आगरा में चम्पारन के तंदूरी कबाब का बढ़ा क्रेज, सावन के बाद 140 रुपये में मिल रहा बेहतरीन स्वादसीकर में दिव्यांग छात्रों के लिए खोले जाएंगे विशेष संदर्भ कक्ष, राजस्थान सरकार ने जारी किया बजट और दिशा-निर्देशउत्तराखंड में विज्ञान का बड़ा चमत्कार, साहीवाल गाय की सरोगेसी से पैदा हुई पहाड़ी नस्ल की बद्री बछियाराजस्थान के पाली में सजता है बिना किराए वाला अनोखा बाजार, मात्र 5 रुपये से शुरू होती है कपड़ों की कीमतअश्लेशा नक्षत्र में गुरु का प्रवेश: अगले 49 दिनों तक मेष, मिथुन समेत इन 7 राशियों की चमकेगी किस्मतबीकानेर में करीब 1 करोड़ रुपये की व्हेल की उल्टी जब्त, महाराष्ट्र से आए तीन तस्करों पर कसा शिकंजाफरीदाबाद में मिट्टी की गणेश मूर्तियां पानी में मिनटों में घुलती हैं और 70 प्रतिशत तक सस्ती मिल रही हैंराजस्थान में डिजिटल स्क्रीन और उम्मीदों के भारी दबाव से घट रही बच्चों की एकाग्रता, मानसिक तनाव पर विशेषज्ञों की रायधनु साप्ताहिक राशिफल 13 से 19 सितंबर: ग्रहों के बड़े गोचर से बदलेगा भाग्य, जानें करियर, आर्थिक स्थिति और सेहत का पूरा लेखा-जोखाटाटा संस की अर्जी रिजर्व बैंक ने की खारिज, अब शेयर बाजार में दस्तक देने के अलावा नहीं बचा कोई रास्ता
राजस्थान के पाली में सजता है बिना किराए वाला अनोखा बाजार, मात्र 5 रुपये से शुरू होती है कपड़ों की कीमतराजस्थान
12 सित॰ 2026, 10:16 pm (41 मिनट पहले)· 1

राजस्थान के पाली में सजता है बिना किराए वाला अनोखा बाजार, मात्र 5 रुपये से शुरू होती है कपड़ों की कीमत

राजस्थान के पाली जिले में हर महीने की 10 तारीख को एक अनोखा 'जीरो-कॉस्ट' बाजार सजता है, जहां बिना कोई किराया या मेंटेनेंस शुल्क दिए छोटे विक्रेता अपनी दुकानें लगाते हैं और खरीदारों को बेहद सस्ते दामों पर सामान मिलता है।

राजस्थान के पाली जिले में एक ऐसा अनोखा बाजार सजता है जहां दुकान लगाने वाले व्यापारियों को न तो कोई किराया देना पड़ता है और न ही बिजली या रखरखाव का कोई खर्च उठाना पड़ता है। हर महीने की 10 तारीख को लगने वाला यह विशेष बाजार स्थानीय स्तर पर एक बड़े रंग-बिरंगे उत्सव या मेले का रूप ले लेता है, जिसमें खरीदारी करने के लिए न केवल मुख्य शहर से बल्कि पूरे जिले के ग्रामीण इलाकों से भी लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ता है। यह बाजार न केवल आम लोगों के लिए बेहद किफायती और बजट-अनुकूल खरीदारी का जरिया है, बल्कि छोटे दुकानदारों के लिए भी बिना किसी शुरुआती निवेश के अपनी आजीविका चलाने का एक बेहतरीन और आत्मनिर्भर मंच बन चुका है।

दिल्ली के स्ट्रीट मार्केट जैसी रौनक और बेहद कम दाम

इस अनोखे बाजार में कपड़ों से लेकर हस्तशिल्प, घरेलू साज-सज्जा के सामान, बॉडी केयर प्रोडक्ट्स और दैनिक उपयोग की हर छोटी-बड़ी जरूरत की चीजें उपलब्ध होती हैं। इसके साथ ही, खरीदारों के लिए विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट और लजीज व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए जाते हैं जो मेले के माहौल को और भी मजेदार बना देते हैं। यहां कपड़ों की कीमतें इतनी कम हैं कि पैंट, शर्ट और अन्य वस्त्र मात्र 5 रुपये से लेकर 50 रुपये की शुरुआती कीमत में आसानी से मिल जाते हैं। इस बाजार की जीवंतता और वहां की रौनक राजस्थान में अपनी तरह की अनूठी है, जो दिल्ली के प्रसिद्ध स्ट्रीट मार्केट्स के शॉपिंग अनुभव की याद दिलाती है।

ये भी पढ़ें

मजदूर वर्ग और कम आय वाले परिवारों के लिए बड़ा सहारा

यह मासिक मेला मुख्य रूप से उन परिवारों के लिए एक वरदान साबित होता है जो कम आय वर्ग या मजदूर वर्ग से आते हैं और महंगे शोरूम से खरीदारी नहीं कर सकते। उनके लिए यह मेला बेहद किफायती दरों पर अच्छी गुणवत्ता का सामान खरीदने का सबसे बड़ा जरिया है। इस बाजार का विस्तार मिल गेट के एक छोर से दूसरे छोर तक काफी बड़े क्षेत्र में होता है। यदि किसी महीने की 10 तारीख को रविवार का अवकाश पड़ जाता है, तो खरीदारों की तादाद इतनी अधिक बढ़ जाती है कि पैर रखने तक की जगह नहीं बचती। ऐसी स्थिति में भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को बेहद कड़ी मशक्कत और सुरक्षा प्रबंध करने पड़ते हैं।

छोटे विक्रेताओं को आर्थिक संबल और आत्मनिर्भरता की राह

सालों से लगातार आयोजित होने वाला यह मेला अब पाली की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और सामाजिक परंपरा का हिस्सा बन चुका है। यह बाजार केवल खरीदारों के लिए ही फायदेमंद नहीं है, बल्कि छोटे व्यापारियों, हस्तशिल्पकारों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए भी जीवनयापन का एक बहुत बड़ा जरिया है। बिना किसी किराए, बिजली बिल या मेंटेनेंस शुल्क के अपनी दुकान लगाने की इस अद्भुत सुविधा से उन गरीब और छोटे दुकानदारों को सीधा लाभ मिलता है जिनके पास मुख्य बाजारों में दुकान किराए पर लेने या खरीदने का सामर्थ्य नहीं होता। महीने में सिर्फ एक दिन मिलने वाला यह अनूठा अवसर कई परिवारों को आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रदान करता है और पाली की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गतिशीलता देता है।

सवाल-जवाब

यह अनोखा बाजार कहां लगता है?
यह अनोखा और बिना किराए वाला बाजार राजस्थान के पाली जिले में मिल गेट के पास आयोजित किया जाता है।
यह बाजार महीने में किस दिन लगता है?
यह बाजार हर महीने की निश्चित 10 तारीख को आयोजित किया जाता है।
क्या इस बाजार में दुकान लगाने का कोई शुल्क देना होता है?
नहीं, इस बाजार में दुकान लगाने के लिए दुकानदारों से कोई किराया, बिजली या मेंटेनेंस शुल्क नहीं लिया जाता है। यह पूरी तरह से मुफ्त है।
इस बाजार में मिलने वाले कपड़ों की शुरुआती कीमत क्या है?
इस बाजार में पैंट, शर्ट और अन्य कपड़े मात्र 5 रुपये से लेकर 50 रुपये तक की शुरुआती कीमत पर मिल जाते हैं।
रविवार के दिन बाजार लगने पर क्या स्थिति होती है?
यदि 10 तारीख को रविवार पड़ता है, तो खरीदारों की अत्यधिक भीड़ के कारण कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR