ओडिशा में पारादीप तट के समीप बंगाल की खाड़ी में डूबे मालवाहक जहाज एमवी ओशियन विनर के दो चीनी नाविकों को भारतीय तटरक्षक बल ने सुरक्षित बचा लिया है। तटरक्षक बल का पोत आईसीजीएस वरद 27 अगस्त को दोनों नाविकों को लेकर पारादीप बंदरगाह पहुंचा, जहां चिकित्सीय प्रक्रिया और जरूरी कागजी औपचारिकताओं के बाद उन्हें संबंधित कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधियों के सुपुर्द कर दिया गया। बचाए गए नाविकों की पहचान पान तोंगलाइ और चेन जियानहे के रूप में की गई है। दोनों नाविकों को समुद्र में बहते लाइफराफ्ट से निकाला गया था और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें निरंतर चिकित्सीय निगरानी में रखा गया था।
जहाज पर सवार क्रू मेंबर्स का ब्योरा और 22 नाविकों की तलाश
हादसे का शिकार हुआ एमवी ओशियन विनर लोहे के पाउडर की एक बड़ी खेप लेकर समुद्री मार्ग से जा रहा था। 22 अगस्त को पारादीप तट के पास समुद्र में यह दुर्घटनाग्रस्त होकर डूब गया। इस पोत पर कुल 24 क्रू सदस्य तैनात थे, जिनमें 20 चीनी नागरिक, 3 म्यांमार के नागरिक और 1 बांग्लादेशी नागरिक शामिल था। दो चीनी नागरिकों के सुरक्षित मिलने के बाद भी जहाज के 22 क्रू सदस्य अब तक लापता हैं। लापता नाविकों की जान बचाने के लिए भारतीय एजेंसियां दिन-रात व्यापक तलाशी अभियान चला रही हैं।
हवाई और समुद्री निगरानी के साथ चीनी बचाव पोत भी शामिल
लापता क्रू मेंबर्स की तलाश के लिए भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल ने संयुक्त रूप से व्यापक हवा और समुद्र से निगरानी अभियान शुरू किया है। इस रेस्क्यू ऑपरेशन का समन्वय एमआरसीसी श्री विजयपुरम द्वारा किया जा रहा है। तटरक्षक बल के जहाज आईसीजीएस वरद और आईसीजीएस विश्वस्त को खोज क्षेत्र बढ़ाने के लिए तैनात किया गया है। इसके साथ ही नौसेना के टोही विमान समुद्री क्षेत्र पर लगातार नजर रख रहे हैं। खोज के दौरान नौसेना के विमान ने एक डिस्ट्रेस सिग्नल पकड़ा था, जिसके बाद एक इमरजेंसी बीकन बरामद किया गया जिसकी पुष्टि एमवी ओशियन विनर से जुड़ी पाई गई। तटरक्षक बल को एक खाली लाइफराफ्ट भी मिला, हालांकि उसमें कोई जीवित व्यक्ति नहीं था। इस अभियान को और गति देने के लिए चीन के दो बचाव जहाज भी बंगाल की खाड़ी में पहुंच गए हैं और भारतीय बलों के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
हादसे की प्राथमिक वजह और जांच की स्थिति
रस्क्यू किए गए नाविकों से मिली शुरुआती जानकारी के आधार पर अधिकारियों का मानना है कि जहाज में लोड किया गया लोहे का पाउडर अत्यधिक नमी के संपर्क में आ गया था। समुद्र में लगातार उठती लहरों के बीच जहाज के हिलने-डुलने से लोहे का भारी पाउडर एक तरफ खिसक गया। इस कार्गो शिफ्ट के कारण जहाज का संतुलन बिगड़ गया और वह एक तरफ अत्यधिक झुकने के बाद समुद्र में समा गया। हालांकि इस गंभीर समुद्री हादसे के सभी तकनीकी कारणों की विस्तृत आधिकारिक जांच की जा रही है।





















