त्योहारी सीजन में नई गाड़ी लेने से पहले प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन जरूर करें, इन जरूरी बातों पर रखें नजरकानपुर के कंजड़नपुरवा में पुलिस का भोर में बड़ा छापा, ड्रोन से घेराबंदी कर तीन तस्कर दबोचेबिहार शिक्षक भर्ती के चौथे चरण के लिए पंजीकरण की अंतिम घड़ी, 33,320 पदों के लिए तुरंत करें आवेदनत्योहारी थकान से मुरझाई त्वचा में जान फूंकेगा गुड़हल का घरेलू लेपसर्दियों में बालों की उलझन और देखरेख से राहत दिलाएंगे चार आसान हेयर स्टाइलमुंगेली में पंचायत चुनाव की पुरानी रंजिश में मर्डर, सुपारी देकर कराई गई थी तुलसी साहू की हत्यानागालैंड डियर संडे लॉटरी परिणाम घोषित, पहले पुरस्कार में 1 करोड़ रुपये जीतने का अवसरतमिलनाडु में दिवाली के अगले दिन 9 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश, कोयंबेडु सब्जी मंडी भी रहेगी बंदजयपुर में लाइव शो के दौरान मंच पर घुसा प्रशंसक, सहमकर चिल्लाईं पंजाबी गायिका सुनंदा शर्माभारतीय वायुसेना की कमान संभालते ही एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने तय की प्राथमिकताएं, तेजस और AMCA पर रहेगा खास जोर
रामलीला मैदान के विरोध प्रदर्शन पर जेपी नड्डा का तीखा प्रहार, राहुल गांधी पर अस्थिरता फैलाने का आरोपभारत
1 नव॰ 2026, 12:39 pm (7 मिनट पहले)· 0

रामलीला मैदान के विरोध प्रदर्शन पर जेपी नड्डा का तीखा प्रहार, राहुल गांधी पर अस्थिरता फैलाने का आरोप

दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी मोर्चे के शक्ति प्रदर्शन के बीच जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला और कहा कि भारत किसी भी सूरत में कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में विपक्षी दलों के गठबंधन के बड़े जमावड़े के बीच भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव काफी तेज हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा जुबानी हमला करते हुए देश में अशांति और अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश किसी की मनमर्जी या अराजक मंसूबों से संचालित नहीं हो सकता। यह टकराव उस समय खुलकर सामने आया जब विपक्षी दलों का मोर्चा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर के खिलाफ दिल्ली में विशाल शक्ति प्रदर्शन कर रहा था।

लोकतांत्रिक व्यवस्था और बनाना रिपब्लिक टिप्पणी

विपक्षी गठबंधन के इस जमावड़े पर कड़ा एतराज जताते हुए जेपी नड्डा ने सीधे राहुल गांधी को आगाह किया कि वे देश की लोकतांत्रिक ताकत को कमतर आंकने की भूल न करें। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी कान खोलकर सुन लीजिए, यह भारत है, कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है जहां आप जब चाहें आगजनी करा दें, दंगे भड़का दें और सत्ता परिवर्तन का एजेंडा चला दें।”

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी को इस तरह के दिवास्वप्न देखना तुरंत बंद कर देना चाहिए। भारत दुनिया का सबसे प्राचीन और अत्यंत सुदृढ़ लोकतांत्रिक देश है, जो किसी भी प्रकार की अराजकता, आगजनी या दंगे भड़काने की राजनीति से नहीं डगमगाएगा। देश की पूरी शासन व्यवस्था संविधान के स्पष्ट नियमों और जनता द्वारा दिए गए जनादेश के आधार पर ही चलेगी, न कि सड़क पर माहौल बिगाड़कर सत्ता पलटने की कोशिशों से। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर संस्थाओं की साख गिराने और जनता में अविश्वास का माहौल खड़ा करने का गंभीर आक्षेप लगाया।

1984 के सिख विरोधी दंगों का उल्लेख और कांग्रेस पर वार

अपने संबोधन में जेपी नड्डा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का विशेष रूप से उल्लेख किया और कांग्रेस के इतिहास पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने 1 नवंबर की तारीख को भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला और दागदार दिन करार दिया। नड्डा ने आरोप लगाया कि इसी ऐतिहासिक तारीख पर कांग्रेस पार्टी द्वारा पाले गए तत्वों ने निर्दोष सिख नागरिकों का कत्लेआम किया था। उस भयावह दौर में हजारों सिख परिवारों को रातोंरात बेघर कर दिया गया और अनगिनत महिलाएं विधवा हो गईं।

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की विधवा कॉलोनी आज भी उस क्रूर और खूनी दौर की जीवित गवाह बनकर खड़ी है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि गांधी परिवार ने उस अक्षम्य कृत्य के लिए आज तक सिख समुदाय से निष्कपट भाव से माफी नहीं मांगी है। नड्डा ने कहा कि आज का दिन असल में दंगा पीड़ितों और शहीदों को नमन करने और उनके दर्द को साझा करने का अवसर था, लेकिन राहुल गांधी इस काले दिन का इस्तेमाल रामलीला मैदान में रैली करके अपने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ साधने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने विपक्षी गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों से भी सीधा सवाल पूछा कि क्या वे इस तारीख पर रैली में शामिल होकर सिख समुदाय के पुराने जख्मों पर नमक छिड़कने के कृत्य में कांग्रेस के सहभागी बन रहे हैं।

व्यापारियों की आजीविका और करोड़ों के आर्थिक नुकसान की चिंता

राजनीतिक आरोपों से आगे बढ़ते हुए जेपी नड्डा ने इस विशाल राजनीतिक जमावड़े के कारण दिल्ली के आम व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को झेलने पड़ रहे नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि दिवाली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के व्यस्त समय में सड़कों पर इस तरह के भारी जमावड़े से बाजारों की सामान्य गतिविधियां पूरी तरह चरमरा जाती हैं, जिससे स्थानीय खुदरा कारोबारियों की रोजी-रोटी पर सीधा आघात पहुंचता है।

नड्डा ने चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री यानी सीटीआई द्वारा राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को लिखे गए पत्रों का हवाला दिया। उन्होंने आंकड़ों के साथ स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पिछले प्रदर्शनों के कारण दिल्ली के कारोबारियों को लगभग 3,000 करोड़ रुपए की भारी चपत लगी थी। वहीं रामलीला मैदान में आयोजित इस ताजा रैली की वजह से 10,000 करोड़ रुपए से भी अधिक के व्यापक आर्थिक नुकसान की गंभीर आशंका खड़ी हो गई है। त्योहारी मौसम में जब छोटे व्यापारी साल भर की कमाई की आस लगाए बैठे होते हैं, ऐसे समय में शहर को जाम और अव्यवस्था में धकेलना बेहद गैर-जिम्मेदाराना कदम है।

विदेशी दौरों और आर्थिक प्रहार पर नड्डा का अंतिम प्रहार

अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के पूर्व के बयानों और विदेशी दौरों की कार्यशैली पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तय रणनीति के तहत पहले विदेशों में जाकर भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा, छवि और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर प्रश्नचिह्न लगाए जाते हैं और फिर स्वदेश लौटकर देश की आर्थिक ताकत तथा लोकतांत्रिक नींव पर सीधा हमला बोला जाता है।

नड्डा ने दावा किया कि देश की जागरूक जनता अब इन राजनीतिक पैंतरेबाजियों और झांसों को भली-भांति समझने लगी है। लोकतंत्र को बंधक बनाने या जनता के फैसले को सड़कों पर चुनौती देकर अस्थिरता पैदा करने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी क्योंकि देश संविधान की मर्यादा और जनमत की शक्ति से ही आगे बढ़ेगा।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर क्या मुख्य आरोप लगाए?
जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी भारत को बनाना रिपब्लिक समझकर आगजनी, दंगे और अस्थिरता फैलाने का एजेंडा चला रहे हैं।
रामलीला मैदान में विपक्षी दलों का प्रदर्शन किस मुद्दे पर था?
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और एसआईआर के विरोध को लेकर आयोजित किया गया था।
जेपी नड्डा ने 1 नवंबर की तारीख को लेकर क्या कहा?
उन्होंने 1 नवंबर को लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन बताते हुए कहा कि इसी दिन 1984 में सिख विरोधी दंगों में निर्दोष सिखों का कत्लेआम हुआ था।
रैली से दिल्ली के व्यापारियों को कितने नुकसान का अनुमान जताया गया?
नड्डा ने दावा किया कि पिछले विरोध प्रदर्शनों से 3,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था और इस बार 10,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के नुकसान की आशंका है।
व्यापारियों के नुकसान के संदर्भ में किस संस्था का उल्लेख किया गया?
इस आर्थिक नुकसान के संदर्भ में चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री यानी सीटीआई द्वारा नेताओं को भेजे गए पत्रों का उल्लेख किया गया।
नड्डा ने राहुल गांधी के विदेशी दौरों पर क्या टिप्पणी की?
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशों में जाकर भारत का अपमान करते हैं और वापस आकर देश के लोकतंत्र तथा अर्थव्यवस्था पर प्रहार करते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp