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नोएडा में सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों का एसी स्काईवॉक 25 अगस्त तक होगा चालू, 16 अगस्त की डेडलाइन आगे बढ़ीभारत
16 अग॰ 2026, 12:37 am (74 दिन पहले)· 0

नोएडा में सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों का एसी स्काईवॉक 25 अगस्त तक होगा चालू, 16 अगस्त की डेडलाइन आगे बढ़ी

नोएडा के सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाले एसी स्काईवॉक की शुरुआती डेडलाइन 16 अगस्त से बढ़ाकर 25 अगस्त कर दी गई है। हालांकि 16 अगस्त से इसका ट्रायल रन शुरू हो जाएगा।

नोएडा मेट्रो यात्रियों के लिए सेक्टर-51 और सेक्टर-52 के बीच बन रहे वातानुकूलित (एसी) स्काईवॉक का इंतजार थोड़ा लंबा हो गया है। पहले इस एयर-कंडीशंड पैदल पुल को 16 अगस्त से आम जनता के लिए खोलने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अब इसकी अंतिम समय-सीमा को बढ़ाकर 25 अगस्त तय कर दिया गया है। नोएडा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्काईवॉक को यात्रियों के लिए शुरू करने से पहले निर्माण और सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह से संपन्न हो जाएं।

ट्रायल रन और मीडिया कवरेज की योजना

हालांकि आम लोगों के प्रवेश की तारीख आगे खिसका दी गई है, लेकिन स्काईवॉक का तकनीकी परीक्षण तय योजना के अनुसार 16 अगस्त से ही आरंभ किया जा रहा है। इस ट्रायल रन के माध्यम से स्काईवॉक की संरचनात्मक और तकनीकी बारीकियों की सघन जांच की जाएगी। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, 16 अगस्त से शुरू होने वाले इस ट्रायल रन के दौरान मीडिया कवरेज की अनुमति दी जाएगी, जिससे परियोजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक रूप से सामने आ सके। वर्तमान में इस पैदल पारपथ के प्रवेश और निकास द्वार लगभग तैयार हो चुके हैं, किंतु दोनों छोरों पर अंतिम चरण के कुछ फिनिशिंग कार्य अभी शेष हैं, जिन्हें पूरा करने में लगभग एक सप्ताह का समय लगेगा।

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ब्लू लाइन और एक्वा लाइन का मुख्य कनेक्टिविटी लिंक

यह एयर-कंडीशंड स्काईवॉक दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर स्थित सेक्टर-52 स्टेशन और नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन पर स्थित सेक्टर-51 स्टेशन को आपस में जोड़ता है। इन दोनों लाइनों के बीच प्रतिदिन हजारों यात्री आवाजाही करते हैं। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि स्काईवॉक के संचालित होते ही यात्रियों की संख्या में अचानक भारी उछाल (फुटफॉल) देखने को मिलेगा। इसी भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्राधिकरण सुरक्षा और तकनीकी सुविधाओं के मामले में कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि उद्घाटन के समय यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा या तकनीकी खामी का सामना न करना पड़े।

पिलर से जुड़ी रुकावट और निकाला गया रास्ता

इस स्काईवॉक के निर्माण मार्ग में एक बड़ा पिलर आ जाने के कारण काम काफी समय तक अटका रहा था। निर्माण टीम के सामने यह चुनौती थी कि पिलर को काटा जाए या बिना नुकसान पहुंचाए वैकल्पिक रास्ता तैयार किया जाए। लंबे मंथन के बाद अधिकारियों ने पिलर को क्षति पहुंचाए बिना उसके दोनों किनारों से मार्ग निकालने का व्यावहारिक फैसला लिया। इसके तहत पिलर के दाएं और बाएं दोनों तरफ लगभग 6-6 मीटर चौड़ा रास्ता तैयार किया गया है। अब इस मुख्य रुकावट का समाधान हो चुका है और बचा हुआ मामूली काम अधिकतम सात दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद 25 अगस्त से पूर्व इसे सार्वजनिक उपयोग के लिए समर्पित कर दिया जाएगा।

सवाल-जवाब

नोएडा का सेक्टर-51 से सेक्टर-52 एसी स्काईवॉक आम जनता के लिए कब खुलेगा?
नोएडा प्राधिकरण ने स्काईवॉक को जनता के लिए खोलने का नया लक्ष्य 25 अगस्त तय किया है।
स्काईवॉक का ट्रायल रन किस तारीख से शुरू हो रहा है?
तकनीकी जांच और मूल्यांकन के लिए स्काईवॉक का ट्रायल रन 16 अगस्त से शुरू हो रहा है।
स्काईवॉक के उद्घाटन की तारीख क्यों बढ़ाई गई?
प्रवेश और निकास द्वार के पास बचे हुए अंतिम निर्माण कार्यों को पूरा करने और तकनीकी जांच के लिए लगभग एक सप्ताह का अतिरिक्त समय लिया गया है।
यह स्काईवॉक किन मेट्रो लाइनों को आपस में जोड़ता है?
यह स्काईवॉक दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन (सेक्टर-52) और नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन (सेक्टर-51) को जोड़ता है।
पिलर की रुकावट का समाधान कैसे किया गया?
मार्ग में आए पिलर को तोड़े बिना उसके दोनों किनारों से 6-6 मीटर चौड़ा रास्ता बनाकर समस्या का समाधान किया गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Michael Anderson@michael-anderson·73 दिन पहले

यह निर्णय दिखाता है कि प्रशासन गति के बजाय संरचनात्मक सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। ब्लू और एक्वा लाइनों के बीच सुगम कनेक्टिविटी बढ़ने से यात्रियों की संख्या में जो भारी वृद्धि होगी, उससे शहरी परिवहन प्रबंधन पर भी दबाव बढ़ेगा। तकनीकी परीक्षण सफल होने के बाद यह परियोजना इस क्षेत्र के दैनिक आवागमन को पूरी तरह बदल देगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·73 दिन पहले

डेडलाइन का आगे बढ़ना शहरी बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में तकनीकी और सुरक्षा अनुपालन की महत्ता को दर्शाता है। एक्वा लाइन और ब्लू लाइन के बीच निर्बाध आवाजाही से न केवल दैनिक यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा। हालांकि, आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पीक ऑवर्स के दौरान दोनों तरफ बनने वाले छह-मीटर चौड़े मार्ग भारी भीड़ को कितनी कुशलता से संभाल पाते हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·73 दिन पहले

यह बुनियादी ढांचा परियोजना केवल आवागमन को सुगम नहीं बनाएगी, बल्कि इस क्षेत्र में दैनिक यात्रियों की संख्या बढ़ने से आसपास के वाणिज्यिक और कॉर्पोरेट रियल एस्टेट बाजार में भी आर्थिक हलचल तेज होने की पूरी संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी हमेशा स्थानीय व्यावसायिक गतिविधियों और स्टार्टअप्स के लिए एक सकारात्मक ट्रिगर साबित होती है।

Rohan Verma@rohan-verma·73 दिन पहले

रोहन वर्मा की पेशेवर टिप्पणी: डेडलाइन का बढ़ना और 16 अगस्त से तकनीकी ट्रायल शुरू होना यह दर्शाता है कि प्राधिकरण ब्लू और एक्वा लाइन के इस अहम मार्ग पर यात्रियों की भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहता। पिलर की बाधा को जिस तरह दोनों तरफ से छह-छह मीटर चौड़े रास्ते निकालकर हल किया गया है, वह बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स में इंजीनियरिंग कौशल का एक व्यावहारिक उदाहरण है। 25 अगस्त से इसके शुरू होने पर दोनों नेटवर्कों के बीच रोजाना आवाजाही करने वाले हजारों यात्रियों का सफर सुगम हो जाएगा और फुटफॉल में बड़ा उछाल आएगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·73 दिन पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह ध्यान देना आवश्यक है कि ब्लू और एक्वा लाइन के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए, अंतिम चरण के फिनिशिंग कार्यों में सुरक्षा और तकनीकी मानकों की यह सतर्कता बेहद जरूरी है। पिलर जैसी बड़ी संरचनात्मक बाधा को तकनीकी रूप से सुलझा लेने के बाद, अब 25 अगस्त की नई समय-सीमा के भीतर सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल और अग्नि सुरक्षा उपायों का कड़ाई से परीक्षण किया जाना चाहिए, ताकि उद्घाटन के दिन भारी भीड़ के दबाव के बावजूद किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लोक सुरक्षा संकट से बचा जा सके।

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