उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आठ सितंबर को उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के एक कर्मचारी पर हुए जानलेवा हमले की गुत्थी को पुलिस ने पूरी तरह से सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने पीड़ित की पूर्व प्रेमिका सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि प्रेम संबंधों में आई खटास और धोखे के बाद इस वारदात को अंजाम देने के लिए पांच लाख रुपये की भारी-भरकम सुपारी दी गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई के बाद पुलिस टीम ने एक मुठभेड़ के दौरान मुख्य शूटर को पैर में गोली लगने के बाद पकड़ लिया, जबकि साजिश की मुख्य सूत्रधार महिला और उसके सहयोगी को भी सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
रास्ते में रोककर मारी गई थी गोली
यह पूरी घटना आठ सितंबर की है, जब पटेलनगर क्षेत्र के बड़ोवाला में सत्यम कुमार नाम के बैंककर्मी को निशाना बनाया गया था। सत्यम कुमार देहरादून में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक की स्थानीय शाखा में कार्यरत हैं। घटना वाले दिन सत्यम अपनी ममेरी बहन साक्षी चौहान के साथ स्कूटर पर सवार होकर मंडी चौक से वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान, रास्ते में मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो अज्ञात बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। इससे पहले कि सत्यम कुछ समझ पाते, हमलावरों ने उन पर पिस्तौल से फायर कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस जानलेवा हमले के बाद साक्षी चौहान ने तत्काल पटेलनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) और 3(5) के तहत अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
CCTV और सर्विलांस से मिला सुराग
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए SP जितेंद्र चौधरी के नेतृत्व में पुलिस की कई टीमें जांच में जुट गईं। पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास के तमाम रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। इन तमाम वैज्ञानिक और पारंपरिक जांच पद्धतियों के जरिए पुलिस को आरोपियों के बारे में पुख्ता सुराग मिले। शुक्रवार को पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि वारदात को अंजाम देने वाले दोनों शूटर एक बार फिर किसी वजह से देहरादून आए हुए हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने पटेलनगर क्षेत्र में नाकाबंदी कर वाहनों की सघन चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान पुलिस को एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए।
चाय बागान में मुठभेड़ और गिरफ्तारी
पुलिसकर्मियों ने जब उस बिना नंबर वाली बाइक को रोकने का इशारा किया, तो दोनों संदिग्धों ने मोटरसाइकिल की रफ्तार बढ़ा दी और भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उनका पीछा किया। खुद को घिरता देख दोनों आरोपी चाय बागान की एक पगडंडी पर अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर घने जंगल की तरफ भागने लगे। इस दौरान उन्होंने पुलिस टीम पर सीधे जान से मारने की नीयत से गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक आरोपी अंकित चौहान के पैर में गोली लग गई और वह वहीं गिर पड़ा। हालांकि, उसका दूसरा साथी अंकुर अंधेरे का अनुचित लाभ उठाकर जंगल के रास्ते भागने में सफल रहा। पुलिस ने तुरंत घायल अंकित चौहान को हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया। उसके पास से पुलिस ने एक अवैध तमंचा, एक खाली खोखा और वह बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की है।
पूछताछ में खुला पांच लाख की सुपारी का राज
अस्पताल में इलाज के दौरान जब पुलिस ने शूटर अंकित चौहान से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने इस पूरी खूनी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। अंकित ने बताया कि उसकी मुलाकात मोहित नाम के एक युवक के जरिए मालिया रहमान से हुई थी। मालिया ने ही सत्यम कुमार की हत्या करने के लिए उसे और अंकुर को तैयार किया था। इस काम के एवज में पांच लाख रुपये की सुपारी तय हुई थी। अंकित ने खुलासा किया कि वे दोनों शुक्रवार को देहरादून अपनी बकाया रकम वसूलने के लिए आए थे। इस अहम जानकारी के हाथ लगते ही पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अपने मुखबिरों की मदद से जाल बिषाया और शुक्रवार की ही देर रात ISBT के पास से मालिया रहमान और मोहित को भी धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, इस मुठभेड़ में घायल हुए शूटर अंकित चौहान का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है।
प्यार, शादी, तलाक और बदले की कहानी
पुलिस की गिरफ्त में आई मालिया रहमान (26) हरिद्वार के ज्वालापुर की रहने वाली है। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस के सामने कबूल किया कि वह साल 2020 से 2023 तक उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक की हरिद्वार शाखा में काम करती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात वहां कार्यरत सत्यम कुमार से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे गहरे प्रेम संबंधों में आ गए। हालांकि, साल 2023 में पारिवारिक दबाव के कारण मालिया ने सहारनपुर के रहने वाले एक व्यक्ति से निकाह कर लिया। निकाह के बाद भी मालिया लगातार सत्यम के संपर्क में रही, जिसके चलते उसका वैवाहिक जीवन बिखर गया और अंततः उसका अपने पति से तलाक हो गया।
सगाई और नंबर ब्लॉक करने पर भड़की प्रेमिका
तलाक के बाद मालिया को उम्मीद थी कि सत्यम उससे शादी करेगा। इस बीच, साल 2025 में सत्यम का तबादला देहरादून शाखा में हो गया। देहरादून आने के बाद सत्यम ने किसी अन्य लड़की से सगाई कर ली। मालिया का आरोप है कि सत्यम उससे शादी करने का वादा करता रहा था, लेकिन सगाई होने के बाद उसने अचानक बातचीत कम कर दी। इतना ही नहीं, सत्यम ने उसे तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी ब्लॉक कर दिया। इस उपेक्षा और धोखे से आगबबूला होकर मालिया ने सत्यम को हमेशा के लिए अपने रास्ते से हटाने का मन बना लिया। इस काम के लिए उसने अपने परिचित मोहित की मदद ली और शूटरों को पांच लाख रुपये की सुपारी देकर सत्यम पर हमला करवा दिया। पुलिस अब फरार शूटर अंकुर की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।



















