राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के लाडपुरा इलाके में एक खेत के भीतर अचानक उस वक्त अफरा-तफरी फैल गई, जब फसलों के बीच एक भीमकाय सरीसृप शिकार को जकड़े नजर आया। खेत के मालिक भेरू धाकड़ रोजमर्रा की तरह अपनी हल्दी की क्यारियों में काम निबटाने पहुंचे थे। अचानक उनकी नजर जमीन पर कुंडली मारे बैठे करीब 12 फीट लंबे अजगर पर पड़ी, जिसने एक सियार को अपने भारी-भरकम शरीर में कस रखा था और उसे आहिस्ता-आहिस्ता निगलने में जुटा हुआ था। इस खौफनाक दृश्य को देखते ही किसान बुरी तरह सहम गया और फौरन शोर मचाते हुए पीछे हटा।
शोर सुनकर जुटी ग्रामीणों की भीड़, वन अमले को दी सूचना
किसान की आवाज और हलचल देख आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण भी दौड़े चले आए। मौके पर सियार को निगलते भीमकाय अजगर को देखकर सभी दंग रह गए और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। अपनी जान की हिफाजत को देखते हुए लोगों ने तुरंत इस पूरे वाकये की खबर वन महकमे को दी। सूचना मिलते ही वनपाल लोकेंद्र सिंह फौरन हरकत में आए और बिना किसी देरी के राहत दल को आवश्यक उपकरणों के साथ लाडपुरा के लिए रवाना कर दिया।
मशक्कत के बाद पकड़ा गया सरीसृप, जंगल में किया गया मुक्त
अजगर को काबू में करने के लिए भेजी गई टीम में वन विभाग के टेक्नीशियन लक्ष्मण सुथार, पूर्व फौजी हनुमान चोयल, दुर्गालाल गुर्जर, शंभू मीणा और बालू धाकड़ शामिल रहे। भारी-भरकम आकार और ताकतवर होने के चलते अजगर को पकड़ना रेस्क्यू टीम के लिए खासी चुनौती साबित हुआ। वनकर्मियों ने बेहद सावधानी बरतते हुए अभियान चलाया ताकि न तो ग्रामीणों को कोई खतरा हो और न ही बेजुबान जीव को चोट पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद 12 फीट लंबे इस अजगर को सुरक्षित काबू कर लिया गया।
वनपाल लोकेंद्र सिंह ने बताया कि अजगर का आकार काफी बड़ा होने के कारण उसे पकड़ना आसान नहीं था। टीम पहले इस जीव को स्थानीय कार्यालय लेकर आई, जहां उसके स्वास्थ्य की प्रारंभिक जांच की गई। पूरी तरह तंदुरुस्त पाए जाने के बाद अजगर को इंसानी आबादी से दूर उसके प्राकृतिक आवास वाले घने जंगलों में छोड़ दिया गया। विशालकाय जीव के पकड़े जाने के बाद स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने सुकून की सांस ली।


















