राजस्थान के जयपुर में होने वाले नगर निकाय चुनावों के परिणाम आने से ठीक पहले राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है। मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सोमवार को वोटों की गिनती की जाएगी, जिससे पहले राजनीतिक दलों ने अपने पार्षदों और उम्मीदवारों को सुरक्षित रखने के लिए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी संभावित विजयी उम्मीदवारों को एक जगह पर एकजुट रखने के मकसद से बाड़ेबंदी का रास्ता अपनाया है। पार्टी की इस रणनीति के तहत जयपुर के तुंगा इलाके के पास स्थित एस्थेरिया रिसोर्ट को सुरक्षित ठिकाने के तौर पर तैयार किया गया है, जहां उम्मीदवारों के रुकने का सिलसिला शुरू हो चुका है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के शीर्ष नेतृत्व से मिले निर्देशों के आधार पर यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी जा रही है। जयपुर जिलाध्यक्ष को इस बारे में फोन के जरिए स्पष्ट जानकारी दी गई थी, जिसके बाद से पार्टी संगठन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य मतगणना के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी से बचना और अपने सभी प्रत्याशियों को एक पाले में बनाए रखना है। हालांकि कुछ उम्मीदवार व्यक्तिगत और जरूरी कामों के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की वजह से अभी इस रिसोर्ट तक नहीं पहुंच पाए हैं, लेकिन पार्टी पदाधिकारियों का मानना है कि वे भी जल्द ही इस सुरक्षित घेराबंदी का हिस्सा बन जाएंगे।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारियों के अनुसार, आज शाम ढलते-ढलते लगभग आठ से दस और नए उम्मीदवारों के तुंगा के एस्थेरिया रिसोर्ट में दाखिल होने की पूरी उम्मीद है। जो लोग अपने निजी कारणों या फिर बीमारी के चलते अब तक वहां नहीं पहुंच सके हैं, उनसे पार्टी के जिम्मेदार नेता लगातार फोन पर बातचीत कर रहे हैं ताकि उनकी स्थिति का जायजा लिया जा सके। आने वाले कुछ घंटों में इस रिसोर्ट के अंदर कांग्रेस खेमे के रुके हुए कुल लोगों की संख्या में और इजाफा देखने को मिल सकता है, जिसे लेकर पार्टी के वरिष्ठ रणनीतिकार लगातार नजर बनाए हुए हैं।
आगामी 14 सितंबर को नगर निगम चुनाव के आधिकारिक परिणाम घोषित किए जाएंगे, जिसके ठीक पहले इस तरह की घेराबंदी को बेहद अहम माना जा रहा है। वोटों की गिनती के दिन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या रणनीतिक चूक से बचने के लिए पार्टी अभी से तैयारी पुख्ता कर रही है। कुछ उम्मीदवार मतगणना के दौरान खुद मौके पर मौजूद रहने को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार चर्चा कर रहे हैं। रिसोर्ट के भीतर उम्मीदवारों के ठहरने, खाने-पीने और अन्य सभी बुनियादी सुविधाओं के मुकम्मल इंतजाम कर दिए गए हैं, ताकि वहां किसी को कोई असुविधा न हो और पार्टी का नियंत्रण पूरी तरह बना रहे।
चुनाव के नतीजे सामने आने तक अपने सभी पार्षदों और उम्मीदवारों को एकजुट रखना इस समय कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता बना हुआ है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि यदि परिणाम आने के बाद किसी प्रकार की जोड़-तोड़ या राजनीतिक उठापटक की स्थिति बनती है, तो उससे निपटने के लिए यह घेराबंदी एक मजबूत ढाल का काम करेगी। जयपुर नगर निगम के इन चुनावों में जीत हासिल करने के बाद बोर्ड गठन की संभावनाओं को तलाशना और अपने कुनबे को संभाल कर रखना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। फिलहाल सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बचे हुए उम्मीदवार कब तक रिसोर्ट पहुंचते हैं और मतगणना के दिन मैदान में क्या समीकरण बनते हैं।



















