमैया ने जोर देकर कहा कि इस अवैध निर्माण पर नियम के मुताबिक सख्त कार्रवाई होकर रहेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मामले में जनता के सामने झूठ परोसा जा रहा है और अदालत में कोई भी पक्ष विचाराधीन याचिका लेकर नहीं गया है। उनके अनुसार, एमएमआरडीए समेत सभी संबंधित प्रशासनिक महकमों ने इस ढांचे को अवैध घोषित कर रखा है। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने उद्धव ठाकरे, एआईएमआईएम, वारिस पठान, शरद पवार और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और उन पर केवल मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया।

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विरोध जताने के इस तरीके की रूपरेखा पहले ही तैयार कर ली गई थी जब बीते 22 अक्टूबर को किरीट सोमैया ने चेतावनी दी थी कि यदि तय समयसीमा यानी 48 घंटे के भीतर इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया, तो वह खुद हथौड़ा लेकर यहां पहुंचेंगे। उस दौरान उन्होंने इसी जगह के गेट पर बैठकर धरना भी दिया था। उस वक्त उन्होंने यह भी खुलासा किया था कि वर्ष 2014 से पहले इस स्थान पर किसी भी तरह के निर्माण का कोई अस्तित्व नहीं था। कुछ लोगों ने मिलीभगत कर बेशकीमती पांच हजार वर्ग फुट जमीन पर अनधिकृत कब्जा जमा लिया और टिन शेड खड़े करके इसे धार्मिक स्थल का रूप दे दिया। इतना ही नहीं, वहां बिजली और पानी के अस्थायी कनेक्शन तक हासिल कर लिए गए।

प्रशासनिक स्तर पर इस अनधिकृत कब्जे की शिकायत मुंबई पुलिस, एमएमआरडीए और बीएमसी से पहले ही की जा चुकी है। उनका तर्क था कि यदि इस अवैध कब्जे को जल्द नहीं गिराया गया तो यह स्थाई रूप ले लेगा। इसी चेतावनी को अमलीजामा पहनाने के लिए जब वह शनिवार को मौके पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। दूसरी तरफ, राजनीतिक हलकों में भी इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने बीते शुक्रवार को मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती से मुलाकात कर किरीट सोमैया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की औपचारिक मांग उठाई थी। उनका कहना था कि जब मामला अदालत के विचाराधीन है, तो इस तरह कानून अपने हाथ में लेकर आंदोलन करने का अधिकार किसी को नहीं मिलता है।

कांग्रेस पार्टी ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर तीखा विरोध दर्ज कराया है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किरीट सोमैया और भारतीय जनता पार्टी की पूरी कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की हरकतें करना और समाज में हिंदू-मुसलमान के मुद्दों पर ध्रुवीकरण की राजनीति करना ही उनका मुख्य एजेंडा बन चुका है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इस प्रकार की गतिविधियों को राज्य सरकार का अंदरूनी समर्थन प्राप्त है। उन्होंने मांग की कि सरकार को ऐसे तत्वों का साथ देने के बजाय उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।

इस पूरे विवाद के बीच दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे और तर्क हैं। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह पूरा मामला उच्च न्यायालय और एमएमआरडीए के समक्ष लंबित है, जिसके चलते इस पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है। इसके विपरीत, किरीट सोमैया और उनके समर्थक किसी भी मामले के अदालत में लंबित होने से साफ इनकार कर रहे हैं और प्रशासनिक प्राधिकरणों द्वारा इसे अवैध ठहराए जाने का हवाला दे रहे हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि स्थानीय प्रशासन इस संवेदनशील मसले पर अगला क्या कदम उठाता है।

सवाल-जवाब

किरीट सोमैया को पुलिस ने क्यों हिरासत में लिया?
मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टी2 टर्मिनल के पास स्थित एक मस्जिद को अवैध बताते हुए हथौड़ा लेकर प्रदर्शन करने के कारण पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।
किरीट सोमैया ने इस मस्जिद के बारे में क्या दावा किया है?
उन्होंने दावा किया कि यह मस्जिद 2014 के बाद अवैध रूप से पांच हजार वर्ग फुट जमीन पर बनाई गई है और एमएमआरडीए समेत सभी संबंधित अधिकारियों ने इसे अवैध घोषित किया है।
मस्जिद विवाद पर मुस्लिम पक्ष और अन्य नेताओं का क्या कहना है?
मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह मामला हाईकोर्ट और एमएमआरडीए के पास लंबित है, जबकि वारिस पठान और हर्षवर्धन सपकाल ने इस तरह के विरोध प्रदर्शनों पर कड़ा ऐतराज़ जताया है।
वारिस पठान ने पुलिस कमिश्नर से क्या मांग की थी?
एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने मुंबई पुलिस कमिश्नर से मिलकर किरीट सोमैया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Tanvi Desai@tanvi-desai·2 दिन पहले

हाथ में हथौड़ा लेकर प्रदर्शन करने पहुंचना कौन सा तरीका है यार, राजनीति के चक्कर में कुछ भी हो रहा है।

Ravikash Gupta@ravikash·2 दिन पहले

हाथ में हथौड़ा लेकर अवैध निर्माण गिराने की धमकी देना और फिर एयरपोर्ट के पास जाकर धरना देना वाकई गजब है। पुलिस ने इन्हें सही समय पर रोक लिया वरना मामला और बिगड़ जाता।

Michael Anderson@michael-anderson·2 दिन पहले

रविकेश जी, मैं पिछली बार जब मुंबई गया था, तब एयरपोर्ट के पास ऐसा ही ड्रामा देखा था। पुलिस ने ठीक वक्त पर रोक लिया वरना बात बहुत आगे बढ़ जाती।

Rohan Verma@rohan-verma·2 दिन पहले

हथौड़ा लेकर खुद ही निर्माण गिराने निकल पड़ना कौन सा तरीका है भई। जब मामला प्रशासन और पुलिस के हाथ में है, तो ऐसे हंगामा करने से क्या फायदा? समझ नहीं आता कि नेता लोग कानून को अपने हाथ में लेने से क्यों नहीं बाज आते।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 दिन पहले

रोहन भाई, सही कहा आपने! वैसे उस पाँच हज़ार वर्ग फीट ज़मीन वाले दावे पर भी तो जाँच होनी चाहिए कि 2014 से पहले वहाँ सच में कुछ नहीं था या नहीं।

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