राजस्थान के अलवर जिले में ग्राम पंचायत चुनाव परिणाम आने के बाद निकाला जा रहा विजय जुलूस अचानक गंभीर विवाद में तब्दील हो गया। मालाखेड़ा थाना इलाके में स्थित जमालपुर ग्राम पंचायत के मिर्जापुर गांव में नवनिर्वाचित सरपंच कुंवरपाल की जीत की खुशी में समर्थक जश्न मना रहे थे और सड़क पर रैली निकाल रहे थे। इसी जुलूस के दौरान सड़क किनारे बने एक रिहायशी मकान को निशाना बनाते हुए उस पर अचानक बम फेंक दिया गया। इस सनसनीखेज वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया और पूरे मामले का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ गया है।
सड़क किनारे बने मकान को बनाया गया निशाना
जुलूस के दौरान जिस वक्त समर्थक आगे बढ़ रहे थे, ठीक उसी दौरान रास्ते में पड़ने वाले राम चरण जाट के मकान की ओर यह विस्फोटक फेंका गया। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि जुलूस के बीच से घर की दिशा में बम फेंका जाता है। गनीमत रही कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस हरकत को अंजाम देने वाला कौन था और इस जानलेवा हमले के पीछे क्या दुर्भावना या पुरानी रंजिश थी।
सुरक्षा व्यवस्था और मासूमों की जान पर गहराते सवाल
चुनावी जीत के सार्वजनिक आयोजनों के बीच इस प्रकार खुलेआम विस्फोटक का इस्तेमाल होना स्थानीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जिस रिहायशी मकान पर यह हमला किया गया, वहां भीतर परिवार के सदस्य, छोटे मासूम बच्चे और मूक मवेशी मौजूद हो सकते थे। अगर यह विस्फोटक सीधे किसी व्यक्ति, बच्चे या बेजुबान जानवर पर गिरता तो बहुत बड़ा हादसा घटित हो सकता था। इस लापरवाही और उपद्रव की जवाबदेही तय करने को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
दोषियों की पहचान और कानूनी कार्रवाई की उठ रही मांग
घटना के बाद अब ग्रामीणों और आम लोगों की ओर से पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष व त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है। मांग उठाई गई है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण करके बम फेंकने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान सुनिश्चित की जाए। साथ ही किन परिस्थितियों में और किसके इशारे पर इस घटना को अंजाम दिया गया, इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।



















