धान की कटाई शुरू होते ही पंजाब के खेतों में आगजनी रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सघन निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा 5 अक्टूबर तक दर्ज किए गए आधिकारिक ब्योरे से यह साफ हुआ है कि राज्य भर में खेतों में अवशेष जलाने के कुल 84 मामले प्रकाश में आए हैं। इन सूचनाओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जमीनी अमले ने 78 कृषि क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण पूरा किया। मौके पर पहुंचकर की गई जांच में 30 स्थानों पर आग लगाने की बात साबित हुई, जिसके बाद नियम तोड़ने वालों के खिलाफ दंडात्मक प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
जुर्माना वसूली और राजस्व रिकॉर्ड में सख्त कदम
पर्यावरण नियमों के उल्लंघन को लेकर 28 अलग-अलग प्रकरणों में कुल 1.40 लाख रुपए का पर्यावरणीय मुआवजा तय किया गया है। अधिकारियों ने इस तय राशि में से अब तक 55 हजार रुपए की वसूली पूरी कर ली है। केवल आर्थिक दंड ही नहीं, बल्कि भविष्य में कड़े संदेश के तौर पर 13 किसानों के भूमि दस्तावेजों में रेड एंट्री दर्ज की जा चुकी है। इसके साथ ही एक गंभीर मामले में पुलिस प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। जमीनी स्तर पर तैनात नोडल अफसरों एवं पर्यवेक्षकों ने 36 संदिग्ध स्थानों पर कारण बताओ नोटिस और औपचारिक चेतावनियां थमाई हैं।
अमृतसर और तरनतारन में सबसे अधिक उल्लंघन
क्षेत्रीय स्तर पर आगजनी के मामलों का विश्लेषण करें तो अमृतसर जिला सूची में सबसे ऊपर दिखाई देता है। अकेले इस जिले में आग की 49 घटनाएं सामने आईं, जहां टीमों ने 45 भूखंडों की भौतिक पड़ताल की। इस दौरान 13 जगहों पर अवशेष जलाना सही पाया गया। प्रशासन ने वहां 11 प्रकरणों में 55 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति निर्धारित की, जिसमें से 35 हजार रुपए वसूल किए जा चुके हैं, जबकि 32 मामलों में चेतावनी नोटिस थमाए गए हैं।
दूसरे पायदान पर रहे तरनतारन जिले में 18 घटनाएं दर्ज की गईं। जांच दल ने यहां 16 खेतों का मुआयना किया, जिनमें से 9 स्थानों पर आग की पुष्टि हुई। यहां 9 मामलों में कुल 45 हजार रुपए का हर्जाना लगाया गया, जिससे 10 हजार रुपए राजकोष में जमा हुए। इसी जिले में 9 किसानों की जमाबंदी में रेड एंट्री भी की गई है।
फिरोजपुर और पटियाला में भी दर्ज हुई कार्रवाई
फिरोजपुर जिले में अवशेष जलाने के 5 मामले सामने आए थे। अधिकारियों ने इन सभी 5 खेतों का सत्यापन किया और प्रत्येक जगह आग लगने की बात सच निकली। इस पर 5 मामलों में 25 हजार रुपए का हर्जाना लगाया गया, जिससे 5 हजार रुपए वसूल हुए और 4 किसानों के खिलाफ रेड एंट्री दर्ज हुई। पटियाला जिले में दर्ज 2 मामलों की जांच के दौरान दोनों स्थानों पर पराली जलाना पाया गया। पटियाला में दोनों मामलों पर कुल 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है, जिसकी वसूली होना अभी बाकी है। जिले में एक किसान पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।





















