भारतीय रेल की प्रीमियम ट्रेनों में शामिल दुरंतो सुपरफास्ट एक्सप्रेस को निशाना बनाकर पथराव करने का गंभीर मामला सामने आया है। जब यह ट्रेन लगभग 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी, तभी रात के सन्नाटे में अचानक ट्रेन की बोगियों पर पत्थरों की बौछार शुरू हो गई। तेज गति में अचानक हुए इस हमले से ट्रेन के भीतर बैठे यात्रियों में अफरातफरी और भय का माहौल बन गया।
अचानक खिड़कियों पर टकराए भारी पत्थर
सफर के दौरान अधिकांश यात्री अपनी सीटों पर आराम कर रहे थे या सो रहे थे, तभी बोगियों की खिड़कियों और कांच पर तेज आवाज के साथ पत्थर आकर टकराने लगे। ट्रेन की रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा होने की वजह से पत्थरों के टकराने की आवाज बेहद तेज थी, जिससे यात्रियों को लगा कि कोई गंभीर हादसा हो गया है। कई कोचों के शीशों पर दरारें आने और जोरदार झटकों की वजह से लोग अपनी सीटों से उठकर गलियारे में आ गए।
हाई-स्पीड ट्रैक पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल
रेलवे लगातार मुख्य रेल मार्गों पर ट्रेनों की गति 130 से 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाने के लिए ट्रैक अपग्रेडेशन और सुरक्षा घेराबंदी जैसे कदम उठा रहा है। राजधानी और वंदे भारत जैसी प्रीमियम सेवाओं के साथ-साथ दुरंतो एक्सप्रेस भी सेमी-हाई स्पीड ट्रैक पर तेज गति से दौड़ती है। ऐसे में तेज गति से दौड़ती गाड़ियों पर पथराव न केवल खिड़कियों के कांच तोड़कर भीतर बैठे मुसाफिरों को घायल कर सकता है, बल्कि यह किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकता है।
दोषियों की तलाश और सुरक्षा निगरानी
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और संबंधित रेल प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। जिस क्षेत्र में यह पथराव हुआ, वहां संदिग्धों की धरपकड़ के लिए गश्त तेज की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संवेदनशील रेलखंडों पर सीसीटीवी निगरानी और ट्रैक पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की असामाजिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
















