पश्चिम बंगाल की सुवेंदु अधिकारी सरकार ने राज्य के युवाओं और छात्राओं के लिए कई बड़े नीतिगत फैसलों की घोषणा की है. मंत्रिमंडल की ताजा बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ऐलान किया कि अगले 6 से 8 महीने के भीतर विभिन्न विभागों में कुल 14,454 सरकारी पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. इसके साथ ही उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही अविवाहित युवतियों को आर्थिक संबल प्रदान करने के मकसद से एक नई कल्याणकारी योजना को भी हरी झंडी दी गई है. सरकार ने एक लाख सरकारी नौकरियां मुहैया कराने के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह कदम उसी लक्ष्य की दिशा में बढ़ाया गया है.
विभिन्न विभागों में भरे जाएंगे पद, पीएससी और पुलिस बोर्ड को जिम्मा
प्रस्तावित 14,454 भर्तियों के दायरे में राज्य के कई प्रमुख विभाग शामिल किए गए हैं. इनमें वन विभाग, अग्निशमन सेवा, जेल, गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग में खाली पड़े पद भरे जाएंगे. चयन और परीक्षा से जुड़ी संपूर्ण प्रक्रिया को समय पर निपटाने की जिम्मेदारी लोक सेवा आयोग (पीएससी) तथा राज्य पुलिस भर्ती बोर्ड को सौंपी गई है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पीएससी अपनी पूरी कार्यक्षमता के साथ लंबित भर्ती मामलों के निपटारे में जुटा हुआ है. उन्होंने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर प्रशासनिक ढिलाई और ओबीसी प्रमाणपत्रों से जुड़ी अड़चनों के चलते योग्य युवाओं को रोजगार से वंचित रखने का आरोप भी लगाया.
पुलिस बल में नियुक्तियों का कार्यक्रम और नियुक्ति पत्रों का वितरण
प्रशासनिक स्तर पर पुलिस महकमे को मजबूत करने की तैयारी भी तय समयसीमा के साथ सामने रखी गई है. जानकारी के मुताबिक, करीब 12,000 पुलिस पदों पर नियुक्ति से जुड़ी बाकी औपचारिकताएं 11 अक्टूबर से शुरू होने जा रही हैं. इसी तारीख को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहां लगभग 5,000 चयनित अभ्यर्थियों को आधिकारिक नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे.
भगिनी निवेदिता योजना: छात्राओं को तीन चरणों में 50,000 रुपये
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए मंत्रिमंडल ने ‘भगिनी निवेदिता योजना’ के प्रारूप को स्वीकार कर लिया है. यह योजना अगले साल जनवरी माह से जमीनी स्तर पर प्रभावी होगी. योजना के प्रावधानों के अनुसार, कॉलेज अथवा उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रही अविवाहित महिलाओं को तीन साल की अवधि में कुल 50,000 रुपये की वित्तीय मदद सीधे दी जाएगी. भुगतान का ढांचा तीन किस्तों में बांटा गया है, जिसके तहत पहले वर्ष 17,000 रुपये, दूसरे वर्ष 17,000 रुपये और तीसरे वर्ष 16,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी.
सफाईकर्मियों के मानदेय और एससी-एसटी मेस भत्ते में वृद्धि
कैबिनेट बैठक में राज्य के कमजोर तबकों और संविदा कर्मचारियों के लिए भी राहत भरे निर्णय लिए गए हैं. भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के तहत कार्यरत अंशकालिक सफाईकर्मियों, जिन्हें ‘कर्मबंधु’ कहा जाता है, उनका मासिक मानदेय 5,000 रुपये से बढ़ाकर 8,000 रुपये कर दिया गया है. यह बढ़ी हुई दर इसी मौजूदा महीने से लागू मानी जाएगी. इसके अतिरिक्त, सरकारी छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के मासिक भोजन भत्ते में उल्लेखनीय इजाफा किया गया है. छात्रों का मेस भत्ता 1,800 रुपये से बढ़ाकर 3,300 रुपये प्रति माह निर्धारित किया गया है.
सुरक्षा व्यवस्था में नई गाड़ियां और आपातकालीन नंबर 112 की शुरुआत
राज्य की कानून व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा को आधुनिक बनाने के लिए 10 अक्टूबर को महालया के मौके पर एकल आपातकालीन नंबर 112 आधिकारिक तौर पर शुरू किया जाएगा. त्वरित गश्त और निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से उसी दिन विभिन्न थानों के बेड़े में 400 चार पहिया वाहन और 450 मोटरसाइकिलें शामिल की जाएंगी.
त्योहारी सीजन में महालया ड्रोन शो और विजया सम्मिलनी
आगामी दुर्गा पूजा और उत्सवों के उपलक्ष्य में राज्य सरकार कई बड़े आयोजनों की रूपरेखा तैयार कर चुकी है. महालया के पावन दिन ईडन गार्डन्स में एक भव्य सांस्कृतिक समारोह का आयोजन होगा, जिसमें करीब 45,000 लोगों के जुटने की संभावना है. इस शाम का प्रमुख आकर्षण 3,000 ड्रोनों का विशाल एयर शो होगा. मुख्यमंत्री के अनुसार, महालया से शुरू होने वाले सरकारी उत्सव पूरे त्योहार के दौरान जारी रहेंगे. इसके उपरांत 26 अक्टूबर को दुर्गा पूजा समितियों के सम्मान में विशेष ‘विजया सम्मिलनी’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें राज्य के अलग-अलग जिलों के पारंपरिक और लोकप्रिय खानपान के स्टॉल सजाए जाएंगे.



















