उत्तर प्रदेश के कानपुर में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री करने वालों के खिलाफ पुलिस ने बड़े पैमाने पर घेराबंदी की है। किदवई नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कंजड़नपुरवा इलाके में एक नवंबर की सुबह लगभग पांच बजे भारी सुरक्षा बल के साथ अचानक तलाशी अभियान शुरू किया गया। यह पूरी कार्रवाई डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी की अगुवाई में संचालित की गई। तड़के हुई इस औचक कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में अचानक हलचल तेज हो गई। कई घंटों तक चली सघन खोजबीन और निगरानी के बाद पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया और उनके कब्जे से 11 किलोग्राम गांजा जब्त किया।
चार थानों का साझा मोर्चा और 135 जवानों की तैनाती
कानपुर का यह रिहायशी इलाका लंबे समय से स्मैक, गांजा और व्हाइटनर जैसे विभिन्न नशीले पदार्थों के अवैध वितरण केंद्र के तौर पर कुख्यात रहा है। पूर्व में ऐसे भी कई मामले सामने आ चुके हैं जहां बुजुर्गों, नवयुवकों, युवतियों और यहां तक कि स्कूली बच्चों के बस्तों का इस्तेमाल करके मादक पदार्थों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा रहा था। आगामी त्योहार दिवाली से ठीक पहले इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के मकसद से पुलिस ने अत्यंत सुनियोजित खाका तैयार किया।
इस संयुक्त अभियान को धरातल पर उतारने के लिए किदवई नगर, बाबूपुरवा, जूही और गोविंद नगर थानों की पुलिस टीमों को एक साथ मैदान में उतारा गया। चारों थानों से जुटाए गए लगभग 135 पुलिसकर्मियों ने भोर के अंधेरे में ही पूरे क्षेत्र को घेर लिया। पुलिस ने बस्ती की तरफ आने-जाने वाले सभी रास्तों पर सख्त पहरा बिठा दिया, ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति भागने में सफल न हो सके। अभियान के दौरान मौके पर मौजूद डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने खुद हर गतिविधि की निगरानी की।
आसमान में गश्त करते ड्रोन और घरों में सघन तलाशी
अभियान को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने ड्रोन कैमरों का व्यापक सहारा लिया। आसमान में उड़ते ड्रोन के जरिए इलाके की गलियों, छतों और संदिग्ध ठिकानों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। ऊपर से मिल रहे इनपुट के आधार पर मैदानी पुलिस दस्तों ने पहले से चिन्हित किए गए मकानों और संदिग्ध ठिकानों में प्रवेश कर तलाशी शुरू की। अचानक भारी पुलिस बल और ऊपर मंडराते कैमरों को देखकर बस्ती के निवासियों में हड़कंप मच गया। पुलिस टीमों ने एक-एक संदिग्ध ठिकाने की बारीकी से जांच की।
11 किलो गांजे के साथ महिला समेत तीन लोग गिरफ्तार
तलाशी अभियान के दौरान आसमान में उड़ रहे ड्रोन को देखकर तीन व्यक्तियों ने घबराकर भागने की कोशिश की। जमीन पर तैनात सतर्क जवानों ने तुरंत उन्हें चारों तरफ से घेरकर हिरासत में ले लिया। तलाशी लेने पर इन व्यक्तियों के कब्जे से कुल 11 किलो गांजा बरामद किया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अरमान, सागर और अंजलि नाम की एक महिला के रूप में हुई है।
पुलिस अब इन तीनों आरोपियों को हिरासत में रखकर गहन पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा किस मुख्य स्रोत से मंगवाया गया था और इसे किन-किन स्थानीय इलाकों और ग्राहकों तक पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही इस पूरे अवैध धंधे में शामिल अन्य कड़ियों और मददगारों की पहचान भी की जा रही है।
सप्लाई चेन और संगठित नेटवर्क की पड़ताल में जुटी पुलिस
कानपुर पुलिस का स्पष्ट कहना है कि यह कार्रवाई केवल कुछ नशीले पदार्थों की जब्ती या कुछ लोगों को पकड़ने तक सीमित नहीं रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य उस पूरी बैकवर्ड और फॉरवर्ड सप्लाई चेन को तोड़ना है जो इस इलाके में वर्षों से सक्रिय है। जांच दल इस बिंदु पर भी पड़ताल कर रहा है कि क्या यह कारोबार स्थानीय स्तर पर चल रहा था अथवा इसके तार किसी बड़े अंतर-जनपदीय संगठित गिरोह से जुड़े हुए हैं।
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि शहर में अवैध मादक पदार्थों के धंधे को पूरी तरह समाप्त करने के लिए यह सघन अभियान आगे भी बिना रुके जारी रहेगा। चार थानों के 135 जवानों और आधुनिक ड्रोन निगरानी के समन्वय से चलाए गए इस ऑपरेशन से इलाके में अवैध कारोबारियों के बीच कड़ा संदेश गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।
























