प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 138वें एपिसोड के माध्यम से देश की जनता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्र को आश्वस्त किया कि आज का भारत आतंकवाद को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करता है। उन्होंने देश की सुरक्षा और सैन्य शौर्य का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के अब दस वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, जो आतंकवाद के खिलाफ देश की नीति में एक बड़ा मील का पत्थर है।
आतंकवाद पर कड़ा प्रहार और सर्जिकल स्ट्राइक के दस साल
प्रधानमंत्री ने सितंबर 2016 के घटनाक्रम को याद करते हुए भारतीय सैनिकों के साहस की सराहना की। उन्होंने बताया कि दस साल पहले 28 और 29 सितंबर 2016 की दरम्यानी रात को भारतीय सेना ने LoC के पार जाकर पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इस साहसी सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया को अचंभित कर दिया था। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस कदम ने वैश्विक मंच पर आतंकवाद के खिलाफ भारत की बेहद स्पष्ट और नई नीति को स्थापित किया। उन्होंने कहा कि भारत ने बहुत लंबे समय तक सीमा पार से होने वाले आतंकी हमलों के दर्द को झेला है, और यह सर्जिकल स्ट्राइक उस संताप के खिलाफ देश का एक निर्णायक और कड़ा जवाब थी।
अशोक सिंहल की जन्म शताब्दी पर विशेष श्रद्धांजलि
संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने श्रद्धेय स्वर्गीय अशोक सिंहल को उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने याद दिलाया कि अशोक सिंहल का जन्म 27 सितंबर 1926 को आगरा में हुआ था। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज कल्याण के लिए एक तपस्वी की तरह समर्पित कर दिया था। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि राम जन्मभूमि आंदोलन को एक नई ऊर्जा और दिशा देने में उनका योगदान अमूल्य था। आज अयोध्या में जो भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हुआ है, वह उनके इसी अथक संघर्ष और प्रयासों का सीधा परिणाम है।
मोढेरा सूर्य मंदिर के विध्वंस के 1000 वर्ष और आधुनिक बदलाव
इसके बाद प्रधानमंत्री ने गुजरात के ऐतिहासिक मोढेरा सूर्य मंदिर का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस प्रसिद्ध मंदिर का निर्माण 1025 ईस्वी में राजा भीमदेव द्वारा करवाया गया था। इसके ठीक एक साल बाद, यानी 1026 ईस्वी में गजनी ने सोमनाथ मंदिर के साथ-साथ इस धरोहर पर भी हमला करके इसे भारी नुकसान पहुंचाया था। इस वर्ष उस विध्वंसकारी घटना को पूरे 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि आज का मोढेरा न केवल अपनी प्राचीन और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है, बल्कि यह देश के पहले 'सोलर विलेज' यानी सौर ग्राम के रूप में भी एक नई वैश्विक पहचान बना चुका है।













