सुप्रीम कोर्ट में हिमाचल प्रदेश की बड़ी जीत, बीबीएमबी विवाद सुलझा, सालाना 1000 करोड़ तक का होगा फायदातकनीकी दबाव में फिसला यूरो, अमेरिकी डॉलर के सामने 1.1200 का अहम स्तर टूटामहज 100 रुपये से शुरू किया कारोबार, अब लाखों की कमाई कर रहे हैं मुरादाबाद के मोहम्मद फिरोजओबीसी क्रीमी लेयर मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, केंद्र सरकार की अर्जी खारिजहिमाचल के सम्मू गांव में दिवाली पर क्यों पसरा रहता है सन्नाटा, जानिए सात पीढ़ियों से चली आ रही अनूठी परंपराझालावाड़ में मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, तीन हजार किलो संदिग्ध मावा सीज और मिठाइयां नष्टअमेज़न पर ₹699 की शुरुआती कीमत से मिल रहे रूम हीटर, ओरिएंट इलेक्ट्रिक और फास्ट्रॉन के मॉडलों पर भारी छूटदिवाली 2026 पर संडे को होगी मुहूर्त ट्रेडिंग और 10 नवंबर को बंद रहेगा शेयर बाजार, नया शेड्यूल जारीबल्लभगढ़ बस स्टैंड पर बढ़ी बसों की संख्या, आगरा और अलीगढ़ जाने वालों के लिए राहतधनतेरस पर चांदी की कीमतों में स्थिरता, जानिए दिल्ली और मुंबई समेत बड़े शहरों में ताजा भाव
परविंदर सिंह झोटा मर्डर केस: डीएसपी और ड्रग इंस्पेक्टर सस्पेंड, सीबीआई जांच शुरूपंजाब
21 अक्तू॰ 2026, 7:59 pm (16 दिन पहले)· 3

परविंदर सिंह झोटा मर्डर केस: डीएसपी और ड्रग इंस्पेक्टर सस्पेंड, सीबीआई जांच शुरू

पंजाब के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल और ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार को निलंबित कर दिया है। इस मामले की जांच अब सीबीआई को सौंप दी गई है और केंद्रीय एजेंसी ने अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पंजाब में चर्चित परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल रही है। इस सनसनीखेज मामले में पंजाब सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार को भी निलंबित कर दिया गया है। राज्य में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार सक्रिय रहने वाले कार्यकर्ता की हत्या के बाद से ही लगातार उच्च स्तरीय कार्रवाई की मांग उठ रही थी, जिसके बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाए हैं।

सीबीआई जांच को मंजूरी और सीएम का ऐलान

इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पिछले मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए यह आधिकारिक घोषणा की थी कि उनकी सरकार ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने परिवार के साथ एकजुटता जताते हुए लिखा था कि वे पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और नशीले पदार्थों का कारोबार करने वालों के खिलाफ उनकी लड़ाई पूरी ताकत से जारी रहेगी। राज्य को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार किसी भी कड़े कदम से पीछे नहीं हटेगी।

अवैध ड्रग बिक्री के खिलाफ उठाई थी आवाज

मृतक परविंदर सिंह झोटा इलाके में दवा की दुकानों पर अवैध रूप से बेचे जा रहे नशीले पदार्थों के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। उनकी हत्या गत 13 अक्टूबर को मानसा जिले के एक व्यस्त बाजार में स्थित एक मेडिकल स्टोर के अंदर दिनदहाड़े गोली मारकर कर दी गई थी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से ही उनके परिजनों और समर्थकों में भारी आक्रोश था, जो लगातार इस पूरे हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराए जाने की पुरजोर मांग कर रहे थे। परिवार की इसी मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को ट्रांसफर की है।

हत्या के वक्त फेसबुक पर लाइव थे झोटा

मिली जानकारी के अनुसार यह पूरी घटना उस समय घटी जब परविंदर सिंह झोटा सोशल मीडिया पर फेसबुक लाइव कर रहे थे। उन्होंने दुकान के अंदर एक बुजुर्ग व्यक्ति को कथित रूप से ड्रग बेचे जाने को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद दुकान के मालिक अश्विनी कुमार ने उन पर गोलियां चला दीं। मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को बाद में राजस्थान के सालासर से हिरासत में ले लिया गया था। इस हत्याकांड के तूल पकड़ने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पंजाब का दौरा किया था और परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट की थी। सीबीआई ने इस मामले में अपनी औपचारिक कार्रवाई शुरू करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है, हालांकि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी अंतिम संस्कार नहीं किए जाने की खबरें सामने आई थीं।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

परविंदर सिंह झोटा कौन थे?
परविंदर सिंह झोटा पंजाब में दवा की दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान चलाने वाले एक कार्यकर्ता थे।
उनकी हत्या कब और कहां हुई थी?
उनकी हत्या 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित एक मेडिकल स्टोर के अंदर हुई थी।
इस मामले में किन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है?
पंजाब सरकार ने इस मामले में डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल और ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार को निलंबित किया है।
इस हत्याकांड की जांच अब कौन सी एजेंसी कर रही है?
पंजाब सरकार की सिफारिश पर इस हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है और एजेंसी ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
मुख्य आरोपी को कहां से पकड़ा गया था?
दुकान के मालिक और मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·15 दिन पहले

परविंदर की याद आते ही मन सिहर उठता है। जब मैं मानसा के उस इलाके में प्राचीन पाण्डुलिपियों के संरक्षण के सिलसिले में गया था, तब हर युवा की जुबान पर इसी साहसी लड़के का नाम था जो बिना डरे नशे के खिलाफ आवाज उठाता था। अब सीबीआई जांच से शायद उसके परिवार को कुछ न्याय मिल सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·15 दिन पहले

परविंदर झोटा की दिनदहाड़े हत्या और वो भी फेसबुक लाइव के दौरान, दिल दहला देने वाली घटना है। डीएसपी और ड्रग इंस्पेक्टर का सस्पेंड होना और सीबीआई जांच शुरू होना जरूरी कदम था, उम्मीद है अब परिवार को इंसाफ मिलेगा और ड्रग्स के इस गंदे खेल के सारे बड़े चेहरे बेनकाब होंगे।

Ravikash Gupta@ravikash·15 दिन पहले

अर्जुन, बिल्कुल सही कहा आपने। अश्विनी कुमार का राजस्थान के सालासर से पकड़ा जाना भी गज़ब रहा, वरना आरोपी भाग ही जाता।

Karan Malhotra@karan-malhotra·15 दिन पहले

फेसबुक लाइव करते-करते किसी को गोली मार देना वाकई सिहरन पैदा कर देता है। उम्मीद है सीबीआई इस मामले की तह तक जाएगी।

Rohan Verma@rohan-verma·15 दिन पहले

करण भाई, आपकी बात बिल्कुल सही है, पर क्या डीएसपी और ड्रग इंस्पेक्टर के सस्पेंड होने से असली साजिशकर्ताओं तक पहुंच पाना मुमकिन हो पाएगा?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp