बरसात के महीने आते ही देश के ग्रामीण और जंगलों से घिरे अंचलों में सर्पदंश का खतरा काफी बढ़ जाता है। इस मौसम में पानी भरने के कारण सांप अपने बिलों से निकलकर सूखी और महफूज जगहों की तलाश में भटकते हैं। ऐसे हालात में खेतों में काम करने वाले किसान, घरों के आसपास रहने वाले लोग और झाड़ियों के पास जाने वाले व्यक्तियों का सामना इन जहरीले जीवों से होने की आशंका कई गुना तक बढ़ जाती है। पलामू सहित पूरे झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बारिश के मौसम के दौरान सर्पदंश की घटनाएं आए दिन सामने आती रहती हैं, जिससे स्थानीय लोगों में हमेशा डर बना रहता है।
पलामू में सामने आया दो बार काटने का अजीब दावा
हाल ही में पलामू जिले से एक ऐसी अनोखी घटना सामने आई है जिसने सबको चौंका दिया है। एक शख्स ने दावा किया कि जब वह खेत में खीरा तोड़ रहा था, तब एक ही सांप ने उसे लगातार दो बार डंस लिया। इस भयानक घटना के तुरंत बाद पीड़ित को आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां समय पर सही उपचार मिलने से उसकी तबीयत में सुधार हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक अब वह पूरी तरह खतरे से बाहर है। इस अजीबोगरीब वाकये के बाद से ही आम लोगों के बीच यह बड़ी चर्चा का विषय बन गया है कि क्या वाकई कोई सांप किसी इंसान को एक के बाद एक दो बार काट सकता है।
क्या वैज्ञानिक रूप से संभव है दो बार काटना
इस विषय पर बात करते हुए पलामू के जाने-माने एक्सपर्ट डॉ. डी एस श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि आमतौर पर सांप के एक बार ठीक तरीके से वार करने के बाद दोबारा उसी तरह से हमला करने की स्थिति बहुत सामान्य नहीं मानी जाती है। सांप के विषदंत यानी फेंग बहुत ही नाजुक और संवेदनशील होते हैं। काटते वक्त यदि इन विषदंतों में किसी प्रकार की चोट लग जाए या वे क्षतिग्रस्त हो जाएं, तो सांप को दोबारा हमला करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, विषदंत टूट जाने या खराब हो जाने की स्थिति में सांप को अपना शिकार दबोचने और रोजमर्रा का भोजन करने में भी काफी दिक्कतें आ सकती हैं।
किन परिस्थितियों में दोबारा हमला करता है सांप
डॉ. डी एस श्रीवास्तव ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि यदि सांप का पहला हमला पूरी तरह से कामयाब नहीं हुआ हो और उसके विषदंत इंसान की त्वचा के अंदर ठीक से न धंसे हों, तो वह खुद को बचाने या गुस्से में आकर दोबारा काटने की कोशिश जरूर कर सकता है। ऐसी खास परिस्थितियों में सांप एक के बाद एक लगातार दो या तीन बार भी झपट्टा मार सकता है। हालांकि इसका मतलब यह कतई नहीं है कि सांप के हर हमले में उसके शरीर का जहर समान रूप से और पूरी मात्रा में इंसान के खून में पहुंचा हो।
इस तरह की घटनाओं को कैसे समझें
विशेषज्ञ का कहना है कि एक ही सांप द्वारा दो बार हमला किया जाना मुमकिन तो है, लेकिन दोनों ही बार पूरी क्षमता और प्रभाव के साथ विषदंतों का त्वचा के अंदर धंस जाना कोई आम बात नहीं है। कई बार लोगों को ऐसा लगता है कि उन्हें दो बार काटा गया है, जबकि असल में वह सांप के लगातार किए गए तीव्र हमलों या शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर हुए संपर्क का नतीजा होता है।
सर्पदंश की स्थिति में बरती जाने वाली जरूरी सावधानियां
डॉक्टर ने यह भी चेतावनी दी है कि सांप के काटने की किसी भी घटना को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। इस तरह के मामलों में घरेलू नुस्खे आजमाने या झाड़-फूंक के चक्कर में कीमती समय गंवाना मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। पीड़ित व्यक्ति को बिना एक भी पल गंवाए तुरंत किसी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या बड़े अस्पताल ले जाना चाहिए, जहां डॉक्टरों द्वारा एंटी-स्नेक वेनम और अन्य जरूरी मेडिकल ट्रीटमेंट समय पर दिया जा सके। सांप को पकड़ने की कोशिश करने या उसके पीछे भागने के बजाय उससे हमेशा सुरक्षित दूरी बनाकर रखना और समय पर डॉक्टर की मदद लेना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।
























