महाराष्ट्र के जलगांव तालुका अंतर्गत भोकर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में दिनदहाड़े हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोलकर सनसनी फैला दी. दोपहर करीब पौने तीन बजे चार हथियारबंद बदमाश दोपहिया वाहनों पर सवार होकर बैंक परिसर पहुंचे. अपनी पहचान पूरी तरह छिपाने के मकसद से सभी हमलावरों ने सिर पर हेलमेट पहन रखे थे. बैंक की चौखट पार करते ही एक बदमाश ने कर्मचारियों और ग्राहकों के दिलों में खौफ पैदा करने के लिए सीधे फर्श पर गोली चला दी. इस अचानक हुए हमले और धमाके की आवाज से बैंक परिसर में अफरा-तफरी मच गई.
फायरिंग के तुरंत बाद लुटेरों ने बैंक मैनेजर सहित छह कर्मचारियों को घेर लिया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी. विरोध करने का कोई भी मौका दिए बिना हमलावरों ने सभी छह कर्मियों के हाथ-पैर मजबूती से बांध दिए. किसी भी तरह का शोर न मच सके और कोई मदद के लिए गुहार न लगा सके, इसके लिए लुटेरों ने कर्मचारियों के मुंह पर सेलो टेप चिपका दी. पूरे स्टाफ को बंधक बनाकर असहाय करने के बाद बदमाशों ने तिजोरी और स्ट्रांग रूम को अपना निशाना बनाया.
छह बैगों में भरा 36 करोड़ रुपये का सोना और नकदी
कर्मचारियों को काबू में करने के बाद हमलावरों ने बैंक में सुरक्षित रखे गए करीब 27 किलोग्राम सोने के जेवरात और 12.5 लाख रुपये से अधिक की नकदी छह अलग-अलग बैगों में भर ली. इस लूटे गए 27 किलो सोने का कुल बाजार मूल्य लगभग 36 करोड़ रुपये आंका गया है. पूरी रकम और आभूषण समेटने के बाद चारों लुटेरे बैग लेकर अपनी बाइक से मौके से फरार हो गए. वारदात को इतनी तेजी से अंजाम दिया गया कि बाहर मौजूद लोगों को कुछ पलों तक घटना का अहसास ही नहीं हुआ.
लेकिन वारदात को अंजाम देकर भाग रहे डकैतों का यह मंसूबा ज्यादा देर तक टिक नहीं सका. जैसे ही बैंक में डकैती होने का शोर उठा और खबर आसपास के इलाके में फैली, स्थानीय ग्रामीण फौरन हरकत में आ गए. स्थानीय नागरिकों ने बहादुरी का परिचय देते हुए भाग रहे हथियारबंद बदमाशों का तुरंत पीछा करना शुरू कर दिया. भागमभाग के दौरान ग्रामीणों ने घेराबंदी करके एक आरोपी को मौके के करीब ही दबोच लिया और तुरंत पुलिस प्रशासन को सौंप दिया.
चावलखेड़ा रेलवे अंडरपास के पास पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त घेराबंदी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. छानबीन के दौरान पुलिस को इनपुट मिला कि अन्य बदमाश धरणगांव की दिशा की तरफ भागने की फिराक में हैं. इस सूचना के आधार पर धरणगांव के पुलिस निरीक्षक उमाकांत गायकवाड ने तत्काल अपनी पुलिस टीम को मुस्तैद किया और वे चावलखेड़ा की ओर तेजी से रवाना हो गए. चावलखेड़ा में रेलवे अंडरपास के समीप पुलिस टीम और मुस्तैद स्थानीय नागरिकों ने संयुक्त रूप से घेराबंदी की रणनीति बनाई.
इस संयुक्त कार्रवाई में पुलिस और ग्रामीणों ने दो और आरोपियों को घेरकर पकड़ने में कामयाबी हासिल की. पकड़े गए इन आरोपियों के कब्जे से लूट के दो से तीन बैग तुरंत बरामद कर लिए गए. जलगांव के पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे ने भी इस पूरे घटनाक्रम और बरामदगी की पुष्टि करते हुए बताया कि लुटेरों से बैग जब्त कर लिए गए हैं. पुलिस और आम जनता के इस त्वरित तालमेल की वजह से कुछ ही घंटों के भीतर लूटा गया पूरा 27 किलो सोना, 12.5 लाख रुपये से ज्यादा की नकदी और सभी छह बैग सुरक्षित बरामद कर लिए गए.
पकड़े गए आरोपियों की पहचान और मददगारों का सम्मान
इस सनसनीखेज डकैती मामले में अब तक पकड़े गए आरोपियों में शंकर जासक और गजानन पवार के नाम सामने आए हैं. प्राथमिक जांच के अनुसार, पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता और सक्रिय मदद से अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों को दबोचने में सफलता पाई है. अपनी जान जोखिम में डालकर डकैतों को पकड़ने में अदम्य साहस दिखाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद करने वाले स्थानीय नागरिकों की हर तरफ सराहना हो रही है. पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे ने इन साहसी नागरिकों का सम्मान भी किया.
सभी आठ CCTV कैमरे बंद, अंदरूनी मिलीभगत की पड़ताल
इस पूरी डकैती की पड़ताल में सबसे हैरान करने वाली बात बैंक की सुरक्षा प्रणाली को लेकर सामने आई है. जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की इस शाखा में लगे सभी आठ CCTV कैमरे वारदात के समय पूरी तरह बंद पड़े थे. जिस शाखा में 36 करोड़ रुपये का सोना और लाखों की नकदी रखी हुई थी, वहां निगरानी का पूरा सिस्टम ठप होना बैंक की सुरक्षा व्यवस्था में एक बहुत बड़ी चूक माना जा रहा है.
अब पुलिस इस महत्वपूर्ण बिंदु की गहराई से छानबीन कर रही है कि शाखा के सभी कैमरे कब से बंद पड़े थे और उन्हें समय रहते ठीक कराने के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया. जांच अधिकारी इस पहलू पर भी विचार कर रहे हैं कि क्या डकैतों को पहले से यह जानकारी थी कि बैंक के सभी कैमरे काम नहीं कर रहे हैं. इसके साथ ही यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि बदमाशों को 27 किलो सोने और 12.5 लाख रुपये से अधिक की नकदी रखे होने की सटीक जानकारी किसने मुहैया कराई. क्या किसी अंदरूनी व्यक्ति या बैंक से जुड़े सूत्र ने लुटेरों को यह गुप्त जानकारी दी थी, पुलिस इन सभी संभावित कड़ियों की बारीकी से पड़ताल कर रही है.
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पुलिस सघन पूछताछ कर रही है ताकि डकैती की योजना के मुख्य सूत्रधार, साजिश की पृष्ठभूमि और सुरक्षा खामियों से जुड़े हर पहलू का पर्दाफाश किया जा सके. दिनदहाड़े अंजाम दी गई इस वारदात में जहां एक तरफ सुरक्षा तंत्र की कमजोरियां उजागर हुईं, वहीं दूसरी ओर आम जनता और पुलिस के त्वरित समन्वय ने करोड़ों की इस डकैती को नाकाम कर दिया.



















