बिहार के कटिहार जिले में अंधविश्वास और प्रतिशोध के एक विचलित कर देने वाले मामले में पुलिस ने एक 65 वर्षीय व्यक्ति को अपने ही गांव के एक वृद्ध पुजारी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह सनसनीखेज वारदात आजमनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खरसोता गांव की है, जहां 2 नवंबर को पुजारी हीरालाल मंडल का शव एक पेड़ से लटका हुआ बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने पोते की मौत का जिम्मेदार पुजारी को ठहराते हुए इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम दिया।
अंधविश्वास की बेड़ियों में रची गई हत्या की साजिश
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी अनंतलाल मंडल का छह महीने का पोता लगभग एक वर्ष पहले अकाल मृत्यु का शिकार हो गया था। पोते की असामयिक मौत के बाद से ही अनंतलाल के दिमाग में यह बात बैठ गई थी कि गांव के पुजारी हीरालाल मंडल ने ही उस पर जादू-टोना या काला जादू किया था। इसी झूठे शक और बदले की भावना के कारण उसने पुजारी को रास्ते से हटाने का मन बना लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने इस आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए अपने दो बेटों, रिंकू मंडल और शंभू मंडल को भी इस खतरनाक योजना में शामिल कर लिया।
गला घोंटा, चाकू मारा और जीभ काट दी
2 नवंबर को आरोपियों ने हीरालाल मंडल को निशाना बनाया। आरोप है कि पहले पुजारी का गला दबाया गया और फिर चाकू से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद घटना को और भी अधिक भयावह और रहस्यमयी रूप देने के लिए तथाकथित तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर मृतक पुजारी की जीभ काट ली गई। अपराध छिपाने और मामले को अलग मोड़ देने के इरादे से उनके शव को पेड़ से लटका दिया गया।
विशेष जांच टीम का गठन और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। क्षेत्र के डीएसपी मंगलेश कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम ने गांव में गहन पूछताछ और तकनीकी जांच शुरू की, जिसमें अनंतलाल मंडल पर संदेह गहरा गया। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद जब उससे पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
हत्या में प्रयुक्त हथियार और रुद्राक्ष की माला बरामद
गिरफ्तार आरोपी अनंतलाल मंडल की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद कर लिया है। इसके साथ ही घटनास्थल के पास से मृतक पुजारी की टूटी हुई रुद्राक्ष की माला भी जब्त की गई है, जो वारदात के समय संघर्ष के दौरान टूट गई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्य आरोपी अब सलाखों के पीछे है, जबकि घटना में शामिल उसके दोनों बेटों, रिंकू मंडल और शंभू मंडल की तलाश में पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाकी फरार आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।

















