देश के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी आंकड़ों और आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाने वाले पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है. भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने रिटायर्ड नौकरशाह के विरुद्ध अदालत में आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया है. दोनों पक्षों के बीच उपजा यह टकराव सोशल मीडिया पर तीखे बयानों के बाद अब अदालती चौखट तक पहुंच चुका है.
मुलाकात के दावे पर शुरू हुआ विवाद
गोड्डा से लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक संदेश साझा करते हुए पूर्व वित्त सचिव के बयानों का जोरदार खंडन किया. विवाद की मुख्य वजह गर्ग का वह दावा बना, जिसमें उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान दोनों के बीच आधिकारिक बातचीत या मुलाकात होने की बात कही थी. सांसद ने इस बात को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि वे गर्ग के कार्यकाल के दौरान उनके दफ्तर कभी नहीं गए थे.
अदालत पहुंचा झूठी बयानबाजी का मामला
निशिकांत दुबे का आरोप है कि पूर्व नौकरशाह द्वारा जानबूझकर मनगढ़ंत और तथ्यहीन दावे किए गए, जिससे सार्वजनिक पटल पर उनकी छवि को ठेस पहुंची है. इसी के चलते उन्होंने मामले को अदालत में ले जाने का कदम उठाया. हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा जारी पहली तिमाही के विकास आंकड़ों को लेकर भी गर्ग ने सवाल उठाए थे, जिस पर राजनीतिक और नीतिगत हलकों में तीखी बहस छिड़ी हुई थी.


















