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नालंदा में इलाज के दौरान तीन साल के मासूम का निधन, भड़के परिजनों का अस्पताल में तांडवबिहार
27 अग॰ 2026, 5:10 pm (29 दिन पहले)· 2

नालंदा में इलाज के दौरान तीन साल के मासूम का निधन, भड़के परिजनों का अस्पताल में तांडव

बिहार शरीफ स्थित मॉडल अस्पताल में डिहाइड्रेशन से पीड़ित तीन वर्षीय बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा और तोड़फोड़ की। डॉक्टरों पर हुए हमले के विरोध में बंद की गई इमरजेंसी सेवा को 11 बजे बहाल किया गया, जबकि ओपीडी सेवा बंद है।

बिहार के नालंदा जिला अंतर्गत बिहार शरीफ स्थित मॉडल अस्पताल में एक तीन वर्षीय बच्चे की मौत के बाद हालात काफी तनावपूर्ण हो गए। परिजनों ने चिकित्सा सेवा में लापरवाही और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक की अनुपस्थिति का गंभीर आरोप लगाते हुए परिसर में हंगामा खड़ा कर दिया। इस दौरान उग्र परिजनों और स्थानीय लोगों द्वारा अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की गई तथा वहां कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों व डॉक्टरों के साथ हाथापाई की गई। हिंसा के विरोध में आक्रोशित चिकित्सकों ने रात करीब दो बजे से आपातकालीन और ओपीडी सेवाओं को पूरी तरह बंद कर दिया, जिससे इलाज कराने पहुंचे दूर-दराज के मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

बच्चे की मौत के बाद भड़का परिजनों का गुस्सा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, छोटी पहाड़ी मोहल्ले का एक परिवार अपने तीन साल के बीमार बच्चे को लेकर रात लगभग 12 बजे मॉडल अस्पताल पहुंचा था। बालक अत्यधिक डिहाइड्रेशन की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। अस्पताल लाते ही बच्चे को तुरंत शिशु वार्ड में भर्ती कर प्राथमिक उपचार प्रारंभ किया गया। इसी दौरान वार्ड में तैनात डॉक्टर किसी आवश्यक कार्य से SNCU वार्ड की ओर चले गए। इलाज की प्रक्रिया के दौरान ही अचानक मासूम बच्चे की स्थिति बिगड़ी और उसकी मृत्यु हो गई। बच्चे की सांसें थमते ही परिजनों का धैर्य टूट गया और उन्होंने ऑन-ड्यूटी डॉक्टर पर समय पर इलाज न देने तथा वार्ड से अनुपस्थित रहने का सीधा आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया।

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स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट और इमरजेंसी सेवाएं बंद

परिजनों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने अस्पताल के भीतर बने विभिन्न कक्षों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। आपातकालीन वार्ड में उस समय मरीजों का इलाज कर रहे डॉ. अमित कुमार के साथ उग्र भीड़ ने धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और मारपीट की। वहां मौजूद अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को भी निशाना बनाया गया। घटना की भयावहता को देखते हुए अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। इस हिंसक व्यवहार से आहत और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित डॉक्टरों व चिकित्सा कर्मचारियों ने एकजुट होकर रात दो बजे के बाद अस्पताल की इमरजेंसी और ओपीडी सेवाओं को पूर्णतः ठप करने का फैसला लिया। इसके चलते रात भर और सुबह तक कई गंभीर मरीज बिना इलाज के परेशान होते रहे।

प्रशासनिक वार्ता और स्थाई पुलिस पिकेट की मांग

घटना की सूचना मिलते ही स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बिहार थाना और लहेरी थाना की पुलिस टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। बाद में प्रशासनिक स्थिति का जायजा लेने SDO और DSP स्वयं अस्पताल पहुंचे। SDM किसलय श्रीवास्तव ने आंदोलनकारी डॉक्टरों से सीधा संवाद किया, जिसमें चिकित्सकों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर हुए हमले का ब्योरा दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई लंबी बातचीत और जनहित की दुहाई के बाद सुबह 11 बजे से आपातकालीन सेवाओं को पुनः बहाल कर दिया गया। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने स्पष्ट किया कि मरीजों की असुविधा को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी चालू की गई है, हालांकि ओपीडी सेवा फिलहाल स्थगित रखी गई है। डॉक्टरों ने पूरे मामले में आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और अस्पताल परिसर में सुरक्षा हेतु स्थाई पुलिस पिकेट स्थापित करने की प्रमुख मांग रखी है।

सवाल-जवाब

नालंदा के मॉडल अस्पताल में विवाद क्यों हुआ?
अस्पताल में इलाज के दौरान एक तीन वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ और मारपीट की।
बच्चे को किस बीमारी के चलते भर्ती कराया गया था?
छोटी पहाड़ी मोहल्ले के निवासी तीन साल के बच्चे को गंभीर डिहाइड्रेशन की समस्या होने पर रात 12 बजे भर्ती कराया गया था।
घटना के बाद अस्पताल की सेवाएं कब ठप हुईं?
डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हुई मारपीट के विरोध में रात 2 बजे के बाद इमरजेंसी और ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गईं।
अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं कब बहाल की गईं?
प्रशासनिक अधिकारियों और डॉक्टरों के बीच बातचीत के बाद सुबह 11 बजे इमरजेंसी सेवा चालू कर दी गई, हालांकि ओपीडी सेवा अभी भी बंद है।
चिकित्सकों ने सुरक्षा को लेकर क्या मांग की है?
डॉक्टरों ने असामाजिक तत्वों से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल परिसर में स्थाई पुलिस पिकेट बनाने की मांग की है।
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