ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह उस वक्त अचानक भगदड़ की स्थिति बन गई, जब सुरक्षा के तमाम इंतजामों को धता बताते हुए एक काले रंग की स्कॉर्पियो सीधे प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर जा पहुंची। सुबह के समय स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही के कारण भारी भीड़ थी, और जैसे ही यात्रियों ने अपनी ओर एक चार पहिया वाहन को तेजी से आते देखा, वहां मौजूद लोगों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले इस इलाके में निजी वाहनों की एंट्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहती है, लेकिन इसके बावजूद यह गाड़ी बिना किसी रोक-टोक के प्रतिबंधित क्षेत्र को पार करती चली गई।
प्रतिबंध क्षेत्र में घुसी गाड़ी, बाल-बाल बची सैकड़ों जानें
घटना कल सुबह लगभग 10 बजे के आसपास घटी। जिस समय यह अनियंत्रित स्कॉर्पियो प्लेटफॉर्म पर दौड़ रही थी, उस वक्त वहां अपनी-अपनी मंजिलों तक जाने वाली ट्रेनों का इंतजार कर रहे हजारों यात्री उपस्थित थे। सिर्फ यात्री ही नहीं, बल्कि स्टेशन परिसर में चल रहे री-डेवलपमेंट और निर्माण कार्यों में जुटे सैकड़ों मजदूर भी मौके पर काम कर रहे थे। ऐसे में कोई भी बड़ा हादसा या जनहानि हो सकती थी। ग्वालियर रेलवे स्टेशन मध्य प्रदेश के प्रमुख रेल जंक्शनों में से एक है, जहां से हर दिन 50 हजार से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है। इतने व्यस्त स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर किसी वाहन का पहुंच जाना सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ट्रेन परिचालन कार्यालय और कैंटीन के सामने से गुजरी स्कॉर्पियो
स्कॉर्पियो चालक ने सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए वाहन को सीधे उस रास्ते पर दौड़ा दिया जो अति-संवेदनशील माना जाता है। यह गाड़ी प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर स्थित मुख्य ट्रेन परिचालन कार्यालय और यात्री कैंटीन के ठीक सामने से होकर आगे बढ़ी। इस क्षेत्र में चौबीसों घंटे अधिकारियों, रेल कर्मचारियों और यात्रियों की भारी चहल-पहल बनी रहती है। प्रतिबंधित क्षेत्र में निजी गाड़ियों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित होने के बाद भी यह वाहन जिस तरह से स्टेशन के भीतर दाखिल हुआ, उसने रेलवे सुरक्षा बल और स्टेशन प्रबंधन के दावों की हवा निकाल दी है।
आरपीएफ को देखते ही कार छोड़कर भागा ड्राइवर
घटना की खबर मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ का पुलिस स्टाफ तुरंत हरकत में आया और प्लेटफॉर्म नंबर 1 की ओर दौड़ा। हालांकि, इससे पहले ही प्लेटफॉर्म पर तैनात आरपीएफ के एक जवान ने गाड़ी को रोकने का प्रयास किया था, लेकिन चालक ने सुरक्षाकर्मी की एक न सुनी और वाहन को लगातार आगे बढ़ाता रहा। जैसे ही आरपीएफ की टीम गाड़ी के करीब पहुंची, चालक को अहसास हो गया कि वह पकड़ा जाएगा। इसके बाद वह चलती गाड़ी को प्लेटफॉर्म पर ही छोड़कर मौके से भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गया। आरपीएफ ने तुरंत स्कॉर्पियो को अपने कब्जे में ले लिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
संजीव कुमार सोनी के नाम पर दर्ज है वाहन, तलाश जारी
वाहनों के नंबर प्लेट की जांच करने पर पता चला कि जब्त की गई काले रंग की स्कॉर्पियो का पंजीयन संजीव कुमार सोनी के नाम पर रजिस्टर्ड है। आरपीएफ पुलिस ने गाड़ी को तुरंत जब्त कर अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही, वाहन मालिक की पूरी कुंडली और आधिकारिक रिकॉर्ड निकालने के लिए परिवहन विभाग से पत्राचार किया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि गाड़ी चला रहा व्यक्ति कौन था और वह किस मकसद से रेलवे प्लेटफॉर्म जैसी संवेदनशील जगह पर गाड़ी लेकर घुसा था।
सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल, पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा घेरा तोड़कर वाहनों का प्लेटफॉर्म तक पहुंच जाना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी कई बार वाहन चालक बेधड़क होकर स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म के अंदर गाड़ियां घुसा चुके हैं। हर घटना के बाद रेलवे प्रशासन और रेल पुलिस सुरक्षा चुस्त-दुरुस्त करने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल उलट नजर आती है। एक आरपीएफ जवान के मौजूद होने के बावजूद भारी-भरकम स्कॉर्पियो का प्लेटफॉर्म पर दौड़ जाना यह दर्शाता है कि प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था कितनी लचर है। इस घटना ने एक बार फिर यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।



















