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रामनगरी अयोध्या में ₹67.83 करोड़ की लागत से बनेगा उत्तराखंड का अत्याधुनिक राज्य अतिथि गृह, हर मंजिल पर जीवंत होंगे हिमालय और जिम कॉर्बेट के नजारेउत्तराखंड
13 सित॰ 2026, 5:13 pm (9 दिन पहले)· 0

रामनगरी अयोध्या में ₹67.83 करोड़ की लागत से बनेगा उत्तराखंड का अत्याधुनिक राज्य अतिथि गृह, हर मंजिल पर जीवंत होंगे हिमालय और जिम कॉर्बेट के नजारे

उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या में उत्तराखंड सरकार ₹67.83 करोड़ की लागत से एक शानदार और अनूठा राज्य अतिथि गृह बनाने जा रही है, जहां आने वाले श्रद्धालुओं को देवभूमि की लोक संस्कृति और हिमालयी खूबसूरती का सजीव अहसास होगा।

उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद से दुनिया भर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों का तांता लगा हुआ है। इस वैश्विक पर्यटन केंद्र पर अब देवभूमि उत्तराखंड की दिव्य और प्राकृतिक सुंदरता की एक बेहद खूबसूरत झलक देखने को मिलेगी। उत्तराखंड सरकार अयोध्या में लगभग 67.83 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक अत्याधुनिक और भव्य राज्य अतिथि गृह का निर्माण करने की तैयारी कर रही है। यह परियोजना न केवल उत्तराखंड के लोगों के लिए गौरव की बात होगी, बल्कि अयोध्या आने वाले हर श्रद्धालु को एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगी।

यह प्रस्तावित भवन कोई आम सरकारी कंक्रीट का ढांचा नहीं होगा, बल्कि इसे एक जीवंत सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में ढाला जा रहा है। परियोजना के डिजाइन को इस तरह से अंतिम रूप दिया गया है कि जैसे ही कोई आगंतुक इस भवन के मुख्य प्रवेश द्वार से अंदर कदम रखेगा, उसे सीधे हिमालय के ठंडे पहाड़ों, हरे-भरे जंगलों और उत्तराखंड की समृद्ध लोक विरासत का जीवंत अहसास होने लगेगा। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि निर्माण कार्य में उच्चतम गुणवत्ता और देवभूमि की पारंपरिक वास्तुकला की स्पष्ट छाप दिखे।

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हिमालय की वादियों और जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की दिखेगी थीम

इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा और अनोखा आकर्षण इसका इंटीरियर डिजाइन यानी आंतरिक साज-सज्जा होगी। इस बहुमंजिला इमारत के हर तल को उत्तराखंड के अलग-अलग प्रसिद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक प्रतीकों की थीम पर बेहद खूबसूरती से सजाया जाएगा। भवन के किसी हिस्से में पवित्र ओम पर्वत और बर्फ की सफेद चादर ओढ़े विशाल ग्लेशियरों की शांति और शीतलता का अनुभव होगा, तो किसी अन्य तल पर प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के घने जंगलों, वन्यजीवों और प्राकृतिक जैव विविधता की झलक देखने को मिलेगी।

इसके साथ ही, कुमाऊं क्षेत्र की शान कही जाने वाली पंचाचूली पर्वत श्रृंखला की चोटियों के विहंगम और मनमोहक दृश्य भी इस अतिथि गृह की दीवारों और गलियारों में उकेरे जाएंगे। इसका सीधा लाभ यह होगा कि यहां रुकने वाले अतिथियों को न केवल आधुनिक और आरामदायक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि वे एक ही छत के नीचे संपूर्ण उत्तराखंड की यात्रा का एक अद्भुत और काल्पनिक अनुभव भी प्राप्त कर सकेंगे। यह डिजाइन कला और आधुनिकता का एक बेहतरीन समन्वय साबित होने वाला है।

पर्यटन को बढ़ावा देने और ब्रांडिंग करने का शानदार जरिया

अयोध्या में प्रतिदिन देश और विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड सरकार इस भव्य अतिथि गृह को केवल सरकारी अधिकारियों, मंत्रियों या विशिष्ट अतिथियों (VIP) के ठहरने के स्थान तक सीमित रखना नहीं चाहती है। सरकार इस पूरी परियोजना को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड के पर्यटन, संस्कृति और देवभूमि की पहचान को चमकाने के लिए एक बहुत बड़े ब्रांडिंग प्लेटफॉर्म के रूप में देख रही है।

रामनगरी आने वाले सैलानियों के सामने उत्तराखंड की लोक कलाओं, चारों धामों की महिमा, पारंपरिक जीवनशैली और वहां के खूबसूरत प्राकृतिक गंतव्यों की कहानी को डिजिटल और कलात्मक माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे न केवल उत्तराखंड की अनूठी पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी, बल्कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालु भी देवभूमि की यात्रा के लिए प्रेरित होंगे, जिससे राज्य के पर्यटन क्षेत्र को एक नई दिशा और भारी बढ़ावा मिलेगा।

नक्शे में हुआ बड़ा बदलाव, अब पूरी तरह गेस्ट हाउस पर रहेगा ध्यान

इस बेहद महत्वपूर्ण परियोजना को अधिक से अधिक उपयोगी, टिकाऊ और विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए इसके मूल मास्टर प्लान में कुछ बड़े और महत्वपूर्ण फेरबदल भी किए गए हैं। शुरुआती योजना के तहत इस परिसर में एक बारात घर का प्रस्ताव भी शामिल किया गया था, लेकिन गहन समीक्षा के बाद प्रशासन ने बारात घर के निर्माण के प्रस्ताव को अब पूरी तरह से इस प्रोजेक्ट से बाहर कर दिया है। इसके स्थान पर अब पूरे क्षेत्रफल का उपयोग विशुद्ध रूप से एक आधुनिक, सर्वसुविधाजनक और उत्कृष्ट राज्य अतिथि गृह की वास्तविक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा।

परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल ईंट और पत्थरों की एक सामान्य इमारत खड़ी करना नहीं है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता, भवन का डिजाइन और इसका स्थायित्व ऐसा होना चाहिए जो अयोध्या के ऐतिहासिक गौरव को सम्मान देने के साथ-साथ उत्तराखंड के मान-सम्मान और स्वाभिमान को भी पूरे देश के सामने मजबूती से बयां कर सके। इस दिशा में अब तेजी से काम आगे बढ़ाया जा रहा है।

सवाल-जवाब

अयोध्या में बनने वाले उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह की कुल अनुमानित लागत कितनी है?
इस भव्य और आधुनिक राज्य अतिथि गृह के निर्माण पर लगभग 67.83 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
इस अतिथि गृह की आंतरिक सजावट (इंटीरियर डिजाइन) में क्या खास होगा?
इसके प्रत्येक तल को उत्तराखंड के प्राकृतिक और सांस्कृतिक प्रतीकों जैसे पवित्र ओम पर्वत, ग्लेशियरों, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क और पंचाचूली पर्वत श्रृंखला की थीम पर सजाया जाएगा।
परियोजना के मूल नक्शे से किस प्रस्ताव को हटा दिया गया है?
इस परियोजना को पूरी तरह आधुनिक अतिथि गृह के रूप में विकसित करने के लिए शुरुआती योजना में शामिल 'बारात घर' के प्रस्ताव को हटा दिया गया है।
इस अतिथि गृह के निर्माण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य केवल अधिकारियों के ठहरने की व्यवस्था करना नहीं, बल्कि अयोध्या आने वाले वैश्विक पर्यटकों के सामने उत्तराखंड के पर्यटन, संस्कृति और चारधाम की ब्रांडिंग करना भी है।
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