भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संगठनात्मक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय और राज्य स्तर के संगठन महामंत्रियों के बीच कार्य विभाजन की घोषणा की है। इस नए प्रशासनिक ढांचे के तहत पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समन्वय, विस्तार और संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन का दायित्व सौंपा गया है। अलग-अलग नेताओं के लिए विशिष्ट मुख्यालय और केंद्र भी तय किए गए हैं ताकि वे अपने संबंधित क्षेत्रों में सांगठनिक गतिविधियों का प्रभावी प्रबंधन कर सकें।
राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्रियों को मिले प्रमुख राज्यों के प्रभार
पार्टी की नई व्यवस्था के तहत शिवप्रकाश को राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) का जिम्मा सौंपा गया है। उनका कार्यक्षेत्र आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा होगा, जबकि उनका मुख्य केंद्र मुंबई बनाया गया है। दूसरी तरफ, सौदान सिंह को भी राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) के पद पर तैनात किया गया है। वे बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल राज्यों में पार्टी संगठन का कार्यभार संभालेंगे और उनका केंद्र भुवनेश्वर में स्थित होगा।
विशेष मोर्चों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के लिए नई नियुक्तियां
पार्टी नेतृत्व ने केंद्रीय स्तर पर कुछ विशेष क्षेत्रों के लिए भी दायित्व निर्धारित किए हैं। वी. सतीश को संगठक के तौर पर एससी, एसटी मोर्चा तथा संसदीय कार्यालय के प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है, जिसका केंद्र दिल्ली में रहेगा। इसी प्रकार नागेंद्र को दिल्ली केंद्र के साथ वरिष्ठ कार्यकर्ता संपर्क के संगठक का दायित्व सौंपा गया है, ताकि अनुभवी कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद बना रहे।
पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में सांगठनिक नेतृत्व
विभिन्न राज्यों में प्रदेश संगठन महामंत्रियों और सह संगठन महामंत्रियों की नियुक्तियों के तहत जिम्मेदारी इस प्रकार तय की गई है
- महाराष्ट्र: अजय जामवाल को प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है, जिनका केंद्र मुंबई रहेगा। इसके साथ ही सतीश धोंड को प्रदेश सह महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया गया है, जिनका केंद्र नागपुर होगा और वे महाराष्ट्र के साथ गुजरात, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में जनजाति संपर्क का काम भी देखेंगे।
- आंध्र प्रदेश और तेलंगाना: मधुकर को दोनों राज्यों के लिए प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया गया है, जिनका केंद्र हैदराबाद रहेगा। तेलंगाना में दशरथ को वारंगल केंद्र के साथ प्रदेश सह महामंत्री (संगठन) की भूमिका दी गई है।
- गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश: रत्नाकर को गुजरात के साथ दादरा नगर हवेली एवं दमन और दीव का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है (केंद्र अहमदाबाद), जबकि अरुण बिन्द्राणी को राजकोट केंद्र के साथ गुजरात का प्रदेश सह महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया गया है।
उत्तरी, पूर्वी और मध्य राज्यों की जिम्मेदारियां
उत्तर भारत और पूर्वी राज्यों के संगठनात्मक ढांचे में भी स्पष्ट कार्य विभाजन किया गया है
- उत्तर प्रदेश: धर्मपाल को लखनऊ केंद्र के साथ प्रदेश महामंत्री (संगठन) का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा अभय गिरी को आगरा केंद्र के तहत ब्रज क्षेत्र का संगठक बनाया गया है।
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: मध्य प्रदेश में चंद्रशेखर को भोपाल केंद्र के साथ प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है, वहीं छत्तीसगढ़ में कर्मवीर को रायपुर केंद्र के साथ यह जिम्मेदारी दी गई है।
- बिहार और झारखंड: बिहार में भीष्म दलसानिया को पटना केंद्र के साथ प्रदेश महामंत्री (संगठन) का पद मिला है, जबकि अनंत नारायण मिश्र को पूर्णिया केंद्र के साथ भागलपुर, पूर्णिया और कोसी क्षेत्र के संगठक का प्रभार दिया गया है। झारखंड में पवन साई को रांची केंद्र के साथ प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया गया है।
- दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: पवन राणा को दिल्ली और हरियाणा दोनों के लिए दिल्ली केंद्र से प्रदेश महामंत्री (संगठन) की कमान मिली है। पंजाब और चंडीगढ़ का प्रभार मंत्री श्रीनिवासुलु को सौंपा गया है, जिनका केंद्र चंडीगढ़ होगा।
- अन्य राज्य: हिमाचल प्रदेश में सिद्धार्थन (केंद्र शिमला), उत्तराखंड में फणीन्द्रनाथ शर्मा (केंद्र देहरादून), ओडिशा में मानस मोहंती (केंद्र भुवनेश्वर), पश्चिम बंगाल में अमिताभ चक्रवर्ती (केंद्र कोलकाता), तथा असम और त्रिपुरा में रवींद्र राजू (केंद्र गुवाहाटी) को प्रदेश महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी दी गई है, जिसमें रवींद्र राजू कार्यालय निर्माण का कार्य भी देखेंगे।
इससे पहले पार्टी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभारियों व सह प्रभारियों की सूची भी घोषित की थी, जिसमें स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ तथा हरियाणा और हरीश द्विवेदी को बिहार तथा कर्नाटक का जिम्मा दिया गया था।



















