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राजा रघुवंशी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम की जमानत पर रोक लगाने से किया इनकार, 10 जुलाई को अगली सुनवाईमध्य प्रदेश
3 जुल॰ 2026, 12:47 pm (71 दिन पहले)· 2

राजा रघुवंशी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम की जमानत पर रोक लगाने से किया इनकार, 10 जुलाई को अगली सुनवाई

राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार की उस याचिका पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा कि वह पहले ही रिहा हो चुकी हैं, इसलिए अभी हस्तक्षेप ठीक नहीं होगा और मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी।

इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को बड़ी राहत देते हुए फिलहाल उनकी जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसका मतलब यह है कि उन्हें अभी दोबारा जेल नहीं जाना पड़ेगा, भले ही मेघालय सरकार उनकी रिहाई के खिलाफ लगातार कानूनी लड़ाई लड़ रही है।

कोर्ट ने फिलहाल हस्तक्षेप से किया इनकार

जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कहा कि चूंकि सोनम रघुवंशी पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं, इसलिए इस समय उनकी रिहाई में हस्तक्षेप करना ठीक नहीं होगा। कोर्ट ने सोनम रघुवंशी से इस मामले में जवाब मांगा है और अगली सुनवाई गुरुवार, 10 जुलाई तय की है। उस दिन आगे की कानूनी दलीलें सुनी जाएंगी और हाई कोर्ट के जमानत आदेश से जुड़े मुद्दों पर विचार होगा।

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मेघालय सरकार ने दी है जमानत आदेश को चुनौती

मेघालय सरकार ने मेघालय हाई कोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें सोनम रघुवंशी को जमानत दी गई थी। सरकार की मांग है कि यह जमानत रद्द कर दी जाए। इसी बेंच के सामने यह याचिका सुनी जा रही है और कोर्ट ने इस पर विस्तार से सुनवाई की।

विग वाले मामले का हवाला देकर एसजी ने रखी दलील

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपनी बात मजबूत करने के लिए एक और हालिया मामले का उदाहरण दिया, जिसमें कथित तौर पर एक पत्नी ने अपने पति की हत्या कर दी थी, और यह विवाद उसके विग पहनने से जुड़ा हुआ बताया गया। इस उदाहरण के जरिए एसजी ने कोर्ट के सामने अपनी दलीलें रखीं। कोर्ट ने कहा कि शुरुआत में हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने का विचार था, लेकिन चूंकि आरोपी पहले ही जमानत पर रिहा हो चुकी है, इसलिए इस मोड़ पर बहुत सख्त रुख अपनाने पर विचार किया जा रहा है।

94 गवाह, ट्रायल स्टेज और जब्त सबूत

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बताया कि पुलिस अब तक सोनम रघुवंशी के खिलाफ कई सबूत और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस जब्त कर चुकी है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि मामला किस चरण में है, जिस पर सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि केस अभी ट्रायल स्टेज पर है और इसमें 94 गवाहों से पूछताछ होनी बाकी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश को लेकर शुरुआती आपत्तियां हैं और संकेत दिया कि उस आदेश पर रोक लगाई जा सकती है ताकि ट्रायल पर कोई असर न पड़े। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि इस बार जो दलीलें दी जा रही हैं, वे पहले की जमानत याचिकाओं में उठाए गए मुद्दों से अलग हैं। वहीं आरोपी पक्ष के वकील ने दलील दी कि गिरफ्तारी ट्रांजिट ऑर्डर से पहले ही कर ली गई थी और गिरफ्तारी के कारण साफ तौर पर नहीं बताए गए थे। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अपना आदेश तैयार कर रहा है।

एसजी बोले, हत्या के मामले में जमानत देना गलत

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाई कोर्ट के जमानत फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे चौंकाने वाला बताया। उनका कहना था कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में जमानत देना गलत फैसला है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि यह एक पहले से सोची-समझी और योजनाबद्ध हत्या का मामला है। आरोप है कि राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ हनीमून मनाने मेघालय गए थे, जहां कथित तौर पर उनकी हत्या कर दी गई और शव को खाई में फेंक दिया गया। एसजी ने बताया कि इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है और आरोपी सोनम रघुवंशी को यूपी से गिरफ्तार किया गया था, जहां वह कथित तौर पर भाग गई थीं। उन्होंने यह भी बताया कि जिस जज ने पहले तीन बार जमानत याचिका खारिज की थी, बाद में उसी जज ने जमानत दे दी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भी कुछ तथ्यों पर सवाल पूछे, जबकि सॉलिसिटर जनरल ने हाई कोर्ट के आदेश में बीएनएसएस की धारा 403 के गलत जिक्र का मुद्दा भी उठाया।

अब आगे क्या

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जारी है और अंतिम आदेश आना बाकी है। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार, 10 जुलाई को होगी, जिसमें हाई कोर्ट के जमानत आदेश और मेघालय सरकार की याचिका पर आगे विचार किया जाएगा।

सवाल-जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत पर रोक क्यों नहीं लगाई?
कोर्ट ने कहा कि सोनम रघुवंशी पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं, इसलिए इस समय उनकी रिहाई में हस्तक्षेप करना ठीक नहीं होगा।
मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
मामले की अगली सुनवाई गुरुवार, 10 जुलाई को होगी।
मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में क्या मांग की है?
मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें सोनम रघुवंशी को जमानत दी गई थी, और उसकी जमानत रद्द करने की मांग की है।
मामले में अभी तक कितने गवाहों से पूछताछ होनी है?
सॉलिसिटर जनरल के मुताबिक केस अभी ट्रायल स्टेज पर है और इसमें 94 गवाहों से पूछताछ होनी है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने क्या दलीलें दीं?
उन्होंने इसे प्रीमेडिटेटेड हत्या का मामला बताया, जिसमें राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हत्या कर शव खाई में फेंकने का आरोप है, और हाई कोर्ट के आदेश में बीएनएसएस की धारा 403 के गलत जिक्र का मुद्दा भी उठाया।
आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया था?
सॉलिसिटर जनरल के मुताबिक आरोपी सोनम रघुवंशी को यूपी से गिरफ्तार किया गया था, जहां वह कथित तौर पर भाग गई थीं।
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