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घर में तुलसी का बार-बार सूखना दे सकता है पितृदोष का संकेत, पितृपक्ष में तर्पण से दूर होंगी परेशानियांझारखंड
22 सित॰ 2026, 3:52 pm (1 दिन पहले)· 0

घर में तुलसी का बार-बार सूखना दे सकता है पितृदोष का संकेत, पितृपक्ष में तर्पण से दूर होंगी परेशानियां

भाद्रपद पूर्णिमा के बाद शुरू होने वाले पितृपक्ष में पूर्वजों के तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व है। यदि घर में उचित देखभाल के बावजूद तुलसी का पौधा बार-बार सूख रहा है या पीला पड़ रहा है, तो ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह पितृदोष का लक्षण हो सकता है।

भाद्रपद पूर्णिमा के समापन के साथ ही 26 सितंबर से पितृपक्ष का आरंभ होने जा रहा है। हिंदू धार्मिक परंपराओं में यह पखवाड़ा पूरी तरह से पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए समर्पित रहता है। पूरे 15 दिनों की इस अवधि में लोग अपने पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस पावन अवधि में विधिपूर्वक तर्पण और पूजन करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार को उनका दीर्घकालिक आशीर्वाद प्राप्त होता है। पितरों की प्रसन्नता से घर-परिवार में सुख, शांति, खुशहाली और निरंतर समृद्धि का वास माना गया है, जिसके चलते लोग पूरी श्रद्धा के साथ इन दिनों में पूर्वजों के निमित्त कर्मकांड करते हैं।

तुलसी के सूखने और पितृदोष से जुड़ी मान्यताएं

ज्योतिष शास्त्र में पितृदोष को लेकर कई गंभीर संकेत और मान्यताएं वर्णित हैं। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में पितृदोष की स्थिति हो या परिवार पर पितरों की अप्रसन्नता का प्रभाव माना जाता हो, तो उसका सीधा असर पारिवारिक वातावरण और उन्नति पर नजर आता है। निरंतर बनी रहने वाली परेशानियां, जरूरी कार्यों में अड़चनें, प्रगति का थम जाना और परिवार के भीतर अनावश्यक कलह जैसी स्थितियों को अक्सर पितृदोष के असर से जोड़कर देखा जाता है। हिंदू घरों में आंगन या बालकनी में लगा तुलसी का पौधा अत्यंत पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के पौधे का अचानक नष्ट होना या बार-बार सूखना महज एक प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि कई बार एक विशेष ज्योतिषीय संकेत भी माना जाता है।

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ज्योतिषाचार्य ने बताए तुलसी से जुड़े विशिष्ट संकेत

देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल के अनुसार, यदि किसी घर में लगा तुलसी का पौधा उचित रख-रखाव के बाद भी बार-बार सूख जाता है, तो इसके पीछे धार्मिक दृष्टिकोण से खास संकेत छिपे होते हैं। नियमित रूप से जल देने, पोषण देने और देखभाल करने के बावजूद यदि तुलसी सूखती है, पत्ते अचानक पीले पड़ने लगते हैं या बिना किसी प्रत्यक्ष कारण के पौधा टूट जाता है, तो इसे पितृदोष का संभावित लक्षण माना जाता है। हालांकि पौधे के खराब होने के पीछे बदलते मौसम, पानी की अधिकता या कमी, मिट्टी की गुणवत्ता अथवा कीट-पतंगों जैसे जैविक और वानस्पतिक कारण भी हो सकते हैं, लेकिन लोक मान्यता और ज्योतिष में इसे पूर्वजों के असंतोष से जोड़कर परखा जाता है।

पितृपक्ष के 15 दिनों में निवारण और शांति के उपाय

पारिवारिक जीवन में पितृदोष का प्रभाव रहने पर सदस्यों की तरक्की में अचानक रुकावटें आने और घर में छोटी-छोटी बातों पर गृह क्लेश बढ़ने की आशंका रहती है। इस तरह के कष्टों और बाधाओं के निवारण के लिए पितृपक्ष का समय सबसे उत्तम और फलदायी माना जाता है। इस 15 दिवसीय अवधि में अपने दिवंगत पूर्वजों को याद करते हुए उनके निमित्त श्रद्धापूर्वक तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, निर्धारित विधि-विधान से किए गए इन कर्मकांडों से पितर तृप्त होते हैं और अपने वंशजों को सुख, शांति और प्रगति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं, जिससे घर का वातावरण पुनः सकारात्मक और समृद्ध बनता है।

सवाल-जवाब

पितृपक्ष की शुरुआत कब से हो रही है?
पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा समाप्त होने के बाद हो रही है।
तुलसी का बार-बार सूखना किस बात का संकेत माना जाता है?
यदि पर्याप्त पानी और देखभाल के बावजूद तुलसी बार-बार सूखे, तो ज्योतिषीय मान्यताओं में इसे पितृदोष का संकेत माना जाता है।
तुलसी में पितृदोष से जुड़े अन्य कौन से लक्षण बताए गए हैं?
पौधे का अचानक पीला पड़ना या बिना किसी प्रत्यक्ष वजह के तने का टूट जाना भी पितृदोष से जोड़कर देखा जाता है।
पितृदोष होने पर घर में क्या परेशानियां आ सकती हैं?
मान्यताओं के अनुसार पितृदोष के कारण पारिवारिक तरक्की में रुकावटें और घर में आपसी कलह की स्थिति बन सकती है।
पितृपक्ष में पितरों को प्रसन्न करने के लिए क्या किया जाता है?
इन 15 दिनों में पूर्वजों के नाम से विधि-विधान से तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान के अनुष्ठान किए जाते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·1 दिन पहले

पौधे का मुरझाना सिर्फ मौसम की मार या पानी की कमी भी तो हो सकता है, हर बात को सीधे पूर्वजों के असंतोष से जोड़ देना थोड़ा अजीब लगता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 दिन पहले

पिछले साल हमारे घर में भी ऐसा ही हुआ था, लाख देखभाल के बाद भी तुलसी सूख गई और उसी दौर में घर में कई तरह की उलझनें शुरू हो गईं।

Ravikash Gupta@ravikash·1 दिन पहले

अर्जुन जी, आपकी बात सुनकर हैरान हूँ। क्या सचमुच ऐसा कोई वैज्ञानिक तरीका है जिससे मौसम या मिट्टी के अलावा यह पता चल सके कि तुलसी का सूखना वाकई किसी दोष का संकेत है?

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

तुलसी का पौधा तो वैसे भी मौसम बदलने से सूख जाता है, फिर हर बार इसे पितृदोष से ही क्यों जोड़ देते हैं?

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

करण भाई, मौसम बदलने की बात तो सही है, पर हर बार इसे सिर्फ़ मौसम पर टाल देना भी ठीक नहीं है। कई बार सच में कुछ संकेत होते हैं जो समझ नहीं आते।

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