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नीतीश कुमार के बचाव में उतरे गिरिराज सिंह, सोनिया गांधी के तंज पर साधा तीखा निशानाभारत
30 सित॰ 2026, 8:40 pm (20 मिनट पहले)· 0

नीतीश कुमार के बचाव में उतरे गिरिराज सिंह, सोनिया गांधी के तंज पर साधा तीखा निशाना

कांग्रेस कार्यसमिति की आंतरिक बैठक में जदयू प्रमुख पर की गई टिप्पणी के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पलटवार करते हुए सोनिया गांधी के नैतिक अधिकार पर सवाल खड़े किए हैं.

विपक्षी गठबंधन के भीतर राजनीतिक पुनर्गठन को लेकर छिड़ी बहस अब सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी में तब्दील हो गई है। हाल ही में कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई की आंतरिक चर्चा के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री को लेकर उठी बातों पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता दल यूनाइटेड के शीर्ष नेता पर उंगली उठाने या उन्हें गद्दार ठहराने का कांग्रेस नेतृत्व के पास कोई वाजिब अधिकार नहीं बनता। अपने पूरे सियासी सफर में बिहार के प्रमुख नेता ने निष्ठा से काम किया है और कभी किसी के साथ विश्वासघात नहीं किया।

सोनिया गांधी की टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री का तीखा पलटवार

एक सार्वजनिक वीडियो संबोधन के जरिए गिरिराज सिंह ने जदयू सुप्रीमो की बेदाग छवि पर जोर दिया। उनका कहना था कि प्रशासन चलाने के दौरान या केंद्र सरकार में मंत्री पद संभालते वक्त भी संबंधित नेता ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। केंद्रीय मंत्री ने रेखांकित किया कि उनके पूरे कार्यकाल में न तो कभी भ्रष्ट आचरण को पनाह दी गई और न ही राष्ट्रीय सुरक्षा या अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों का पक्ष लिया गया।

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कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष के रुख पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने सवाल दागा कि दूसरों के सियासी कदमों पर प्रवचन देने की कोई नैतिक बुनियाद उनके पास नहीं है। उन्होंने कहा कि जो दल खुद गंभीर राजनीतिक और वैचारिक सवालों से जूझ रहा है, उसे ऐसे कद्दावर राजनेता के व्यक्तिगत आचरण पर लांछन लगाने से बचना चाहिए जिसने सदैव पारदर्शी और नियमबद्ध राजनीति को तरजीह दी है।

सीडब्ल्यूसी की अंदरूनी चर्चा में उभरे थे मतभेद

यह पूरा राजनीतिक विवाद उस वक्त गरमाया जब कांग्रेस कार्यसमिति की संगठनात्मक बैठक के कुछ ब्योरे सार्वजनिक दायरे में आए। चुनाव आयोग की मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन अभियान में कथित अनियमितताओं पर रणनीति बनाने के दौरान गठबंधन की पिछली घटनाओं पर बात शुरू हुई थी। उस विमर्श में पार्टी के वरिष्ठ सदस्य दिग्विजय सिंह ने एक अलग दृष्टिकोण सामने रखा था।

बैठक के दौरान दिग्विजय सिंह का मानना था कि वर्ष 2024 में विपक्षी मोर्चे से जदयू के अलग होने की परिस्थिति को रोका जा सकता था। उनका आकलन था कि यदि प्रमुख क्षेत्रीय ताकतों को साथ बांधे रखने के लिए ज्यादा सक्रिय बातचीत की जाती, तो लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय स्तर का राजनीतिक समीकरण काफी अलग हो सकता था।

विपक्षी खेमे में विभाजन और एनडीए में वापसी की पृष्ठभूमि

इस विचार के विपरीत सोनिया गांधी ने बैठक में स्पष्ट राय जाहिर की कि संबंधित नेता का इरादा पहले से ही दूसरा रास्ता चुनने का था। उन्होंने बैठक के दौरान कहा कि भगवान का शुक्र है कि नीतीश कुमार समय रहते चले गए। उनका रुख था कि विपक्षी मोर्चे से उनके अलग होने से अंततः विपक्ष को ही राजनीतिक स्पष्टता का लाभ मिला।

उल्लेखनीय है कि 28 जनवरी 2024 को बिहार की महागठबंधन सरकार से इस्तीफा देकर जदयू प्रमुख ने औपचारिक रूप से विपक्षी गठबंधन को अलविदा कह दिया था। उसी दिन उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ मिलकर नई सरकार का गठन किया था। इसी सियासी बदलाव की गूंज आज भी राजनीतिक गलियारों में सुनाई दे रही है, जिस पर सत्तापक्ष अब मुखर होकर पूर्व गठबंधन सहयोगियों को आईना दिखा रहा है।

सवाल-जवाब

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने किस बात पर सोनिया गांधी की आलोचना की?
उन्होंने सोनिया गांधी द्वारा कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में नीतीश कुमार के इंडिया ब्लॉक छोड़ने पर की गई तल्ख टिप्पणी और उन पर गद्दार जैसा ठप्पा लगाने के नैतिक अधिकार पर सवाल उठाया.
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में दिग्विजय सिंह का क्या विचार था?
दिग्विजय सिंह का मानना था कि नीतीश कुमार को गठबंधन में बनाए रखने के लिए विपक्षी मोर्चे को और अधिक प्रयास करने चाहिए थे ताकि राजनीतिक स्थिति बेहतर रहती.
सोनिया गांधी ने नीतीश कुमार के गठबंधन छोड़ने पर क्या टिप्पणी की थी?
सोनिया गांधी ने कहा था कि भगवान का शुक्र है कि नीतीश कुमार समय रहते चले गए, क्योंकि उनका इरादा उधर जाने का ही था और इससे विपक्ष को लाभ हुआ.
नीतीश कुमार ने औपचारिक रूप से विपक्षी गठबंधन कब छोड़ा था?
नीतीश कुमार ने 28 जनवरी 2024 को बिहार के महागठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देकर एनडीए में वापसी की थी.
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का मुख्य विषय क्या था?
बैठक में चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) में कथित विसंगतियों के खिलाफ पार्टी के अभियान पर विचार किया जा रहा था.
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 मिनट पहले

नेता चाहे कोई भी हो, सियासत में बिना मतलब के कोई किसी का साथ नहीं छोड़ता। सोनिया जी और गिरिराज सिंह दोनों अपने-अपने राजनीतिक फायदे के हिसाब से बयान दे रहे हैं, लेकिन असली सच शायद अंदरखाने की बैठकों में ही दफन है।

Ravikash Gupta@ravikash·1 मिनट पहले

करण भाई, बात तुम्हारी ठीक है लेकिन इस बार मामला सिर्फ फायदे का नहीं है। दिग्विजय सिंह और सोनिया गांधी की बातों में जो फर्क दिखा, उससे लगता है कि अंदर की खींचतान सच में गहरी है।

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