मोरक्को और स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र सेउटा की सीमा पर शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दी गई, जिसके तहत संयुक्त अभियानों के जरिए सीमा पार करने के एक बड़े प्रयास को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया। स्पैनिश सीमा से लगभग 3 किलोमीटर (1.8 मील) की दूरी पर स्थित मोरक्को के सीमावर्ती शहर फ्निदेक के बाहरी इलाकों में जमा हुए 100 से अधिक लोगों को सुरक्षा बलों ने रोक दिया। यह त्वरित कार्रवाई सोशल मीडिया पर प्रसारित उन संदेशों के बाद की गई जिनमें हजारों लोगों से सीमा की बाड़ पर धावा बोलने का आह्वान किया गया था। इस स्थिति को देखते हुए भूमध्य सागर के दोनों ओर के अधिकारियों ने उच्च स्तरीय भौतिक और हवाई सुरक्षा ढांचा तैयार किया।
फ्निदेक में व्यापक पुलिस अभियान और गिरफ्तारियां
फ्निदेक, जिसे स्पैनिश भाषा में कास्तियेजोस के नाम से भी जाना जाता है, के आसपास की पहाड़ियों और सीमा की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा दस्तों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया। शनिवार को कस्बे और उसके आसपास 111 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से अधिकांश लोग उप-सहारा अफ्रीका के विभिन्न देशों के निवासी थे। शहर के निकटवर्ती इलाकों में जुटी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मोरक्को पुलिस की दंगा-रोधी टुकड़ियों ने आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया ताकि समूहों को एक बड़ी भीड़ में बदलने से रोका जा सके।
पुलिस की यह सख्त कार्रवाई रबात प्रशासन द्वारा पहले जारी की गई चेतावनियों के अनुरूप थी। सरकारी निगरानी प्रणालियों ने सोशल मीडिया पर अज्ञात स्रोतों से चलाए जा रहे अभियानों की पहचान की थी जो शनिवार को सामूहिक घुसपैठ के लिए उकसा रहे थे। मोरक्को के अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अवैध रूप से सीमा पार करने की योजना बनाने या उसमें भाग लेने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा। इस पूर्व खुफिया जानकारी की वजह से पुलिस बलों को संभावित मार्गों पर पहले से ही तैनात कर दिया गया था।
त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा और आधुनिक हथियारों की तैनाती
घुसपैठ के किसी भी प्रयास को पूरी तरह निष्फल करने के लिए मोरक्को और स्पेन दोनों देशों के कमान संरचनाओं ने ज़मीनी और समुद्री सीमाओं पर एक मजबूत सुरक्षा तंत्र लागू किया। मोरक्को के सैन्य कमांडरों ने शनिवार को सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी के लिए सेना के अधिकारियों, नौसेना की स्पीडबोट्स और निगरानी ड्रोनों को तैनात किया। ये आधुनिक उपकरण उन स्थायी सुरक्षा संरचनाओं के अतिरिक्त थे जिन्हें सप्ताह की शुरुआत में स्थापित किया गया था, जिसमें लोहे की मजबूत बाड़ और पानी में तैरने वाले भारी बैरियर शामिल थे।
सेउटा में प्रवेश के मुख्य तटीय बिंदु यानी ब्रेकवाटर पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी को सामान्य दिनों की तुलना में दस गुना अधिक मजबूत किया गया। दूसरी ओर मैड्रिड स्थित स्पैनिश प्रशासन ने भी राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी और 1500 से अधिक सुरक्षा अधिकारियों को सीमावर्ती इलाकों, तटीय क्षेत्रों और बाड़ के आसपास गश्त के लिए भेजा। गश्ती दस्तों और निरंतर हवाई निगरानी ने ज़मीन या समुद्र के रास्ते किसी भी घुसपैठ की संभावना को समाप्त कर दिया।
जुलाई के अंत में हुए दुखद हादसे का संदर्भ
इस सप्ताहांत किए गए कड़े सुरक्षा उपाय दो सप्ताह पहले जुलाई के अंत में उत्पन्न हुए गंभीर मानवीय संकट की पृष्ठभूमि में उठाए गए हैं। उस दौरान मात्र कुछ ही घंटों के भीतर समुद्र के रास्ते लगभग 78,000 प्रवासी सेउटा में प्रवेश करने में सफल रहे थे। इतनी बड़ी संख्या में प्रवासियों के अचानक आगमन से स्थानीय राहत और सुरक्षा ढांचा पूरी तरह चरमरा गया था।
शहर के मेयर द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, उस घटना के दौरान समुद्र में डूबने और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण कम से कम 100 लोगों की जान चली गई थी। इस दुखद जनहानि और स्थानीय बुनियादी ढांचे पर पड़े अत्यधिक दबाव को देखते हुए मैड्रिड और रबात ने अपनी संयुक्त सीमा सुरक्षा रणनीतियों को पुनर्गठित किया। सोशल मीडिया पर दोबारा वैसी ही घटना दोहराने की अफवाहें सामने आने के बाद तुरंत उच्चतम अलर्ट जारी किया गया।
यूरोपीय देशों में कूटनीतिक तनाव और शेंगेन विवाद
सेउटा की भौगोलिक सीमाओं से परे इस संकट ने पूरे यूरोपीय महाद्वीप में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के बीच सीमा-मुक्त आवाजाही को लेकर मतभेद उभर आए हैं। प्रवासियों के अचानक आगमन से स्पैनिश सरकार की सीमा प्रबंधन नीतियों की आलोचना शुरू हो गई, और कई पड़ोसी देशों ने खुली सीमाओं के दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की।
कूटनीतिक प्रतिक्रिया के तहत इटली ने स्पेन के साथ अपने शेंगेन समझौते को निलंबित करने की घोषणा की, जिसका फ़िनलैंड और डेनमार्क ने भी समर्थन किया। स्थिति को और गंभीर बनाते हुए चेक गणराज्य ने शेंगेन क्षेत्र से स्पेन की सदस्यता को अस्थायी रूप से निलंबित करने की मांग उठाई। बढ़ते दबाव के बीच सांचेज ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र सेउटा विशेष क्षेत्रीय स्थिति के तहत आता है और यह आधिकारिक शेंगेन क्षेत्र का हिस्सा नहीं है, इसलिए यूरोपीय यात्रा समझौतों पर सवाल उठाना अनुचित है।




















