त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों की तस्करी के प्रयास को विफल कर दिया है। शहर के बट्टाला इलाके में स्थित भुटानी मार्केट से दो बाहरी युवकों को हिरासत में लिया गया, जिनके पास से तीन अत्याधुनिक पिस्तौल और 50 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। यह पूरी कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर बिछाए गए जाल के जरिए संभव हो सकी, जब दोनों आरोपी हथियारों की खेप किसी अन्य व्यक्ति को सौंपने की फिराक में वहां पहुंचे थे।
भुटानी मार्केट में जाल बिछाकर पकड़ा गया
पश्चिम अगरतला पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले भुटानी मार्केट में हथियारों के संदिग्ध सौदे की सटीक जानकारी मिलने के बाद इस ऑपरेशन की रूपरेखा तैयार की गई थी। सदर सब डिवीजनल पुलिस ऑफिसर (एसडीपीओ) पन्ना लाल सेन के अनुसार, पुलिस टीम ने मौके पर रणनीतिक घेराबंदी की ताकि हथियार सौंपने आए लोगों को रंगे हाथों पकड़ा जा सके। जैसे ही दोनों संदिग्ध बाजार में पहुंचे और हथियारों की डिलीवरी की तैयारी कर रहे थे, पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत धर दबोचा।
हथियार तस्करी के आरोप में औपचारिक गिरफ्तारी
शुरुआती हिरासत और तलाशी के बाद दोनों युवकों को अवैध हथियारों की तस्करी के आरोपों के तहत औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया। पत्रकारों से बातचीत में एसडीपीओ पन्ना लाल सेन ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता और जारी जांच को देखते हुए फिलहाल दोनों आरोपियों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि दोनों आरोपी बुधवार को ही ट्रेन के जरिए त्रिपुरा पहुंचे थे और उसी दिन उन्हें हथियारों की खेप के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
अंतरराज्यीय गिरोह की भूमिका की गहन जांच
जांच अधिकारियों को गहरा संदेह है कि त्रिपुरा में अवैध हथियारों के इस धंधे के पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों को राज्य में किसे सौंपा जाना था और इस पूरे अवैध कारोबार में अन्य कौन से लोग शामिल हैं। राज्य में 27 नवंबर को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी की जा चुकी है, ऐसे संवेदनशील समय में हथियारों की यह बरामदगी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।



















