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नोएडा-ग्रेटर नोएडा में दौड़ते ई-रिक्शा अचानक हो रहे बंद, BMS हैकिंग की आशंका ने बढ़ाई ड्राइवरों की मुश्किलेंउत्तर प्रदेश
2 जुल॰ 2026, 1:41 pm (28 दिन पहले)· 2

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में दौड़ते ई-रिक्शा अचानक हो रहे बंद, BMS हैकिंग की आशंका ने बढ़ाई ड्राइवरों की मुश्किलें

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई ई-रिक्शा चालकों का दावा है कि उनकी गाड़ियां अच्छी रफ्तार में होते हुए भी अचानक बीच सड़क पर बंद हो जाती हैं, जिसकी वजह मोबाइल ऐप के जरिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम से छेड़छाड़ बताई जा रही है.

नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर चलने वाले ई-रिक्शा को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां के कई ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि उनका वाहन पूरी रफ्तार में दौड़ रहा होता है और अचानक बीच सड़क पर बंद हो जाता है. चालकों के मुताबिक इसकी वजह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि कुछ शरारती तत्वों की करतूत है, जो मोबाइल फोन के जरिए ई-रिक्शा के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम यानी BMS से छेड़छाड़ कर बैटरी को स्विच ऑफ कर दे रहे हैं.

आखिर माजरा क्या है

दरअसल आजकल के कुछ आधुनिक ई-रिक्शा में BMS या कंट्रोलर को ब्लूटूथ या मोबाइल ऐप के जरिए मॉनिटर और कंट्रोल करने की सुविधा दी जाती है. यह सुविधा वाहन मालिक के लिए बनाई गई थी, ताकि वह बैटरी की स्थिति पर नजर रख सके. लेकिन दिक्कत तब शुरू होती है जब इस सिस्टम की सुरक्षा ढीली रह जाती है. अगर किसी बाहरी व्यक्ति को इस सिस्टम का एक्सेस मिल जाए, तो वह चलती गाड़ी की बैटरी को कभी भी बंद कर सकता है. इस मामले में 'BAT-BMS' नाम के एक मोबाइल ऐप को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है. दावा है कि अगर यह ऐप किसी ई-रिक्शा के सिस्टम से कनेक्ट हो जाए, तो उसकी बैटरी को दूर बैठे भी रिमोट तरीके से स्विच ऑफ किया जा सकता है.

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ड्राइवरों की बढ़ी मुश्किलें

ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि गाड़ी पूरी तरह ठीक होने के बावजूद वह अचानक बीचोंबीच सड़क पर रुक जाती है. जब बैटरी, मोटर और बाकी तकनीकी पुर्जों की जांच कराई जाती है, तब भी कोई खराबी नहीं मिलती. इस वजह से चालकों को घंटों सड़क किनारे परेशान होना पड़ता है. कई बार तो सवारियों को बीच रास्ते में ही उतरना पड़ जाता है, जिससे चालकों को सीधा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है. चालकों के मुताबिक ऐसी घटनाएं गौतमबुद्ध नगर जिले के अलग-अलग इलाकों से लगातार सामने आ रही हैं. उनका कहना है कि अगर यह सिलसिला इसी तरह चलता रहा, तो जिले के हजारों ई-रिक्शा चालकों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ सकता है. साथ ही चलती गाड़ी के अचानक बंद हो जाने से सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ सकता है, क्योंकि पीछे से आ रहे दूसरे वाहन अचानक रुकी गाड़ी से टकरा सकते हैं.

सुरक्षा बढ़ाने की मांग

परेशान ई-रिक्शा चालकों ने प्रशासन और वाहन बनाने वाली कंपनियों से मांग की है कि BMS को और ज्यादा सुरक्षित बनाया जाए. चालकों का सुझाव है कि हर ई-रिक्शा में पासवर्ड या मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम अनिवार्य कर दिया जाए, ताकि बिना अनुमति कोई भी बाहरी व्यक्ति वाहन के कंट्रोल सिस्टम तक न पहुंच सके. उनका मानना है कि जब तक यह तकनीकी खामी दूर नहीं होती, तब तक इस तरह की घटनाएं रुकने का नाम नहीं लेंगी.

पुलिस का क्या कहना है

इस पूरे मामले पर एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि अभी तक इस तरह की किसी घटना को लेकर कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. उन्होंने कहा कि अगर किसी चालक की तरफ से इस बारे में शिकायत मिलती है, तो उसकी तकनीकी जांच कराई जाएगी.

सवाल-जवाब

यह मामला कहां से सामने आया है?
यह मामला नोएडा और ग्रेटर नोएडा यानी गौतमबुद्ध नगर जिले के अलग-अलग इलाकों से सामने आ रहा है.
ई-रिक्शा अचानक बंद क्यों हो रहे हैं?
चालकों का दावा है कि यह तकनीकी खराबी नहीं बल्कि मोबाइल फोन के जरिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से छेड़छाड़ है.
इसमें किस ऐप का नाम सामने आया है?
'BAT-BMS' नाम के एक मोबाइल ऐप को लेकर दावे किए जा रहे हैं कि इससे बैटरी रिमोट तरीके से स्विच ऑफ की जा सकती है.
BMS क्या होता है?
BMS यानी बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम कुछ आधुनिक ई-रिक्शा में लगा वह सिस्टम है, जिसे ब्लूटूथ या मोबाइल ऐप के जरिए मॉनिटर और कंट्रोल किया जा सकता है.
ड्राइवरों को इससे क्या नुकसान हो रहा है?
गाड़ी बीच सड़क पर बंद होने से चालकों को घंटों परेशान होना पड़ता है और सवारियों के बीच रास्ते उतरने से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है.
ड्राइवरों की मांग क्या है?
ड्राइवरों ने हर ई-रिक्शा में पासवर्ड या मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम अनिवार्य करने की मांग की है.
पुलिस ने इस मामले पर क्या कहा है?
एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है, शिकायत मिलने पर तकनीकी जांच कराई जाएगी.
क्या इस बारे में कोई शिकायत दर्ज कराई गई है?
नहीं, अभी तक इस तरह की किसी घटना की आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है.
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