अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खेड़ी गांव में सरकारी कब्रिस्तान की भूमि को लेकर दो पक्षों के बीच उपजा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। कब्रिस्तान की जमीन पर लकड़ियों का ढेर लगाए जाने का विरोध करने पर एक युवक और उसके पूरे परिवार पर धारदार हथियारों से सुनियोजित हमला किया गया। अचानक हुए इस खूनी आक्रमण से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों के बीच भारी तनाव का माहौल देखा जा रहा है। पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले की गहनता से छानबीन कर रहा है।
कब्रिस्तान की जमीन पर लकड़ियां रखने को लेकर हुआ था विवाद
खेड़ी गांव के रहने वाले शरीफ खान ने जब गांव के ही रतन सिंह और भगत सिंह के परिवारों द्वारा सरकारी कब्रिस्तान की जमीन पर लकड़ियां डाले जाने का पुरजोर विरोध किया, तो यह मामूली सी बहस देखते ही देखते बड़े विवाद में तब्दील हो गई। शरीफ खान का यह तर्क था कि सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर इस प्रकार का कब्जा करना या सामान रखना कानूनी रूप से गलत है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जो कुछ ही पलों में मारपीट में तब्दील हो गई और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर चली गई।
लाठी-डंडों और तलवारों से लैस होकर आए थे हमलावर
विवाद बढ़ने के बाद आरोप है कि रतन सिंह, भगत सिंह और सुखविंदर समेत अन्य लोगों ने एकजुट होकर शरीफ खान के घर पर हमला बोल दिया। हमलावर अपने साथ लाठी-डंडे और तलवारें लेकर आए थे, जिससे उन्होंने परिवार के सदस्यों पर ताबड़तोड़ वार किए। इस अचानक हुए हमले से घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बचाव का कोई मौका नहीं मिल पाया। इस जानलेवा हमले में शरीफ खान के अलावा उनके पिता सलीम, भाई साहिल और बहन रवीना बुरी तरह से जख्मी हो गए, जिन्हें शरीर पर गंभीर चोटें आईं।
गंभीर हालत के चलते शरीफ खान को किया गया अलवर रेफर
घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि शरीफ खान की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर चिकित्सा के लिए अलवर रेफर कर दिया, जहाँ उनका इलाज जारी है। परिवार के अन्य घायल सदस्यों का भी विभिन्न अस्पतालों में उपचार किया जा रहा है। इस घटना के बाद से खेड़ी गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से निपटा जा सके और कानून व्यवस्था कायम रहे। स्थानीय लोग अब इस मामले में पुलिस की कड़ी कानूनी कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं ताकि दोषियों को सजा मिल सके।


















