गुजरात के दाहोद जिले में प्रकृति का एक हैरान कर देने वाला दृश्य सामने आया है, जहां धानपुर तालुका के अगसवानी गांव स्थित एक खेत में दो सिर वाला बेहद दुर्लभ सांप का बच्चा मिला। स्थानीय ग्रामीणों ने जब इस अनोखे जीव को देखा तो तुरंत इसकी जानकारी दी, जिसके बाद दाहोद प्रकृति मित्र मंडल की टीम ने मौके पर पहुंचकर इसका सुरक्षित रेस्क्यू किया। करीब 6 इंच लंबे इस छोटे सांप के एक ही शरीर पर दो सिर और चार आंखें मौजूद हैं, जिसने वन्यजीव प्रेमियों और विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
वुड स्नेक की पहचान और बाईसेफली की स्थिति
रेस्क्यू किए गए इस सांप की पहचान वुल्फ स्नेक के तौर पर हुई है। दाहोद प्रकृति मित्र मंडल ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह से गैर-विषैला यानी नॉन-वेनेमस सांप है, इसलिए इससे किसी भी प्रकार के जानलेवा जहर का खतरा नहीं रहता। वैज्ञानिक शब्दावली में इस शारीरिक स्थिति को बाईसेफली कहा जाता है। यह एक ऐसी दुर्लभ जेनेटिक विकृति है, जिसके चलते लाखों जीवों में से किसी एक में एक ही धड़ पर दो अलग-अलग सिर और चार आंखें विकसित हो जाती हैं।
अलग दिमाग और प्राकृतिक जीवन की चुनौतियां
इस नन्हे सांप के दोनों सिरों के पास अलग-अलग मस्तिष्क और स्वतंत्र नर्वस सिस्टम होने की बात सामने आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे दो मुंहे जीवों के दोनों सिर अक्सर अलग-अलग दिशाओं में सोचते हैं और अलग प्रतिक्रिया देते हैं। जब दोनों सिर भोजन तलाशने या किसी दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं, तो उनके बीच आपसी तालमेल की कमी और संघर्ष पैदा हो जाता है। इसी आंतरिक खींचतान की वजह से ऐसे जीवों का प्राकृतिक जीवन बेहद छोटा और संकटपूर्ण माना जाता है। इस बचाए गए सांप की उम्र करीब एक वर्ष आंकी जा रही है।
गुजरात का पहला और देश का पांचवां मामला
दाहोद प्रकृति मित्र मंडल के अनुसार, दाहोद जिले में दो सिर वाले सांप का यह पहला मामला दर्ज हुआ है। पूरे गुजरात के संदर्भ में भी यह अपनी तरह का पहला मामला बताया जा रहा है, जबकि पूरे भारत में यह ऐसा पांचवां ज्ञात मामला है। देश में इससे पहले सामने आए ऐसे मामलों में दो कोबरा और तीन वुल्फ स्नेक शामिल रहे हैं। वर्तमान में रेस्क्यू किए गए इस दुर्लभ जीव की समुचित देखभाल, निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।























