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रेणुका क्षेत्र में पिकअप वाहन गहरी खाई में समा गया, पोस्टमार्टम के बाद घर लौट रहे यात्रियों में से 4 की जान गई, 9 जख्मीहिमाचल प्रदेश
12 अग॰ 2026, 8:46 pm (86 दिन पहले)· 1

रेणुका क्षेत्र में पिकअप वाहन गहरी खाई में समा गया, पोस्टमार्टम के बाद घर लौट रहे यात्रियों में से 4 की जान गई, 9 जख्मी

सिरमौर के रेणुका क्षेत्र में बुधवार को पिकअप गाड़ी गलोगी के पास गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए। हादसे का शिकार हुए लोग एक व्यक्ति का पोस्टमार्टम करवाकर अपने गांव लौट रहे थे।

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में बुधवार को एक बेहद दुखद सड़क हादसा सामने आया, जिसमें एक भरी हुई पिकअप गाड़ी गहरी खाई में जा गिरी और चार लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा रेणुका विधानसभा क्षेत्र के गलोगी के पास पेश आया, जब गाड़ी संगड़ाह से अरलू की ओर जा रही थी।

अनियंत्रित होकर खाई में समाई गाड़ी

मिली जानकारी के अनुसार पिकअप गाड़ी संगड़ाह से अरलू की तरफ रवाना हुई थी। रास्ते में गलोगी के पास चालक गाड़ी पर काबू नहीं रख सका, जिसके बाद वाहन सड़क से फिसलकर सीधे गहरी खाई में जा गिरा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सवार सभी लोगों को गंभीर चोटें आईं। हादसे की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से लोग तुरंत मौके की तरफ दौड़ पड़े और राहत व बचाव कार्य में जुट गए। ग्रामीणों ने ही सबसे पहले घायलों को खाई से बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाने में मदद की। हालत की गंभीरता को देखते हुए सभी नौ घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज नाहन रेफर कर दिया गया, जिनमें से कुछ की हालत अब भी नाजुक बताई जा रही है। दुर्घटना के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे की मदद के लिए दौड़ते नजर आए।

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अंतिम संस्कार से पहले पोस्टमार्टम कराकर लौट रहे थे परिजन

इस हादसे को और दर्दनाक बनाने वाली बात यह है कि गाड़ी में सवार लोग पहले से ही एक और गम से उबरने की कोशिश में थे। बताया जा रहा है कि यह सभी लोग एक व्यक्ति का पोस्टमार्टम करवाकर अस्पताल से अपने गांव लौट रहे थे। जानकारी के मुताबिक उस व्यक्ति की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई थी। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार और अन्य लोग शव के साथ वापसी के सफर पर निकले थे, तभी गलोगी के पास यह हादसा हो गया, जिसने परिवार को एक और सदमे में डाल दिया।

पुलिस जांच में जुटी, कारणों का पता लगाया जा रहा

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शुरुआती पड़ताल में यही सामने आया है कि गाड़ी अनियंत्रित होकर सीधे खाई में जा गिरी, हालांकि हादसे की असली वजह क्या रही, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगा। सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम सबूत जुटाने और गवाहों के बयान दर्ज करने में जुटी है। इसके साथ ही हादसे में जान गंवाने वाले चारों लोगों के परिवारों को इसकी सूचना दी जा रही है, ताकि आगे की औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।

सवाल-जवाब

हादसा कब और कहां हुआ?
यह हादसा बुधवार को सिरमौर जिले की रेणुका विधानसभा क्षेत्र में गलोगी के पास हुआ, जब पिकअप गाड़ी संगड़ाह से अरलू की ओर जा रही थी।
हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हुए?
हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य लोग घायल हुए हैं।
हादसे का शिकार हुए लोग कहां जा रहे थे?
वे एक व्यक्ति का पोस्टमार्टम करवाने के बाद अस्पताल से अपने गांव लौट रहे थे, जिसकी मौत हार्ट अटैक से हुई थी।
घायलों का इलाज कहां किया जा रहा है?
सभी नौ घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज नाहन रेफर किया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे की वजह क्या रही?
शुरुआती जानकारी के मुताबिक चालक गाड़ी पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिससे वह अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी, लेकिन पूरी वजह जांच के बाद ही सामने आएगी।
इस मामले में पुलिस ने क्या कहा है?
सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने हादसे की पुष्टि की है और पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rohan Verma@rohan-verma·85 दिन पहले

यह हादसा पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन के नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पोस्टमार्टम प्रक्रिया के बाद शोक संतप्त परिवार के साथ हुआ यह दोहरा संकट प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर गहरी संवेदना की मांग करता है। पहाड़ी रास्तों पर बेलगाम वाहन और ओवरलोडिंग रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की हृदयविदारक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

Rohan Verma@rohan-verma·85 दिन पहले

यह हादसा पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की गंभीर कमियों को उजागर करता है। पहाड़ी रास्तों पर ढलान और तीखे मोड़ों पर वाहनों का अनियंत्रित होना और स्थानीय लोगों का पहले राहत कार्य में जुटना यह बताता है कि आपदा प्रबंधन में स्थानीय भागीदारी कितनी महत्वपूर्ण है। भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा बैरियर और परिवहन नियमों की सख्त निगरानी अनिवार्य होनी चाहिए।

Karan Malhotra@karan-malhotra·85 दिन पहले

पर्वतीय क्षेत्रों में ऐसे मामलों की कानूनी और फोरेंसिक जांच में यह परखना आवश्यक हो जाता है कि वाहन की तकनीकी फिटनेस और भार क्षमता क्या थी। पुलिस अधीक्षक द्वारा हर पहलू पर जांच के आदेश यह सुनिश्चित करेंगे कि वाहन नियंत्रण खोने के वास्तविक तकनीकी कारणों—जैसे ब्रेक फेल होना या ओवरलोडिंग—सामने आ सकें, जो भविष्य की कानूनी कार्रवाई का आधार बनेंगे।

Rohan Verma@rohan-verma·85 दिन पहले

यह हादसा पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और ग्रामीण परिवहन के बुनियादी ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े करता है। शोक संतप्त परिवार का इस तरह दुर्घटना का शिकार होना मानवीय रूप से अत्यंत झकझोरने वाला है। पहाड़ी रास्तों पर ओवरलोडिंग और अनियंत्रित वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को परिवहन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना होगा, ताकि भविष्य में इस तरह की हृदयविदारक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·85 दिन पहले

यह दर्दनाक घटना पर्वतीय क्षेत्रों में बिना परमिट और व्यावसायिक मानकों के विपरीत सवारी ढोने वाले वाहनों के अवैध संचालन पर नकेल कसने की सख्त जरूरत को उजागर करती है। पुलिस और परिवहन विभाग को अब केवल चालान तक सीमित न रहकर दुर्गम इलाकों में वाहन फिटनेस और ओवरलोडिंग के खिलाफ नियमित औचक निरीक्षण अभियान चलाना होगा, अन्यथा दुखद हादसों का यह सिलसिला थमता नहीं दिखेगा।

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