नवरात्रि में कैसे सजाएं मां दुर्गा की चौकी, वास्तु दिशा और अखंड ज्योत के जरूरी नियमअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली से भारतीय रुपया दो महीने के निचले स्तर पर फिसलाराजस्थान के टेराकोटा शिल्पकार चंद्रशेखर सैन को मिला ललित कला अकादमी का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारपश्चिम बंगाल में मतदाता सूची विवाद: ट्रिब्यूनल के जजों ने चुनाव आयोग के डिजिटल पोर्टल पर खड़े किए सवालइंडिगो से हवाई सफर पड़ा महंगा, नई फ्यूल सरचार्ज दरों से बढ़ा घरेलू टिकटों का खर्चजर्मनी के विनिर्माण क्षेत्र को लगा बड़ा झटका, अगस्त में फैक्टरी ऑर्डर्स में 10.6 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्जगुजरात के दाहोद में मिला दो सिर वाला दुर्लभ वुल्फ स्नेककार्डानो में डेरिवेटिव्स वॉल्यूम और ओपन इंटरेस्ट उछला, 0.270 डॉलर के स्तर पर मजबूती के बाद अगले लक्ष्यों पर टिकी नजरेंशिशु के पहले साल में कब और क्या खिलाएं, पोषण विशेषज्ञ ने समझाया उम्र के अनुसार संपूर्ण डाइट प्लाननागौर में कम बारिश के बीच ग्वार की फसल बनी सहारा, मंडियों में 6500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचे भाव
पंजाब में पराली जलाने के 84 मामले दर्ज होने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनायाभारत
6 अक्तू॰ 2026, 12:05 pm (56 मिनट पहले)· 0

पंजाब में पराली जलाने के 84 मामले दर्ज होने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया

धान की कटाई के बाद पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पंजाब में 28 मामलों में जुर्माना लगाने के साथ 13 किसानों के रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज की गई है।

धान की कटाई शुरू होते ही पंजाब के खेतों में आगजनी रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सघन निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा 5 अक्टूबर तक दर्ज किए गए आधिकारिक ब्योरे से यह साफ हुआ है कि राज्य भर में खेतों में अवशेष जलाने के कुल 84 मामले प्रकाश में आए हैं। इन सूचनाओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जमीनी अमले ने 78 कृषि क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण पूरा किया। मौके पर पहुंचकर की गई जांच में 30 स्थानों पर आग लगाने की बात साबित हुई, जिसके बाद नियम तोड़ने वालों के खिलाफ दंडात्मक प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

जुर्माना वसूली और राजस्व रिकॉर्ड में सख्त कदम

पर्यावरण नियमों के उल्लंघन को लेकर 28 अलग-अलग प्रकरणों में कुल 1.40 लाख रुपए का पर्यावरणीय मुआवजा तय किया गया है। अधिकारियों ने इस तय राशि में से अब तक 55 हजार रुपए की वसूली पूरी कर ली है। केवल आर्थिक दंड ही नहीं, बल्कि भविष्य में कड़े संदेश के तौर पर 13 किसानों के भूमि दस्तावेजों में रेड एंट्री दर्ज की जा चुकी है। इसके साथ ही एक गंभीर मामले में पुलिस प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। जमीनी स्तर पर तैनात नोडल अफसरों एवं पर्यवेक्षकों ने 36 संदिग्ध स्थानों पर कारण बताओ नोटिस और औपचारिक चेतावनियां थमाई हैं।

ये भी पढ़ें

अमृतसर और तरनतारन में सबसे अधिक उल्लंघन

क्षेत्रीय स्तर पर आगजनी के मामलों का विश्लेषण करें तो अमृतसर जिला सूची में सबसे ऊपर दिखाई देता है। अकेले इस जिले में आग की 49 घटनाएं सामने आईं, जहां टीमों ने 45 भूखंडों की भौतिक पड़ताल की। इस दौरान 13 जगहों पर अवशेष जलाना सही पाया गया। प्रशासन ने वहां 11 प्रकरणों में 55 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति निर्धारित की, जिसमें से 35 हजार रुपए वसूल किए जा चुके हैं, जबकि 32 मामलों में चेतावनी नोटिस थमाए गए हैं।

दूसरे पायदान पर रहे तरनतारन जिले में 18 घटनाएं दर्ज की गईं। जांच दल ने यहां 16 खेतों का मुआयना किया, जिनमें से 9 स्थानों पर आग की पुष्टि हुई। यहां 9 मामलों में कुल 45 हजार रुपए का हर्जाना लगाया गया, जिससे 10 हजार रुपए राजकोष में जमा हुए। इसी जिले में 9 किसानों की जमाबंदी में रेड एंट्री भी की गई है।

फिरोजपुर और पटियाला में भी दर्ज हुई कार्रवाई

फिरोजपुर जिले में अवशेष जलाने के 5 मामले सामने आए थे। अधिकारियों ने इन सभी 5 खेतों का सत्यापन किया और प्रत्येक जगह आग लगने की बात सच निकली। इस पर 5 मामलों में 25 हजार रुपए का हर्जाना लगाया गया, जिससे 5 हजार रुपए वसूल हुए और 4 किसानों के खिलाफ रेड एंट्री दर्ज हुई। पटियाला जिले में दर्ज 2 मामलों की जांच के दौरान दोनों स्थानों पर पराली जलाना पाया गया। पटियाला में दोनों मामलों पर कुल 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है, जिसकी वसूली होना अभी बाकी है। जिले में एक किसान पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

सवाल-जवाब

पंजाब में 5 अक्टूबर तक पराली जलाने की कितनी घटनाएं सामने आई हैं?
राज्य में 5 अक्टूबर तक कुल 84 आग लगने की घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं।
कितने खेतों की भौतिक जांच की गई और कितनी जगह आग की पुष्टि हुई?
कुल 78 खेतों का स्थलीय निरीक्षण किया गया, जिनमें से 30 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई।
किसानों पर कितना पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया है?
कुल 28 मामलों में 1.40 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से 55 हजार रुपए वसूले जा चुके हैं।
किस जिले में पराली जलाने के सबसे ज्यादा मामले दर्ज हुए?
अमृतसर जिले में सबसे अधिक 49 आग लगने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
तरनतारन और फिरोजपुर में कितनी घटनाएं सामने आई हैं?
तरनतारन में 18 घटनाएं और फिरोजपुर में 5 पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए हैं।
क्या किसी किसान पर पुलिस प्राथमिकी भी दर्ज हुई है?
हां, पटियाला जिले में पराली जलाने के आरोप में एक मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·15 मिनट पहले

पिछले साल जब मैं पंजाब कवरेज के सिलसिले में अमृतसर गया था, तब खेतों में जलती पराली से रास्ते में आँखें तक जलने लगी थीं। एयर क्वालिटी इतनी खराब हो गई थी कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था। प्रशासन की ये सख्ती और रेड एंट्री जैसे कदम अगर जमीन पर सही से लागू हों, तभी कुछ स्थायी सुधार दिखेगा।

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·15 मिनट पहले

अर्जुन, आपकी बात सही है। दिल्ली-एनसीआर में जो स्मॉग की समस्या सर्दियों में बढ़ जाती है, उसकी बड़ी जड़ यही पराली है। जब तक जमीन पर सख्ती नहीं होगी, हवा साफ नहीं होगी।

Rohan Verma@rohan-verma·38 मिनट पहले

सिर्फ 13 किसानों के रिकॉर्ड में रेड एंट्री डालने से क्या ही होगा, जब अमृतसर में ही अकेले 49 जगह आग लग चुकी है। जुर्माना भी पूरा वसूल नहीं हुआ, तो सख्ती का डर कैसे बैठेगा?

Karan Malhotra@karan-malhotra·37 मिनट पहले

रोहन, तुम्हारी बात सही है कि सख्ती कम लग रही है, पर सोचो कि पटियाला में एफआईआर दर्ज होने से बाकी किसानों पर कितना असर पड़ेगा?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp