वर्ष 2027 का आईसीसी पुरुष वनडे वर्ल्ड कप क्रिकेट के रोमांच के साथ-साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का एक अनोखा संगम पेश करने जा रहा है। 14 टीमों वाला यह भव्य टूर्नामेंट 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के शुभ अवसर पर शुरू होने की संभावना है। दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले इस महाकुंभ में इस बार बिल्कुल नया टूर्नामेंट ढांचा देखने को मिलेगा, जिसकी खिताबी जंग 21 नवंबर को लड़ी जाएगी।
शेड्यूल में बदलाव और अफ्रीकी महाद्वीप पर 12 मैदानों का चयन
टूर्नामेंट के आयोजन कार्यक्रम में आईसीसी द्वारा एक बड़ा संशोधन किया गया है। शुरुआती योजनाओं के तहत इस क्रिकेट टूर्नामेंट को 8 अक्टूबर से शुरू करने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन नए प्रस्ताव के अनुसार इसे 2 अक्टूबर से शुरू करने का फैसला लिया गया है। इस बदलाव के चलते टूर्नामेंट के औपचारिक वार्म-अप मुकाबले सितंबर के अंतिम दिनों में आयोजित किए जाएंगे।
अफ्रीकी महाद्वीप के 12 प्रमुख स्टेडियमों में कुल 14 राष्ट्रीय टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे। पूरे टूर्नामेंट का शेड्यूल लगभग सात हफ्तों तक चलेगा, जिसमें दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों को शीर्ष स्तरीय प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। 21 नवंबर को प्रस्तावित खिताबी मुकाबला इस लंबे और चुनौतीपूर्ण क्रिकेट उत्सव का समापन करेगा।
महात्मा गांधी की विरासत और दक्षिण अफ्रीका का ऐतिहासिक संबंध
गांधी जयंती के दिन टूर्नामेंट का शुभारंभ केवल एक तारीख का संयोग नहीं है, बल्कि यह भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच मौजूद गहरे ऐतिहासिक रिश्तों को दी जाने वाली एक सम्मानजनक श्रद्धांजलि है। महात्मा गांधी की 158वीं जयंती के अवसर पर प्रतियोगिता का आगाज दोनों देशों के साझा इतिहास को रेखांकित करता है।
एक युवा बैरिस्टर के रूप में दक्षिण अफ्रीका पहुंचने के बाद महात्मा गांधी को वहां गंभीर नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ा था। इसी धरती पर उनके भीतर अहिंसक सत्याग्रह की नींव पड़ी। दक्षिण अफ्रीका में बिताए दो दशकों के दौरान उन्होंने भारतीय समुदाय के नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष किया। उनके इन अहिंसक सिद्धांतों ने आगे चलकर अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस के नेताओं और उनके आंदोलनों को गहराई से प्रभावित किया।
भारत लौटने के पश्चात उन्होंने असहयोग आंदोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन जैसे ऐतिहासिक अभियानों का नेतृत्व करते हुए देश को स्वतंत्रता की ओर मार्गदर्शित किया। ऐसे में महात्मा गांधी की कर्मभूमि रहे दक्षिण अफ्रीका में उनकी जयंती के दिन वर्ल्ड कप का आगाज होना ऐतिहासिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
10 टीमों को सीधी जगह और 4 स्थानों के लिए क्वालिफायर का गणित
2027 के वनडे वर्ल्ड कप का ढांचा टीमों के चयन के मामले में काफी व्यापक रखा गया है। प्रतियोगिता में कुल 14 देश भाग ले रहे हैं, जिनमें से 10 टीमों ने अपनी रैंकिंग और योग्यता के आधार पर पहले ही मुख्य टूर्नामेंट में स्थान पक्का कर लिया है। इन पक्की जगह वाली टीमों में भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और जिम्बाब्वे शामिल हैं।
बाकी बचे 4 स्थानों का फैसला अगले वर्ष की शुरुआत में आयोजित होने वाले क्वालिफायर टूर्नामेंट के माध्यम से होगा। इस क्वालिफाइंग राउंड में कुल 10 टीमें आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगी, जिनमें वेस्टइंडीज, आयरलैंड और नामीबिया जैसी मजबूत और अनुभवी टीमें भी अपनी जगह पक्की करने के लिए मैदान में उतरेंगी।
सुपर सीरीज और सुपर सेवन का नया व अनोखा फॉर्मेट
इस बार वर्ल्ड कप के मुख्य चरण में एक नया तकनीकी मोड़ शामिल किया गया है। क्वालिफायर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सबसे कम रैंकिंग वाली 3 टीमों के बीच 'सुपर सीरीज' नाम से एक मिनी त्रिकोणीय प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस सुपर सीरीज की विजेता टीम मुख्य दौर की 11 उच्च श्रेणी टीमों के साथ जुड़ेगी, जिससे 12 टीमों का मुख्य समूह निर्मित होगा।
यदि टूर्नामेंट की शुरुआत 2 अक्टूबर को इसी सुपर सीरीज से होती है, तो शुरुआती मुकाबलों में भारत या दक्षिण अफ्रीका जैसी शीर्ष टीमें मैदान पर नजर नहीं आएंगी। इसके पश्चात 12 मुख्य टीमों को 6-6 के दो अलग-अलग ग्रुपों में विभाजित किया जाएगा। अपने-अपने ग्रुप में मैच खेलने के बाद शीर्ष स्थान हासिल करने वाली टीमें अगले दौर में प्रवेश करेंगी।
इसके बाद टूर्नामेंट 'सुपर सेवन' चरण में प्रवेश करेगा, जहां 7 सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच सेमीफाइनल में पहुंचने की होड़ होगी। सुपर सेवन चरण की शीर्ष 4 टीमें सेमीफाइनल मुकाबलों के लिए क्वालिफाई करेंगी और अंततः विजेता दो टीमें 21 नवंबर को खिताबी जंग में आमने-सामने होंगी।


















