कानपुर के श्याम नगर इलाके के रहने वाले तीन लोग नेपाल की भारी प्राकृतिक आपदा के बाद से लापता चल रहे हैं। लापता लोगों में रागिनी मिश्रा, उनके पति पंकज मिश्रा और पूनम मिश्रा शामिल हैं। यह सभी लोग मूल रूप से कानपुर के निवासी हैं और वर्तमान समय में अमेरिका में रह रहे थे। कुछ वक्त पहले ही वे घूमने के उद्देश्य से नेपाल गए थे, जहां मौसम की भयंकर मार और तबाही के कारण उनका परिवार से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
जिलाधिकारी से लगाई मदद की गुहार
लापता हुए तीनों नागरिकों की सकुशल खोजबीन और उनकी लोकेशन का पता लगाने के लिए सोमवार को रागिनी मिश्रा के भाई प्रवीण द्विवेदी ने कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह से सीधी मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रशासन के समक्ष अपनी चिंता रखते हुए अनुरोध किया कि नेपाल में मौजूद भारतीय दूतावास और अन्य जिम्मेदार एजेंसियों के माध्यम से उनके परिवार के सदस्यों की तलाश युद्ध स्तर पर कराई जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित वापस लाया जा सके।
आपदा के बाद से बंद आ रहे हैं मोबाइल फोन
परिवार के सदस्यों के अनुसार, नेपाल में बीते बुधवार को भयानक त्रासदी आई थी, जिसके ठीक बाद से ही इन तीनों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। आपदा आने से पहले परिवार की उनसे आखिरी बातचीत हुई थी। उसके बाद से उनके सभी मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहे हैं और उनके बारे में कोई भी आधिकारिक या अनौपचारिक सूचना हाथ नहीं लगी है। परिजनों ने इस संकट की घड़ी में नेपाल स्थित एम्बेसी से भी संपर्क साधने की कोशिश की, मगर वहां से भी अभी तक कोई ठोस या राहत देने वाली जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे परिवार की बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है।
त्रासदी में मौत का आंकड़ा नौ सौ के पार
दूसरी ओर, नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ और आपदा से स्थिति बेहद भयावह बनी हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस बड़ी दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 तक पहुंच चुकी है, जबकि 4,247 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। चीनी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा की चपेट में आने से चीन की सीमा की ओर भी 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, और तिब्बत क्षेत्र में लगभग 550 लोग अभी भी लापता हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत कर्मियों ने रविवार शाम तक बाढ़ग्रस्त इलाकों से करीब 9,500 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की है।
विभिन्न देशों के पर्यटक भी फंसे
नेपाल में मची इस भारी तबाही के बीच चलाए जा रहे राहत अभियानों में बचाए गए लोगों में केवल स्थानीय नागरिक ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के कई देशों के सैलानी शामिल हैं। बचाए गए पर्यटकों में भारत के अलावा अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन, स्पेन, बेल्जियम, जर्मनी, इटली, माल्टा, तुर्किये, स्विट्जरलैंड और पुर्तगाल समेत तमाम देशों के लोग शामिल हैं, जो आपदा के वक्त वहां मौजूद थे। राहत एवं बचाव कार्य अभी भी जारी हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।



















