रूसी दूतावास के प्रेस सचिव पेट्र सिजोव ने भारत में अपने अनुभवों और स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव को लेकर खुलकर चर्चा की है। एक विशेष परिचर्चा के दौरान उन्होंने धाराप्रवाह हिंदी में बातचीत करते हुए बताया कि वह न केवल इस भाषा को अच्छी तरह समझते हैं, बल्कि नियमित रूप से हिंदी अखबार भी पढ़ सकते हैं।
मोटरसाइकिल से नापा भारत, समझी संस्कृति
पेट्र सिजोव ने देश के विभिन्न राज्यों में बाइक से की गई यात्राओं के संस्मरण साझा किए। उनका कहना था कि दोपहिया वाहन से अलग-अलग इलाकों का भ्रमण करने से उन्हें भारत की विविधता, यहां के जनजीवन और परंपराओं को बेहद करीब से देखने और महसूस करने का अनूठा अवसर मिला। आम लोगों से सीधे संवाद ने उनके इस सफर को और अधिक यादगार बना दिया।
भारत के साथ गहरा भाषाई और सांस्कृतिक जुड़ाव
शुभांगी शर्मा के साथ संवाद में रूसी राजनयिक ने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय भाषा पर पकड़ होने से किसी भी देश की जमीनी नब्ज को समझना बेहद आसान हो जाता है। DEFCON 2026 कार्यक्रम के दौरान सामने आई इस बातचीत में उन्होंने भारत में बिताए अपने समय, यहां के समाज और रोजमर्रा के अनुभवों को बेहद आत्मीय तरीके से रेखांकित किया।


















