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रूसी राजनयिक पेट्र सिजोव ने भारत में बाइक सफर और हिंदी सीखने का अनुभव साझा कियाभारत
24 सित॰ 2026, 5:38 pm (7 दिन पहले)· 1

रूसी राजनयिक पेट्र सिजोव ने भारत में बाइक सफर और हिंदी सीखने का अनुभव साझा किया

रूसी दूतावास के प्रेस सचिव पेट्र सिजोव ने भारत में अपनी मोटरसाइकिल यात्राओं और हिंदी भाषा पर अपनी मजबूत पकड़ के संस्मरण साझा किए।

रूसी दूतावास के प्रेस सचिव पेट्र सिजोव ने भारत में अपने अनुभवों और स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव को लेकर खुलकर चर्चा की है। एक विशेष परिचर्चा के दौरान उन्होंने धाराप्रवाह हिंदी में बातचीत करते हुए बताया कि वह न केवल इस भाषा को अच्छी तरह समझते हैं, बल्कि नियमित रूप से हिंदी अखबार भी पढ़ सकते हैं।

मोटरसाइकिल से नापा भारत, समझी संस्कृति

पेट्र सिजोव ने देश के विभिन्न राज्यों में बाइक से की गई यात्राओं के संस्मरण साझा किए। उनका कहना था कि दोपहिया वाहन से अलग-अलग इलाकों का भ्रमण करने से उन्हें भारत की विविधता, यहां के जनजीवन और परंपराओं को बेहद करीब से देखने और महसूस करने का अनूठा अवसर मिला। आम लोगों से सीधे संवाद ने उनके इस सफर को और अधिक यादगार बना दिया।

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भारत के साथ गहरा भाषाई और सांस्कृतिक जुड़ाव

शुभांगी शर्मा के साथ संवाद में रूसी राजनयिक ने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय भाषा पर पकड़ होने से किसी भी देश की जमीनी नब्ज को समझना बेहद आसान हो जाता है। DEFCON 2026 कार्यक्रम के दौरान सामने आई इस बातचीत में उन्होंने भारत में बिताए अपने समय, यहां के समाज और रोजमर्रा के अनुभवों को बेहद आत्मीय तरीके से रेखांकित किया।

सवाल-जवाब

पेट्र सिजोव कौन हैं?
पेट्र सिजोव रूसी दूतावास के प्रेस सचिव हैं।
पेट्र सिजोव ने भारत में अपनी यात्राओं को लेकर क्या बताया?
उन्होंने बताया कि उन्होंने भारत के विभिन्न हिस्सों में बाइक से यात्राएं कीं, जिससे उन्हें यहां के लोगों और संस्कृति को करीब से जानने का मौका मिला।
पेट्र सिजोव की हिंदी दक्षता के बारे में क्या जानकारी सामने आई?
पेट्र सिजोव ने बताया कि वह हिंदी में बातचीत कर सकते हैं और हिंदी के अखबार भी पढ़ सकते हैं।
यह बातचीत किस कार्यक्रम के दौरान हुई?
यह बातचीत DEFCON 2026 कार्यक्रम के दौरान शुभांगी शर्मा के साथ हुई।
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टिप्पणियाँ 5

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·6 दिन पहले

कोई विदेशी धाराप्रवाह हिंदी बोल ले और अखबार पढ़ ले, इस पर आसानी से विश्वास नहीं होता। भाषा सीखना इतना सरल नहीं होता, शायद कुछ बढ़ा-चढ़ाकर कह दिया गया हो।

Ravikash Gupta@ravikash·6 दिन पहले

एक विदेशी राजनयिक का इस तरह धाराप्रवाह हिंदी बोलना और स्थानीय अखबार पढ़ना वाकई शानदार है। वैसे भी, जब कोई कूटनयिक बाइक पर घूमकर ज़मीनी हालात समझता है, तो उसका नज़रिया कागज़ी रिपोर्टों से कहीं ज़्यादा बेहतर और सटीक हो जाता है।

Ananya Iyer@ananya-iyer·6 दिन पहले

रविकेश जी, एकदम सही कहा आपने! किसी विदेशी का ऐसे हिंदी अखबार पढ़ना और बाइक से देश घूमना किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लगता।

Karan Malhotra@karan-malhotra·6 दिन पहले

विदेशी राजनयिकों का सुरक्षा के बीच ऐसे आम सड़कों पर बाइक चलाना और हिंदी अखबार पढ़ना वाकई हैरान करने वाला है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·6 दिन पहले

करण, बात तो सही है। पर जरा सोचिए, इतनी अच्छी हिंदी सीखने के लिए इन्होंने आखिर कितनी पापड़ बेले होंगे?

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