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नेहा बोरा मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट से मिले दस्तावेज, 28 अक्टूबर को देना होगा जवाबदिल्ली
24 अक्तू॰ 2026, 5:40 pm (6 दिन पहले)· 3

नेहा बोरा मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट से मिले दस्तावेज, 28 अक्टूबर को देना होगा जवाब

दिल्ली हाई कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा मंदिर मार्ग स्थित एसईएम कोर्ट पहुंचीं। मजिस्ट्रेट ने उन्हें कार्यवाही से जुड़े सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं, और इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को तय की गई है।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा से जुड़े कानूनी मामले में नया मोड़ सामने आया है। दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा उनकी अपील ठुकराए जाने के बाद वह मंदिर मार्ग स्थित एसईएम कोर्ट पहुंचीं। इस दौरान मजिस्ट्रेट ने उन्हें नोटिस जारी करने से जुड़े तमाम दस्तावेज आधिकारिक तौर पर सौंप दिए हैं। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कार्यपालक मजिस्ट्रेट को यह सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। अब इस पूरे प्रकरण की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी और इसी तारीख को नेहा को नोटिस का जवाब भी दाखिल करना होगा।

पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से इनकार

इस बीच नेहा बोरा ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर नहीं करेंगी। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें एसईएम कोर्ट के नोटिस को चुनौती दी गई थी। इस नोटिस के तहत उनसे कार्यवाही के दौरान शांति बनाए रखने के लिए जमानत राशि के साथ 10,000 रुपये का बॉन्ड भरने की अपेक्षा की गई थी। उच्च न्यायालय के रुख के बाद उन्होंने इस नोटिस को आगे भी कानूनी मंचों पर चुनौती देने का इरादा जताया है।

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हाई कोर्ट की टिप्पणी और पर्याप्त आधार

शुक्रवार को न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की अदालत ने पुलिस नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि वह इस शुरुआती चरण में रिट याचिका को खारिज कर रहे हैं। अदालत का यह भी कहना था कि विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के पास नेहा के विरुद्ध कार्यवाही शुरू करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज और सामग्रियां मौजूद थीं, इसलिए इस स्तर पर न्यायालय के हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं बनता है।

क्या होता है पीस बॉन्ड और इसके नियम

पीस बॉन्ड एक ऐसा मुचलका होता है जिस पर हस्ताक्षर करने वाला व्यक्ति उसमें तय की गई सभी शर्तों का पालन करने की प्रतिबद्धता जताता है। इसमें यह भी देखना होता है कि किसी खास जगह पर प्रदर्शन पर प्रतिबंध है या नहीं, जो स्थानीय आदेशों और कानूनों पर निर्भर करता है। यदि कोई हस्ताक्षरकर्ता इन शर्तों का उल्लंघन करता है, तो उसे कानूनी रूप से जेल भेजने का प्रावधान है।

सवाल-जवाब

नेहा बोरा किस संगठन से जुड़ी हैं?
नेहा बोरा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष हैं।
अगली सुनवाई कब होगी?
इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिका क्यों खारिज की थी?
अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट के पास कार्रवाई शुरू करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज मौजूद थे, इसलिए शुरुआती स्तर पर दखल देने का कोई आधार नहीं था।
पीस बॉन्ड की राशि कितनी थी?
नोटिस में 10,000 रुपये का बॉन्ड भरने को कहा गया था।
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टिप्पणियाँ 5

Ananya Iyer@ananya-iyer·5 दिन पहले

अब 28 अक्टूबर को ही पता चलेगा कि नेहा क्या फैसला लेती हैं। मामला दिलचस्प होता जा रहा है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·5 दिन पहले

मुझे समझ नहीं आ रहा कि पीस बॉन्ड साइन करने से मना करने पर मामला कैसे सुलझेगा। 28 अक्टूबर को कोर्ट में जवाब देना है, पर जिद से बात और उलझ सकती है।

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·5 दिन पहले

अर्जुन, दस हजार का बॉन्ड और शांति बनाए रखने की शर्त वाकई थोड़ी पेचीदा है, देखना होगा 28 अक्टूबर को क्या होता है।

Rohan Verma@rohan-verma·5 दिन पहले

मुझे वो दिन अच्छे से याद है जब कॉलेज के दिनों में पुलिस थानों और कोर्ट के चक्कर काटने पड़े थे। 28 अक्टूबर की तारीख अब नेहा के लिए बहुत अहम होगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·5 दिन पहले

रोहन, कोर्ट के चक्कर काटने का दर्द वही समझ सकता है जो खुद गुजरा हो। 28 अक्टूबर को देखना होगा कि वह बॉन्ड पर क्या रुख रखती हैं।

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