राजस्थान के बूंदी जिले की सदर थाना पुलिस ने फर्जी सोने का झांसा देकर एक व्यापारी से 15 लाख रुपये ऐंठने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई में रामनगर कंजर कॉलोनी से दो प्रमुख आरोपियों गोलू और मोनू को दबोच लिया गया। आरोपियों के कब्जे से ठगी गई रकम में से 12 लाख रुपये की नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार भी जब्त की गई है। इस वारदात में शामिल उनका तीसरा साथी मौका पाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।
प्रारंभिक संपर्क और विश्वास जीतने का तरीका
पीड़ित व्यापारी महाराष्ट्र का रहने वाला है। उसकी मुलाकात देवस्थान खाटूश्यामजी के एक स्थानीय व्यापारी के माध्यम से इस जालसाज गिरोह के सदस्यों से हुई थी। ठगों ने पीड़ित को अपनी बातों में फंसाने के लिए एक सुनियोजित योजना तैयार की। सबसे पहले उन्होंने व्यापारी का विश्वास हासिल करने के मकसद से 11 हजार रुपये में असली सोने का एक छोटा टुकड़ा उपलब्ध कराया। व्यापारी ने जब उस सोने की जांच कराई तो उसकी गुणवत्ता बिल्कुल खरी निकली। असली सोना मिलने से व्यापारी को गिरोह पर पूरा भरोसा हो गया और वह सस्ते दाम में अधिक मात्रा में सोना खरीदने का मन बना बैठा।
रामनगर कंजर कॉलोनी में रचा गया ठगी का जाल
विश्वास कायम होने के बाद जालसाजों ने व्यापारी को बेहद कम दरों पर भारी मात्रा में सोना देने का बड़ा लालच दिया। दोनों पक्षों के बीच सौदे की बातचीत पक्की होने के बाद महाराष्ट्र का व्यापारी 15 लाख रुपये की भारी नकदी लेकर बूंदी जिले के रामनगर इलाके में पहुंच गया। योजना के मुताबिक आरोपियों गोलू, मोनू और उनके एक अन्य साथी ने व्यापारी को रामनगर कंजर कॉलोनी बुलाया। वहां उन्होंने असली सोने के बदले पीतल या धातु का बना नकली सोना थमा दिया और व्यापारी से 15 लाख रुपये की नकदी लेकर रफूचक्कर हो गए।
पुलिस कार्रवाई, दो गिरफ्तार और 12 लाख रुपये की बरामदगी
जब व्यापारी को अपने साथ हुई बड़ी ठगी का अहसास हुआ, तो उसने तुरंत बूंदी के सदर थाने पहुंचकर पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामला दर्ज होते ही सदर थाना पुलिस की विशेष टीम हरकत में आई और संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। पुलिस ने रामनगर कंजर कॉलोनी में दबिश देकर आरोपी गोलू और मोनू को गिरफ्तार कर लिया। गहन पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर 12 लाख रुपये की नकदी और एक कार बरामद की गई।
फरार साथी की तलाश और अन्य वारदातों की आशंका
सदर थाना पुलिस अब इस संगठित गिरोह की पूरी कुंडली खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ के दौरान इलाके और आसपास के क्षेत्रों में हुई ठगी की अन्य कई वारदातों का पर्दाफाश हो सकता है। फरार तीसरे आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।



















