पंजाब के सीमावर्ती जिले तरनतारन में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पंजाब पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की एक संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से मंगाए गए अत्याधुनिक हथियारों के जखीरे को जब्त किया है। इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने मनजीत सिंह नाम के एक प्रमुख हथियार तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरा अवैध नेटवर्क सीमा पार स्थित तस्करों और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सहयोग से संचालित किया जा रहा था। यदि समय रहते इस खेप को पकड़ा न जाता, तो इन हथियारों का उपयोग राज्य में किसी बड़ी हिंसक वारदात अथवा लक्षित हत्याओं को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था।
तरनतारन के गांव वां तारा में छापेमारी और तस्कर की गिरफ्तारी
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाए गए इस व्यापक सर्च ऑपरेशन का केंद्र तरनतारन जिले का खालड़ा थाना क्षेत्र रहा। पुलिस और बीएसएफ के संयुक्त दस्ते ने खालड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव वां तारा में स्थित आरोपी मनजीत सिंह के आवास पर अचानक छापा मारा। सुरक्षा बलों ने पूरे परिसर को घेरकर गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपी के ठिकाने से भारी मात्रा में घातक हथियार, कारतूस और संचार उपकरण बरामद हुए। मौके से ही आरोपी मनजीत सिंह को हिरासत में ले लिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आरोपी लंबे समय से सीमा पार बैठे हथियार तस्करों के सीधे संपर्क में था और ड्रोन उड़ानों के माध्यम से भेजी जाने वाली खेपों को प्राप्त करने का काम करता था।
बरामद अत्याधुनिक हथियारों और गोला-बारूद की विस्तृत सूची
संयुक्त टीम द्वारा आरोपी मनजीत सिंह के घर पर की गई छापेमारी के दौरान कई तरह के आधुनिक स्वचालित और अर्ध-स्वचालित हथियार बरामद किए गए हैं। बरामद किए गए असले में निम्नलिखित सामग्री शामिल है
- एक अत्याधुनिक MP-9 गन
- एक.30 बोर की बेरेटा पिस्टल
- चार ग्लोक 9mm पिस्टल
- दो.30 बोर की जोराकी पिस्टल
- विभिन्न हथियारों की मैगजीन
- 89 जिंदा कारतूस
- दो मोबाइल फोन (जिनका इस्तेमाल तस्करों से संपर्क साधने में होता था)
बरामद हथियारों की विविधता और उनकी गुणवत्ता इस बात का स्पष्ट संकेत देती है कि यह खेप केवल साधारण आपराधिक गतिविधियों के लिए नहीं, बल्कि संगठित आतंकी और आपराधिक गिरोहों को मजबूत करने के लिए भेजी गई थी। मोबाइल फोन की जांच से सीमा पार के कई महत्वपूर्ण नंबरों और मैसेज का सुराग मिलने की संभावना है।
गैंगस्टर मॉड्यूल और टारगेट किलिंग की बड़ी साजिश का पर्दाफाश
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी मनजीत सिंह से कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं। शुरुआती बयानों से यह खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए गिराई गई यह हथियारों की खेप पंजाब के विभिन्न जिलों में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्कों तक पहुंचाई जानी थी। इन स्वचालित पिस्टल और राइफल का मुख्य उद्देश्य लक्षित हत्याओं (टारगेट किलिंग) की घटनाओं को अंजाम देना था। राज्य में शांति भंग करने और भय का माहौल पैदा करने के लिए आईएसआई के समर्थन से यह साजिश रची गई थी। सुरक्षा बलों की समयबद्ध कार्रवाई ने संभावित आतंकी घटनाओं को समय रहते नाकाम कर दिया है, जिससे एक बड़ा सुरक्षा संकट टल गया है।
थाना खालड़ा में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज और अदालती कार्रवाई
इस पूरे मामले में विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 4 अगस्त 2026 को तरनतारन जिले के थाना खालड़ा में आरोपी मनजीत सिंह के खिलाफ गैर-कानूनी हथियार रखने और तस्करी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने यह मामला आर्म्स एक्ट की धारा 25 तथा धारा 25(6)(7)(8)-54-59 के तहत पंजीकृत किया है। गिरफ्तारी के पश्चात पुलिस टीम ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से पूछताछ आगे बढ़ाने के लिए उसकी पुलिस रिमांड मांगी गई है।
पुलिस रिमांड के दौरान नेटवर्क के अन्य संपर्कों की पड़ताल
अदालत से रिमांड हासिल करने के बाद पुलिस आरोपी मनजीत सिंह से गहन पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि पंजाब के भीतर हथियारों की इस डिलीवरी को किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन से स्थानीय मददगार शामिल हैं। इसके साथ ही, सीमा पार से ड्रोन की लैंडिंग लोकेशन, डिलीवरी का समय और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड अवधि के दौरान राज्य में सक्रिय कई अन्य आपराधिक गिरोहों के नामों का खुलासा हो सकता है।
पश्चिम बंगाल और अमृतसर की घटनाओं के बाद बढ़ा सुरक्षा पहरा
पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व अमृतसर के सीमावर्ती इलाकों में भी ड्रोन के माध्यम से गिराई गई पिस्तौलों, हेरोइन और गोला-बारूद को जब्त करने के मामले सामने आ चुके हैं। इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल में भी पाकिस्तान से जुड़े जासूसी और तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया था। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद पंजाब पुलिस और सीमा सुरक्षा बल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी अत्यधिक बढ़ा दी है। रात के समय ड्रोन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष गश्ती दल और तकनीकी निगरानी प्रणालियों को तैनात किया गया है।



















