भारतीय रेलवे देश के बड़े शहरों से लेकर दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों तक फैली हुई है, जिसे अक्सर देश की जीवनरेखा कहा जाता है। प्रतिदिन लाखों यात्री ट्रेन सेवा का उपयोग करते हैं, जिसके चलते रेल संपत्तियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। गैरकानूनी गतिविधियों और अवैध तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी रखती हैं। इसी सतर्कता के परिणामस्वरूप डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की नागपुर टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। नागपुर रेलवे स्टेशन पर एक विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने 3.09 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का अवैध सोना जब्त किया है और इस मामले में एक यात्री को गिरफ्तार किया है।
गुप्त सूचना के बाद ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस में बिछाया गया जाल
डीआरआई नागपुर की टीम को पहले से ही इस बात की ठोस खुफिया जानकारी मिली थी कि भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते सोने की अवैध खेप भारतीय सीमा में दाखिल कराई गई है। इस सोने को रेलगाड़ी के माध्यम से देश के अन्य हिस्सों में भेजने की योजना बनाई गई थी। सूचना में स्पष्ट किया गया था कि तस्करी का यह सोना ट्रेन संख्या 12102 ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक व्यक्ति के पास मौजूद है। जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने रणनीति बनाई और नागपुर रेलवे स्टेशन पर विशेष निगरानी दल तैनात कर दिए। जैसे ही ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस नागपुर स्टेशन पर आकर रुकी, अधिकारियों ने संदिग्ध यात्री को चिन्हित कर उसे ट्रेन से नीचे उतार लिया और हिरासत में ले लिया।
16 सोने की छड़ें और 2 किलो 165 ग्राम वजन बरामद
अधिकारियों ने जब हिरासत में लिए गए यात्री के बैग और सामान की गहन जांच की, तो उसमें चालाकी से छिपाकर रखी गई 16 सोने की छड़ें पाई गईं। इन सभी सोने की छड़ों का कुल वजन 2 किलो 165 ग्राम निकला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मौजूदा कीमतों के आधार पर इस खेप का कुल अनुमानित मूल्य 3 करोड़ 9 लाख रुपये से अधिक आंका गया है। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात साफ हो गई है कि यह सोना पूरी तरह से अवैध तरीके से लाया गया था और इसे भारतीय बाजार में खपाने के लिए किसी अन्य शहर में ले जाया जा रहा था।
तस्करी के पूरे सिंडिकेट को बेनकाब करने में जुटी एजेंसी
गिरफ्तार किए गए यात्री को आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है। डीआरआई की जांच टीम अब आरोपी के नेटवर्क, उसके संपर्कों और उन लोगों के बारे में जानकारियां जुटा रही है, जिन्होंने सीमा पार से यह सोना भेजा था और जो इसे प्राप्त करने वाले थे। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सोने को तय प्रक्रिया के तहत सरकारी खजाने में जमा कराने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। साथ ही, भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे क्षेत्रों और ट्रेन मार्गों पर सोने की तस्करी के इस संगठित नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए तलाशी अभियान और चौकसी और तेज कर दी जाएगी।



















